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विनोद मेहरा के बेटे की डेटिंग

स्वर्गीय अभिनेता विनोद मेहरा और किरण मेहरा के बेटे रोहन मेहरा एक तरफ अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने की तैयारी कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ डेटिंग की खबरों को लेकर सुर्खियों में हैं. रोहन मेहरा को फिल्मकार निखिल आडवाणी अपनी नई फिल्म में बतौर हीरो पेश करने वाले हैं.

मगर चर्चाएं गर्म हैं कि रोहन मेहरा पिछले डेढ वषों से करण जौहर की आगामी फिल्म ‘‘स्टूडेंट आफ द ईयर 2’’ से अभिनय करियर की शुरुआत करने वाली अदाकारा तारा सुतारिया के संग डेटिंग कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार रोहन मेहरा और तारा सुतारिया की पहली मुलाकात 2015 में एक प्रायवेट पार्टी में हुई थी. दोनों की दोस्ती हुई और एक माह बाद ही दोनों की डेटिंग शुरू हो गयी थी.

सूत्रों का दावा है कि रोहन मेहरा की मां किरण मेहरा ने भी इस रिश्ते को हरी झंडी दे दी. इसी के चलते तारा सुतारिया ने 2016 की दिवाली रोहन मेहरा व किरण मेहरा के घर पर ही मनाई थी. उसके बाद जब तारा सुतारिया का 21 वां जन्मदिन आया, तो रोहन मेहरा ने उसके लिए पूरा पब बुक कराया था. सूत्रों की मानें तो रोहन मेहरा और तारा सुतारिया हाल ही में 2017 के नव वर्ष का जश्न लंदन में मनाकर वापस लौटें हैं.

बौलीवुड में जब से यह बात उजागर हुई है, तब से लोग बड़ा आश्वर्य व्यक्त कर रहे हैं. हर किसी का मानना है कि वर्तमान युवा पीढ़ी सबसे पहले अपना करियर बनाती है, उसके बाद प्यार के चक्कर मे पड़ती है. मगर रोहन मेहरा और तारा को अपने करियर की कोई परवाह ही नहीं है. लोग सबसे ज्यादा रोहन मेहरा पर उंगली उठा रहे हैं. क्योंकि निखिल आडवाणी ने अभी तक रोहन मेहरा की फिल्म की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. जबकि तारा सुतारिया तो डिजनी चैनल पर काम कर स्टार बन चुकी हैं. अब करण जौहर उन्हें अपनी फिल्म ‘स्टूडेंट आफ द ईयर’ की सिक्वअल ‘स्टूडेंट आफ द ईयर 2’ से जोड़ने का ऐलान कर चुके हैं.

पर बौलीवुड का एक तबका मानता है कि आज की युवा पीढ़ी अपनी मन मर्जी से ही काम करती है. उसे समझाने से कोई फायदा नहीं.

क्या ओम पुरी की मौत का सच सामने आएगा

उत्कृष्ट अभिनेता ओम पुरी का जीवन हमेशा विवादों में रहा है. अपनी मुंहफट बातों के चलते भी विवादों में घिरते रहे हैं. तो वहीं दो असफल शादियों व एक बेटे के पिता होने के बावजूद वह लंबे समय से अकेले ही जिंदगी जी रहे थे. उन्हे अपने बेटे के भविष्य की चिंता थी, पर  वह कुछ कर नहीं पाए. अब मौत के बाद उनकी मौत भी विवादों में है.

शुक्रवार की सुबह हार्ट अटैक से उनकी मौत की खबर आयी थी. मगर पोस्टमार्टम के बाद उनकी मौत संदिग्ध हो गयी. फिलहाल पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का केस दर्ज कर उनका विसरा वगैरह जांच के लिए भेजा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनके सिर पर डेढ़ इंच गहरा घाव था. अब खबर आ रही है कि पुलिस को ओमपुरी का मृत शरीर उनके घर के अंदर किचन के दरवाजे पर अर्धनग्न अवस्था में मिला था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ओमपुरी की दूसरी पूर्व पत्नी नंदिता पूरी ने ओमपुरी के ड्रायवर और उनके सेक्रेटरी के अलावा फिल्म निर्माता खालिद किदवई पर आरोपों की झड़ी लगा दी है.

पुलिस ने फिल्म निर्माता खालिद किदवई से लंबी पूछताछ की है. क्योंकि मौत से पहले ओम पुरी काफी लंबे समय तक खालिद के साथ ही रहे थे. खालिद के बयानों के अनुसार खालिद, ओम पुरी के घर उनसे अपनी फिल्म की शूटिंग को लेकर बात करने गुरुवार की शाम को गए थे. पर ओम पुरी उन्हें लेकर नंदिता पुरी के घर गए. क्योंकि वह अपने बेटे इशान से मिलना चाहते थे. जहां नंदिता पुरी और ओम पुरी के बीच काफी गर्मागर्म बहस हुई. फिर बाहर कार में बैठकर ओम पुरी ने अपने बेटे इशान को फोन किया. तो वह किसी पार्टी में था. ओम पुरी ने बाद में कार में बैठकर शराब पी. उसके बाद वह लोग मनोज पाहवा के घर गए. खालिद घर से बाहर कार में बैठे रहे. ओम पुरी अकेले मनोज पाहवा के घर गए थे.

