कबड्डी का खेल बड़ा दिलचस्प होता है. इसमें कौन किसकी टांग लाइन तक खींच रहा है, इसका सटीक अंदाजा तो कई बार तो रेफरी भी लगाने में गच्चा खा जाता है तो मैदान से दूर खड़े दर्शकों की विसात क्या जो धूल फांकते किसी के आउट होने या पकडे जाने पर तालियां पीटते रहते हैं. आधी दौड़ और आधी कुश्ती के मिश्रण वाले इस देहाती खेल को मध्यप्रदेश के कांग्रेसी इन दिनों पूरे दिलोदिमाग से खेल रहे हैं और जनता आखे मिचचिचाते फैसले का इंतजार कर रही है कि कोई फैसला हो तो घर को जाएं.

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