2019 का आम चुनाव एक फूहड़ और घटिया कौमेडी शो के तौर पर याद किया जाएगा जिसमें तुक की कोई बात नहीं हो रही है. यह सारा चुनाव नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच सिमट कर रह गया है, जो हर्ज की बात नहीं  है. लेकिन ये दोनों ही नेता नितांत अप्रभावी और अपरिपक्व साबित हो रहे हैं. भाजपा की तरफ से नितिन गडकरी और कांग्रेस की तरफ से गुलाम नबी आजाद जैसे कुछ गिने चुने नेता ही हैं जिन्हें सही मायनों में बुद्धिजीवी और परिपक्व कहा जा सकता है नहीं तो तमाम नेता अपनी फूहड़ता दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं.

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