लखनऊ की रहने वाली संयुक्ता भाटिया को भी राजनीति के जरीए समाजसेवा करनी थी. वे भारतीय जनता पार्टी महिला मोेरचा में थीं. 1989 में उन्हें लखनऊ की कैंट विधानसभा सीट से भाजपा ने विधायक का टिकट दिया. उस समय संयुक्ता भाटिया की 2 बेटियां मोना, शिवानी तथा बेटा प्रशांत छोटे थे. ऐसे में उन्होंने विधानसभा का चुनाव लड़ने से मना कर दिया. कैंट विधानसभा में संयुक्ता भाटिया का अपना प्रभाव था. वे पूरे क्षेत्र में लोकप्रिय थीं. ऐसे में जब संयुक्ता ने चुनाव लड़ने से मना किया तो पार्टी को उन के पति सतीश भाटिया को विधायक का टिकट देना पड़ा. सतीश भाटिया ने विधानसभा का चुनाव लड़ा और विधायक बन गए. संयुक्ता भाटिया पार्टी के साथ काम करती रहीं.

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