चोरी व लूट की वारदातें अब इतनी ज्यादा बढ़ गई हैं कि घर, बाहर व सफर में बराबर इन का डर बना रहता है. ज्यादातर लोग चोरी व लूट का मतलब व इन में अंतर नहीं जानते. सो, जब एक आम आदमी चोरी व लूट की रिपोर्ट पुलिस में लिखवाने जाता है तो वह बारीकी नहीं समझ पाता. ऐसे में ज्यादातर मामलों में चोरी व लूट की तहरीरें भी गुमशुदगी में लिखी जाती हैं. नतीजतन, दोषी बच कर साफ निकल जाते हैं. इस से वारदातों को बढ़ावा मिलता है.

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