Gen Z Movement: भारत में इन दिनों कौकरोच जनता पार्टी की चर्चा खूब है. इस के सोशल मीडिया समर्थक इसे भारत का जेनजी मूवमैंट बता रहे हैं. लाखों युवा सोशल मीडिया पर इस से जुड़ रहे हैं व शिक्षा, बेरोजगारी, पेपर लीक और महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं. इस मूवमैंट में छात्र, एक्टिविस्ट और विपक्षी पौलिटिकल पार्टियों के युवा शामिल हैं. पढ़ेलिखे जेनजी के बीच यह मूवमैंट काफी तेजी से फैला है. सवाल यह है कि क्या यह आंदोलन बंगलादेश या नेपाल जैसी राजनीतिक क्रांति ला सकता है?
कौकरोच जनता पार्टी को भारत का जेनजी मूवमैंट कहना ठीक है लेकिन इस मूवमैंट से बंगलादेश या नेपाल जैसी क्रांति की उम्मीद करना बेकार है क्योंकि जितने जेनजी पेपर लीक, महंगाई, बेरोजगारी या शिक्षा के गिरते स्तर के कारण कौकरोच जनता पार्टी से जुड़े हैं उस से कहीं ज्यादा जेनजी तो हिंदूमुसलिम वाली राजनीति का शिकार हो कर आरएसएस, बीजेपी का कैडर बने हुए हैं. असल में यह जेनजी मूवमैंट सिर्फ बीजेपी को ट्रोल करने के लिए है. इस से बीजेपी कमजोर होगी, ऐसा मानना जल्दबाजी होगी.
जेनजी के दिमाग पर धर्म और राष्ट्रवाद हावी
धर्म, राष्ट्रवाद और सोशल मीडिया पर हिंदुत्व की बातें युवाओं को ज्यादा डोपामीन देती हैं, इसलिए पेपर लीक वाला मूवमैंट पूरे जेनजी के लिए महत्त्वपूर्ण है ही नहीं. युवा समाज बंटा हुआ है. हालांकि युवाओं में बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को ले कर नाराजगी है लेकिन यह नाराजगी उन की धार्मिक पहचान से बड़ी नहीं है. यही बीजेपी के लिए सब से मजबूत आधार है, जहां कौकरोच जनता पार्टी फेल हो जाती है. ऐसे में कौकरोच जनता पार्टी सिर्फ बीजेपी को ट्रोल कर सकती है क्योंकि इस में औनलाइन गुस्सा है और संगठित ताकत या ग्राउंड सपोर्ट कम है.
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