मनोज पाहवा के घर से बाहर निकलने के बाद ओम पुरी ने ही खालिद को बताया कि उनके घर पर किसी से पैसों को लेकर उनकी कहा सुनी हुई. उसके बाद खालिद ने उन्हें उनके घर छोड़ दिया था. सुबह सुबह खालिद को ही सबसे पहले उनकी मौत के बारे में पता चला. क्योंकि रात में ओम पुरी अपना पर्स खालिद की कार में भूल गए थे. इसलिए खालिद ने ओम पुरी के ड्रायवर को इस बात की जानकारी देने के लिए फोन किया था. तब ड्रायवर ने ही उन्हें बताया कि ओम पुरी दरवाजा नहीं खोल रहे हैं.

पुलिस का तर्क यह है कि हो सकता है कि ओम पुरी स्नान करने के बाद किचन में कुछ खाने का सामान लेने गए हों और तभी हार्ट अटैक की वजह से गिरे हो और सिर में चोट लग गयी हो. तो वहीं ओम पुरी के एक करीबी की बात माने तो कुछ दिन पहले ही ओम पुरी अपने घर में गिरे थे, तब उनके सिर में चोट लगी थी. पर नंदिता पुरी इस सच को मानने को तैयार नहीं है. उधर ओम पुरी की पहली पत्नी सीमा कपूर, जो कि उन्हें लेकर अपने निर्देशन में फिल्म ‘मि.कबाड़ी’ बना रही हैं, के अनुसार ओम पुरी से उनका शराब को लेकर झगड़ा हुआ करता था. वह बार बार समझाती थी कि शराब छोड़ दो. लेकिन ओम पुरी ने कुछ दिन पहले ही पूरे शरीर का डाक्टरी चेकअप करवाया था. सब कुछ सही निकला था. तब उन्होंने कहा था कि उन्हे शराब से कुछ नुकसान नही हो रहा. वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं.

ओम पुरी की अधूरी इच्छाएं

इतना ही नहीं अब तो खबर यह भी आ रही है कि ओम पुरी फिल्मों से दूरी बनाकर राजस्थान के झालावार शहर में रहने की योजना बना रहे थे. उन्होंने 2012 में ही झालावार में दो मंजिला मकान खरीदा था, जिसका गृहप्रवेश भी किया था. वह अक्सर अपने इस मकान में जाया करते थे. ओम पुरी के एक मित्र फरहात खान का दावा है कि ओम पुरी को झालावार शहर बहुत पसंद था. दिसंबर 2016 में भी वह अपने इस मकान में गए थे. उन्होंने फरहात खान से कहा था कि वह अपने बुढ़ापे के दिन इसी जगह बिताना चाहते हैं.

इसके अलावा वह अपने बेटे इशान का भी ईलाज करवाना चाहते थे. इस सिलसिले में उन्होंने कुछ डाक्टरों से बात की थी और वह उसे लेकर विदेश जाना चाहते थे, पर यह इच्छा भी अधूरी रह गयी.

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाले भारतीय बल्लेबाज

वनडे और टी20 क्रिकेट के आने के बाद क्रिकेट में छक्कों की अहमियत बढ़ गई है. वनडे में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड जहां शाहिद अफरीदी(354) के नाम है. वहीं अंतरराष्ट्रीय टी20 में यह रिकॉर्ड क्रिस गेल(98) के नाम है.

टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो ब्रेंडन मैकलम 107 छक्कों के साथ शीर्ष पर हैं. वहीं भारत की ओर से वनडे और टी20 में सर्वाधिक छक्के जड़ने का रिकॉर्ड क्रमशः एमएस धोनी(197) और युवराज सिंह(71) के नाम है. लेकिन इस बीच सवाल उठता है कि टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की ओर से सर्वाधिक छक्के जड़ने का रिकॉर्ड किन बल्लेबाजों के नाम है.

वीरेंद्र सहवाग

भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग टेस्ट में भारत की ओर से छक्के जड़ने के मामले में पहले नंबर पर हैं. सहवाग ने साल 2001 से 2013 के बीच अपने टेस्ट करियर में कुल 104 मैच खेले और 180 पारियों में बल्लेबाजी की और इस दौरान उन्होंने कुल 91 छक्के जड़े. सहवाग के नाम टेस्ट में 49.34 की औसत से 8,586 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है.

