तुम तो मर्यादा पुरुषोत्तम हो

तुम ने सरेआम

सीता की अग्निपरीक्षा ले कर

क्या सीता की मर्यादा पर

प्रश्नचिह्न नहीं लगाया?

तुम क्या साबित करना चाहते थे

क्या जनता की आंखों के

प्रश्नभरे बाणों से बचना चाहते थे

या कहीं न कहीं स्वयं को भी

आश्वस्त करना चाहते थे?

माना कि लोगों ने सीता के

सतीत्व पर प्रश्नचिह्न लगाया

पर वे तो पराए थे

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