युगे युगे फसाद की जड़ दाढ़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की श्वेतधवल दाढ़ी की वर्षगांठ जून में कभी पड़ेगी, इस का जश्न तो कोई कोरोना से हो रही मौतों के चलते मनाएगा नहीं, लेकिन दाढ़ी के एकवर्षीय इतिहास पर नजर डालें तो ये तथ्य सामने आते हैं- उन्होंने दाढ़ी बेवजह नहीं बढ़ाई थी, बल्कि कसम सी खाई थी कि अब दाढ़ी तभी कटेगी जब पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बन जाएगी. इस दाढ़ी के बढ़ते ही कोरोना आया और दाढ़ी के साथ बढ़ता गया. बढ़ती दाढ़ी और कोरोना के साथ उन की परेशानियां भी बढ़ती गईं.

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