सहवाग के नाम दो तिहरे शतक हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 319 है जो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ साल 2008 में बनाया था. इसके अलावा सहवाग ने 1,233 चौके भी जड़े.

एमएस धोनी

एमएस धोनी वनडे में भारत की ओर से सर्वाधिक 197 छक्के जड़ने वाले बल्लेबाज हैं. वहीं टेस्ट में वह भारत की ओर से सर्वाधिक छक्के जड़ने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं. धोनी ने साल 2005 से 2014 तक टेस्ट क्रिकेट खेली और इस दौरान कुल 90 टेस्ट मैचों में उन्होंने 38.09 की औसत से 4,876 रन बनाए और 78 छक्के जड़े. इसके अलावा उन्होंने 544 चौके भी जड़े. धोनी के नाम टेस्ट में 6 शतक हैं. इसके अलावा उनका सर्वोच्च स्कोर 224 रहा है.

सचिन तेंदुलकर

भारतीय टीम के शिखर पुरुष सचिन तेंदुलकर ने साल 1989 से 2013 तक टीम इंडिया के लिए क्रिकेट खेली. इस दौरान उन्होंने 200 टेस्ट मैच खेले. इतने मैचों की 329 पारियों में उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए कुल 70 छक्के जड़े. इसके अलावा उन्होंने 2,058 चौके जड़े.

आपको बता दें कि सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 15,921 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है. इसके अलावा उनके नाम टेस्ट में 51 शतक जड़ने का रिकॉर्ड है. ये ऐसे रिकॉर्ड हैं जिनका निकट भविष्य में टूटना मुमकिन दिखाई नहीं देता. सचिन तेंदुलकर का टेस्ट में सर्वोच्च स्कोर 248 नॉट आउट है जो उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था.

कपिल देव

भारत के सफलतम ऑलराउंडर व पूर्व कप्तान कपिल देव ने साल 1978 से 1994 तक क्रिकेट खेली. इस दौरान उन्होंने 131 टेस्ट मैच खेले और 61 छक्के जड़े. कपिल ने इस दौरान 184 पारियों में बल्लेबाजी की. कपिल के नाम टेस्ट में 5,284 रन दर्ज हैं जो उन्होंने 31.05 की औसत से बनाए हैं. इसके अलावा उन्होंने 557 चौके भी जड़े. कपिल के नाम टेस्ट में कुल 8 शतक दर्ज हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 163 रन है.

सौरव गांगुली

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान व दिग्गज बल्लेबाज सौरव गांगुली टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सर्वाधिक छक्के जड़ने के मामले में पांचवें नंबर पर हैं. गांगुली ने साल 1996 से 2008 के बीच कुल 113 मैचों की 188 पारियों में कुल 57 छक्के जड़े. इसके अलावा उन्होंने 900 चौके भी जड़े. आपको बता दें कि गांगुली ने अपने टेस्ट करियर में कुल 7,212 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 16 शतक जड़े. वहीं उन्होंने 239 रनों की पारी खेली. सौरव गांगुली को टीम इंडिया के बेहतरीन कप्तानों में एक माना जाता है.

हरभजन सिंह

भारत की ओर से छठवें नंबर पर सर्वाधिक छक्के जड़ने का रिकॉर्ड हरभजन सिंह के नाम है. हरभजन सिंह टेस्ट में 42 छक्के जड़ चुके हैं.

नवजोत सिंह सिद्धू

सातवें नंबर पर नवजोत सिंह सिद्धू हैं. सिद्धू के नाम टेस्ट में 38 छक्के हैं.

रोहित शर्मा

भले ही रोहित शर्मा ने अब तक 21 टेस्ट खेले हों लेकिन वह अब तक 25 छक्के जड़ चुके हैं.

यूं सेट करें माउस की स्पीड

कंप्यूटर यूज करते वक्त कुछ लोगों को उनके माउस की स्पीड कम लगती है वहीं कुछ लोगों को माउस की स्पीड ज्यादा लगती है. पर आप अपनी इच्छा अनुसार अपनी माउस की स्पीड को सेट कर सकते हैं.

कंप्यूटर पैनल से सेट करें माउस की स्पीड

– कंप्यूटर के स्टार्ट बटन पर क्लिक करें और कंप्यूटर पैनल पर जायें.

–  अगर आप विंडोज-7 यूजर हैं तो माउस ऑप्शन पर जायें. इसके बाद माउस का डायलॉग बॉक्स खुलेगा.

– माउस की स्पीड कम या ज्यादा करने के लिए ‘प्वाइंटर ऑप्शन’ पर क्लिक करें. – – यहां आपको ‘सिलेक्ट प्वाइंटर स्पीड’ मिलेगी. ‘स्लो’ की तरफ करने से माउस का प्वाइंटर (कर्सर) धीमा हो जाएगा जबकि ‘फास्ट’ की तरफ बढ़ाने से माउस का प्वाइंटर तेजी से काम करने लगेगा.

