अब से 2 महीने पहले तक पेशे से प्रोफेसर डाक्टर सुमेर सिंह सोलंकी को बड़बानी स्थित शहीद भीमा नायक गवर्नमेंट कालेज के उनके छात्र और स्टाफ के लोग ही जानते थे लेकिन जैसे ही भाजपा ने उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित किया तो इस नए नाम से चौंके लोगों की उत्सुकता और जिज्ञासा उनमें बढ़ी . जन्मपत्री खँगालने पर निष्कर्ष यह निकला कि उनके तार आरएसएस से जुड़े हैं और वे अनुसूचित जाति के यानि दलित हैं जिन्हे राज्यसभा भेजकर भगवा खेमा निमाड मालवा इलाकों में इस समुदाय के वोटों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है .

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