किसी भी देश की सामाजिक, राजनीतिक व्यवस्था  और न्याय क्षमता अक्सर वहां के नामी और प्रभावशाली लोगों के मामलों में अदालती फैसलों के दौरान दिखती है. हमारे यहां तो लगभग हर नेता दागी है और ये नेता-मंत्री खुद पर चल रहे अपराधिक मामलों को अपनी बहादुरी का तमगा बताकर चलते हैं. क्योंकि इन्हें पता है कि तारीख पर तारीख के सिद्धांत पर चलने वाली हमारी कानूनी प्रक्रिया में इन्हें सजा तो मिलनी नहीं है. उल्टा जेल से चुनाव लड़ने की सुविधा अलग से मिलती है.

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