– अगर आप टाइपिंग के दौरान प्वाइंटर नहीं देखना चाहते हैं तो बॉक्स में नीचे की तरफ दिए गए ‘हाइड प्वाइंटर व्हाइल टाइपिंग’ को अनचेक कर दें.

ऐसे सेट करें डबल क्लिक

आप किसी भी फोल्डर को ओपन करने के लिए उस पर ‘डबल क्लिक’ करते हैं. पर ये दो क्लिक का समय भी कम या ज्यादा किया जा सकता है. हम लोग तो फटाफट कंप्यूटर पर काम कर लेते हैं पर सीनियर सिटिजन्स कंप्यूटर का तेजी से इस्तेमाल नहीं कर पाते. कंप्यूटर के किसी फोल्डर को खोलने के लिए वे तेजी से ‘डबल क्लिक’ नहीं कर पाते हैं. उनकी सुविधा के लिए डबल क्लिक के स्पीड को कम किया जा सकता है.

डबल क्लि के स्पीड को कंट्रोल करने के लिए:

– माउस के डायलॉग बॉक्स के अंदर ‘बटन्स’ कैटेगरी को सेलेक्ट करें.

– इसमें ‘स्लो’ की तरफ करने से फोल्डर पर धीरे-धीरे दो बार क्लिक करने से फोल्डर खोला जा सकता है.

– ‘फास्ट’ की तरफ बढ़ाने से फोल्डर खोलने के लिए फोल्डर पर तेजी से दो बार क्लिक करना होगा.

तन से पहले मन के तार जोड़ें

4 सहेलियां कुछ अरसे बाद मिली थीं. 2 की जल्दी शादी हुई थी तो 2 कुछ बरसों का वैवाहिक जीवन बिता चुकी थीं. ऐसा नहीं कि उन में और किसी विषय पर बात नहीं हुई. बात हुई, लेकिन बहुत जल्द ही वह पहली बार के अनुभव पर आ टिकी. पहली सहेली ने पूछा, ‘‘तुम फोन पर ट्रेन वाली क्या बात बता रही थी? मेरी समझ में नहीं आई.’’

दूसरी बोली, ‘‘चलो हटो, दोबारा सुनना चाह रही हो.’’

तीसरी ने कहा, ‘‘क्या? कौन सी बात? हमें तो पता ही नहीं है. बता न.’’

दूसरी बोली, ‘‘अरे यार, कुछ नहीं. पहली रात की बात बता रही थी. हनीमून के लिए गोआ जाते वक्त हमारी सुहागरात तो ट्रेन में ही मन गई थी.’’

तीसरी यह सुन कर चौंकी, ‘‘हाउ, रोमांटिक यार. पहली बार दर्द नहीं हुआ?’’

दूसरी ने कहा, ‘‘ऐसा कुछ खास तो नहीं.’’

तीसरी बोली, ‘‘चल झूठी, मेरी तो पहली बार जान ही निकल गई थी. सच में बड़ा दर्द होता है. क्यों, है न? तू क्यों चुप बैठी है? बता न?’’

चौथी सहेली ने कहा, ‘‘हां, वह तो है. दर्द तो सह लो पर आदमी भी तो मनमानी करते हैं. इन्होंने तो पहली रात को चांटा ही मार दिया था.’’

बाकी सभी बोलीं, ‘‘अरेअरे, क्यों?’’

चौथी ने बताया, ‘‘वे अपने मन की नहीं कर पा रहे थे और मुझे बहुत दर्द हो रहा था.’’ पहली बोली, ‘‘ओह नो. सच में दर्द का होना न होना, आदमी पर बहुत डिपैंड करता है. तुम विश्वास नहीं करोगी, हम ने तो शादी के डेढ़ महीने बाद यह सबकुछ किया था.’’ दूसरी और तीसरी बोलीं, ‘‘क्यों झूठ बोल रही हो?’’

पहली सहेली बोली, ‘‘मायके में बड़ी बहनों ने भी सुन कर यही कहा था, उन्होंने यह भी कहा कि लगता है मुझे कोई धैर्यवान मिल गया है, लेकिन मेरे पति ने बताया कि उन्होंने शादी से पहले ही तय कर लिया था कि पहले मन के तार जोडं़ूगा, फिर तन के. ‘‘मुझे भी आश्चर्य होता था कि ये चुंबन, आलिंगन और प्यार भरी बातें तो करते थे, पर उस से आगे नहीं बढ़ते थे. बीच में एक महीने के लिए मैं मायके आ गई. ससुराल लौटी तो हम मन से काफी करीब आ चुके थे. वैसे भी मैं स्कूली दिनों में खूब खेलतीकूदती थी और साइकिल भी चलाती थी. पति भी धैर्य वाला मिल गया. इसलिए दर्द नहीं हुआ. हुआ भी तो जोश और आनंद में पता ही नहीं चला.’’

पतिपत्नी के पहले मिलन को ले कर अनेक तरह के किस्से, आशंकाएं और भ्रांतियां सुनने को मिलती हैं. पुरुषों को अपने सफल होने की आशंका के बीच यह उत्सुकता भी रहती है कि पत्नी वर्जिन है या नहीं. उधर, स्त्री के मन में पहली बार के दर्द को ले कर डर बना रहता है. आजकल युवतियां घर में ही नहीं बैठी रहतीं. वे साइकिल चलाती हैं, खेलकूद में भाग लेती हैं, घरबाहर के बहुत सारे काम करती हैं. ऐक्सरसाइज करती हैं, नृत्य करती हैं. ऐसे में जरूरी नहीं कि तथाकथित कुंआरेपन की निशानी यानी उन के यौनांग के शुरू में पाई जाने वाली त्वचा की झिल्ली शादी होने तक कायम ही रहे. कई तरह के शारीरिक कार्यों के दौरान पैरों के खुलने और जननांगों पर जोर पड़ने से यह झिल्ली फट जाती है, इसलिए जरूरी नहीं कि पहले मिलन के दौरान खून का रिसाव हो ही. रक्त न निकले तो पुरुष को पत्नी पर शक नहीं करना चाहिए.

अब सवाल यह उठता है कि जिन युवतियों के यौनांग में यह झिल्ली विवाह के समय तक कायम रहती है, उन्हें दर्द होता है या नहीं. दर्द का कम या ज्यादा होना झिल्ली के होने न होने और पुरुष के व्यवहार पर निर्भर करता है. कई युवतियों में शारीरिक कार्यों के दौरान झिल्ली पूरी तरह हटी हो सकती है तो कई में यह थोड़ी हटी और थोड़ी उसी जगह पर उलझी हो सकती है. कई में यह त्वचा की पतली परत वाली होती है तो कई में मोटी होती है. स्थिति कैसी भी हो, पुरुष का व्यवहार महत्त्वपूर्ण होता है. जो पुरुष लड़ाई के मैदान में जंग जीतने जैसा व्यवहार करते हैं, वे जोर से प्रहार करते हैं, जो स्त्री के लिए तीखे दर्द का कारण बन जाता है. ऐसे पुरुष यह भी नहीं देखते कि संसर्ग के लिए राह पर्याप्त रूप से नम और स्निग्ध भी हुई है या नहीं. उन के कानों को तो बस स्त्री की चीख सुनाई देनी चाहिए और आंखों को स्त्री के यौनांग से रक्त का रिसाव दिखना चाहिए. ऐसे पुरुष, स्त्री का मन नहीं जीत पाते. मन वही जीतते हैं जो धैर्यवान होते हैं और तन के जुड़ने से पहले मन के तार जोड़ते हैं व स्त्री के संसर्ग हेतु तैयार होने का इंतजार करते हैं.

भले ही आप पहली सहेली के पति की तरह महीना, डेढ़ महीना इंतजार न करें पर एकदम से संसर्ग की शुरुआत भी न करें. पत्नी से खूब बातें करें. उस के मन को जानने और अपने दिल को खोलने की कोशिश करें. पर्याप्त चुंबन, आलिंगन करें. यह भी देखें कि पत्नी के जननांग में पर्याप्त गीलापन है या नहीं. दर्द के डर से भी अकसर गीलापन गायब हो जाता है. ऐेसे में किसी अच्छे लुब्रीकैंट, तेल या घी का इस्तेमाल करना सही रहता है. शुरुआत में धीरेधीरे कदम आगे बढ़ाएं. इस से आप को भी आनंद आएगा और पत्नी को दर्द भी कम होगा.

कई युवतियों के लिए सहवास आनंद के बजाय दर्द का सबब बन जाता है. ऐसा कई कारणों से होता है, जैसे : कुछ युवतियों में वल्वा यानी जांघों के बीच का वह स्थान जो हमें बाहर से दिखाई देता है और जिस में वेजाइनल ओपनिंग, यूरिथ्रा और क्लीटोरिस आदि दिखाई देते हैं, की त्वचा अलग प्रकार की होती है, जो उन्हें इस क्रिया के दौरान पीड़ा पहुंचाती है. त्वचा में गड़बड़ी से इस स्थान पर सूजन, खुजली, त्वचा का लाल पड़ जाना और दर्द होने जैसे लक्षण उभरते हैं. त्वचा में यह समस्या एलर्जी की तरह होती है और यह किसी साबुन, मूत्र, पसीना, मल या पुरुष के वीर्य के संपर्क में आने से हो सकती है.

सहवास के दौरान दर्द होने पर तुरंत डाक्टर को दिखाना चाहिए. सहवास से पहले पर्याप्त लुब्रीकेशन करना चाहिए. पुरुष को यौनांग आघात में बल का प्रयोग नहीं करना चाहिए. वही काम मुद्राएं अपनानी चाहिए जिन में स्त्री को कम दर्द होता हो. इस से भी जरूरी बात यह है कि पहले मन के तार जोडि़ए. ये तार जुड़ गए तो तन के तार बहुत अच्छे और स्थायी रूप से जुड़ जाएंगे.    – सहवास के दौरान पर्याप्त लुब्रीकेशन न होने से भी महिला को दर्द का एहसास हो सकता है.

– महिला यौनांग में यीस्ट या बैक्टीरिया का इन्फैक्शन भी सहवास में दर्द का कारण बनता है.

– एक बीमारी एंडोमेट्रिआसिस होती है, जिस में गर्भाशय की लाइनिंग शरीर के दूसरे हिस्सों में बनने लगती है. ऐसा होने पर भी सहवास दर्दनाक हो जाता है.

– महिला के यौनांग की दीवारों के बहुत पतला होने से भी दर्द होता है.

– यूरिथ्रा में सूजन आ जाने से भी सहवास के दौरान दर्द होता है.

धोनी से जुड़ी इन बातों को जानते हैं आप

हाल ही में भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सफलतम कप्तानों में शुमार और मौजूदा सीमित ओवर और टी20 के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कप्तानी से इस्तीफा दिया. 9 साल तक बतौर कप्तान उन्होंने क्रिकेट फैन्स को ऐसे तमाम मोमेंट्स दिए, जिसे शायद ही कोई भूल पाए. चाहें वो 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जिताना हो या फिर कप्तान बनते ही 2007 में टीम इंडिया को टी20 का वर्ल्ड चैम्पियन बनाना.

धोनी ने अचानक यह फैसला क्यों लिया इस पर ना तो बीसीसीआई ने कुछ कहा है और ना ही धोनी की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है.

लेकिन कप्तानी छोड़ने के उनके फैसले को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है. क्रिकेट के जानकार उनके इस फैसले के पीछे कई कारण गिना रहे हैं. उनके इस्तीफे पर राजनीति की जा रही है. धोनी के कप्तानी छोड़ने के पीछे क्या राज है यह तो वक्त ही बताएगा. तब तक जानिए उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्‍प बातें.

क्यों कहलाते हैं कैप्टन कूल

सबसे लोकप्रि‍य और सबसे ज्यादा चर्चित भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ही हैं. टीम की हार हो या जीत, धोनी शांत ही रहते हैं. तभी तो कहलाते हैं कैप्टन कूल. सिर्फ इतना ही नहीं और भी कई बातें हैं, जो उन्हें एक अलग ही लीग में रखती हैं.

बाईक, एसयूवी और कुत्तों के जबरदस्त फैन

बाईक्स के लिए धोनी का प्यार किसी से छिपा नहीं है. धोनी के पास करीब 23 बाइक्स हैं. हार्ले डेविडसन से लेकर डुकाटी तक. कारों में उनके पास हमर एच2, ऑडी क्यू7 हैं. वे सिर्फ इनका कलेक्शन ही नहीं करते, रांची में अक्सर उन्हें इसकी सवारी करते देखा जा सकता है. सिर्फ गाड़ियां ही उनकी पसंदीदा नहीं, उनके दो पालतू कुत्ते लैब्रेडोर 'जारा' और एल्शेशियन 'सैम' के फोटो वे कई बार ट्वीट कर चुके हैं.

हेलिकॉप्टर शॉट

ये शॉट धोनी के ही नाम है. उन्होंने ही इसे इजाद किया. पैर के पास गिरती बॉल पर वे जबरदस्त प्रहार करते हैं, अपने बल्ले को हेलिकॉप्टर के पंखें की तरह घुमाकर. वे बताते हैं कि वे इस शॉट को अपने क्रिकेट के शुरुआती दौर से खेलते आ रहे हैं. हालांकि वे कहते हैं कि यह शॉट जितना आसान दिखता है, उतना है नहीं. जरा भी चूक होने पर पैर या पंजा चोट खा सकता है.

धोनी की कप्तानी में जीते वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्राफी और T-20 वर्ल्ड कप

धोनी अकेले ऐसे कप्तान हैं जिनकी कप्तानी के दौरान भारतीय टीम ने ICC की तीनों लिमिटेड ऑवर्स वाली ट्रॉफियां (वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्राफी और T-20 वर्ल्ड कप) जीती हैं.

सर्वकालिक सफल भारतीय कप्तान

उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में कई रिकॉर्ड तोड़े. वे 22 टेस्ट जीतकर सौरव गांगुली से ऊपर भारत के सबसे सफल कप्तान कहलाए. सौरव ने भी उन्हें भारत का सबसे सफल कप्तान बताया. वे एकदिवसीय मैचों के मामले में भारत के सबसे सफल कप्तान हैं.

क्रिकेट में ज्यादा रुचि नहीं

शुरुआत में धोनी क्रिकेट को लेकर ज्यादा सीरियस नहीं थे. उनका मन बैडमिंटन और फुटबॉल में ज्यादा लगता था. वे इन खेलों की क्लब और जिलास्तरीय टीम में सेलेक्ट भी हुए. वे गोलकीपिंग किया करते थे. उन्हें उनके कोच ने एक मैच में क्रिकेट खेलने के लिए भेज दिया, जबकि वे इस खेल के बारे में कुछ जानते भी नहीं थे. लेकिन उनकी विकेट कीपिंग ने कई लोगों को आकर्षित किया.

लंबे बाल छोटे क्यों किए?

ये सभी जानते हैं कि कभी धोनी के बाल काफी बड़े हुआ करते थे, लेकिन उन्होंने उसे कटवा लिया. हालांकि ऐसा न करने की गुजारिश पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने खुले तौर पर की थी. धोनी ने इस बारे में एक बार कहा था कि उन्होंने ऐसा बॉलीवुड स्टार जॉन अब्राहम की तरह दिखने के लिए किया. बाद में उन्होंने बताया कि ऐसा उन्होंने पत्नी साक्षी के कहने पर किया.

टिकट कलेक्टर की नौकरी

1998 में धोनी बिहार की अंडर-19 क्रिकेट टीम का हिस्सा थे. उनकी टीम पंजाब के खिलाफ हार गई, लेकिन उनका प्रदर्शन सराहा गया. इसी के आधार पर उन्हें बिहार रणजी टीम में शामिल कर लिया गया. इसी दौरान उन्हें रेलवे में टिकट कलेक्टर की नौकरी मिली और खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर पोस्टिंग. परिवार की मदद के लिए उन्होंने 2001 से 2003 तक यह नौकरी की. 2003 और 2004 में उनकी अच्छी परफॉर्मेंस के चलते वे इंडिया-ए टीम में और उसके बाद इंडिया टीम में. आगे जो है, सब मिसाल है, सबकी जुबां पर.

किशोर कुमार के फैन

अगर गानों की बात करें तो धोनी किशोर कुमार के बहुत ही बड़े फैन हैं. किशोर कुमार के गानें उनके ऑल टाईम फेवरिट हैं. म्यूजिक के फैन धोनी मशहूर गायक कैलाश खेर के साथ अपना बर्थडे शेयर करते हैं.

मेरी पत्नी सैक्स संबंधों में सहयोग नहीं करती. आप बताइए, मैं क्या करूं.

सवाल

मैं 45 वर्षीय विवाहित पुरुष हूं और पत्नी की उम्र 40 वर्ष है. समस्या यह है कि मेरी पत्नी सैक्स संबंधों में सहयोग नहीं करती. वह कहती है, अब उस की सैक्स संबंध बनाने में रुचि नहीं है. साथ ही, कहती है कि उम्र ज्यादा हो गई है. जबकि उस का मासिकधर्म भी नियमित है. आप बताइए, मैं क्या करूं?

जवाब

आप अपनी पत्नी को समझाइए कि सैक्स का उम्र से कोई लेनादेना नहीं होता. वैसे भी, उन की उम्र ज्यादा नहीं है. आजकल इस उम्र में तो लोग वैवाहिक बंधन में बंध रहे हैं. हो सकता है आप की पत्नी के साथ हार्मोनल बदलाव के कारण ऐसा हो रहा हो. आप अपनी पत्नी को किसी स्त्रीरोग विशेषज्ञ को दिखाएं और उस के दिशानिर्देशों का पालन करें. आप की समस्या का समाधान हो जाएगा.

 

अगर आप भी इस समस्या पर अपने सुझाव देना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट करें और अपनी राय हमारे पाठकों तक पहुंचाएं.

 

युवकों से वर्जिनिटी क्यों नहीं पूछते

हर युवक या बौयफ्रैंड अपने लिए वर्जिन युवती या गर्लफ्रैंड ही चाहता है. भले ही वह खुद कितनी ही युवतियों की वर्जिनिटी भंग कर चुका हो. साथ ही यह माना जाता है कि यदि युवती वर्जिन है तो ही वह चरित्रवान है, लेकिन युवक के लिए ऐसी कोई शर्त ही नहीं है. उसे तो हमेशा ही वर्जिन माना गया है. आखिर वर्जिनिटी क्या है? युवक क्यों देते हैं इसे इतनी अहमियत? इस का युवती के चरित्र से क्या संबंध? ऐसे बहुत सारे सवालों के जवाब और गलतफहमियों को समझने की जरूरत है. पिछले साल की बहुचर्चित फिल्म ‘पिंक’ में जब वकील कोर्ट में खुलेआम तापसी पन्नू के किरदार से सवाल करता है कि उस की वर्जिनिटी कब खोई थी, तो वहां सन्नाटा पसर जाता है. भारत में युवकयुवती का फर्क सिर्फ लिंगभेद तक ही सीमित नहीं रहता  बल्कि वर्जिनिटी के सवाल को ले कर भी है.

सैक्स और वर्जिनिटी

गर्लफ्रैंड जब अपने बौयफ्रैंड से मिलती है तो जाहिर है कि आज की जनरेशन सैक्स से परहेज नहीं करती. इसलिए दोनों में उन्मुक्त सैक्स होता है और पारंपरिक रोमांस भी, जब तक दोनों का अफेयर चलता है, कायदे से दोनों ही अपनी वर्जिनिटी खो चुके होते हैं. बौयफ्रैंड चाहे कितनी ही बार सैक्स कर ले, कितनी ही युवतियों का दिल तोड़े, उस से कभी उस की वर्जिनिटी को ले कर सवाल नहीं पूछा जाता. युवती की शादी में भी कई सवाल पूछे जाते हैं, लेकिन युवक वर्जिन है या नहीं, इस सवाल को कोई नहीं उठाता. वहीं युवती का हर दूसरा बौयफ्रैंड यही उम्मीद रखता है कि उस की गर्लफ्रैंड वर्जिन हो यानी उस ने किसी के साथ सैक्स न किया हो. भले ही युवक ने अपनी ऐक्स गर्लफ्रैंड के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए हों पर युवती उसे वर्जिन चाहिए.

युवक भी वर्जिन होते हैं

कालेज और क्लास में अकसर स्टूडैंट्स के बीच आम बहस का टौपिक होता है कि उन की गर्लफ्रैंड या क्लासमेट ने अपनी वर्जिनिटी कब खोई थी. बड़े दिलचस्प अंदाज में युवक अंदाजा लगाते हैं कि फलां युवती वर्जिन है या नहीं. अपनी गर्लफ्रैंड बनाने की पहली प्राथमिकता भी वह एक वर्जिन युवती को ही देते हैं, लेकिन वे खुद के गिरेबान में कभी झांक कर नहीं देखते कि वे वर्जिन कहां हैं? अमिताभ बच्चन इस विषय पर अपनी राय रखते हुए कहते हैं कि अगर युवतियों से उन की वर्जिनिटी, कौमार्य या कुंआरेपन को ले कर सवाल पूछे जाते हैं तो युवकों से भी ये सवाल पूछे जाने चाहिए. इस में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए. वे आगे कहते हैं कि अगर किसी युवती से कुछ पूछा जाता है तो उस पर सवालिया निशान लगता है जैसे उस ने कोई गलत काम कर दिया है, लेकिन जब युवकों का मामला हो तो सवाल विस्मयादिबोधक चिह्न के साथ आता है जैसे उन्होंने कोई महान काम कर दिया हो.

वर्जिनिटी टैस्ट में फेल तो…

आएदिन अखबारों में इस तरह की खबरें पढ़ने को मिल जाती हैं, जहां वर्जिनिटी टैस्ट करने के नाम पर युवती की शादी टूट जाती है या फिर उसे प्रताडि़त किया जाता है. गर्लफ्रैंड और बौयफ्रैंड के रिश्ते भी इसी बात के आधार पर टूट जाते हैं. पिछले दिनों यह खबर आई थी कि महाराष्ट्र के नासिक में एक पति ने शादी के 2 दिन बाद ही अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिए छोड़ दिया, क्योंकि वह वर्जिनिटी टैस्ट में फेल हो गई. इतना ही नहीं युवती वर्जिन है या नहीं इस का फैसला करने के लिए पंचायत के सदस्यों द्वारा शादीशुदा जोड़े को बिस्तर पर सफेद चादर बिछा कर सैक्स करने के लिए कहा जाता है. सैक्स के बाद अगर चादर पर खून के धब्बे नहीं मिलते, तो युवती को वर्जिन नहीं माना जाता. इस मामले में युवक ने अपनी पत्नी के वर्जिनिटी टैस्ट का प्रमाण पंचायत को सौंपा. युवक ने सुबूत के तौर पर वह चादर पंचायत के सामने पेश की. इस चादर पर खून के धब्बे न होने पर पंचायत के सदस्यों ने पति को शादी खत्म करने की अनुमति दे दी.

वर्जिन टैस्ट और भ्रम

आम धारणा है कि जिस युवती ने पहली बार सैक्स कर लिया उस की फीमेल रिप्रोडक्टिव और्गन में पाई जाने वाली हाइमन झिल्ली फट जाती है और ब्लड निकल जाता है. अगर वह झिल्ली न फटे तो उसे वर्जिन होने की निशानी माना जाता है. बस, इसी बात को ले कर गलतफहमी है कि पहली बार सैक्स करते समय गर्लफ्रैंड को ब्लीडिंग हुई तो वह वर्जिन वरना नहीं, जबकि गाइनोकोलौजिस्ट और सैक्स ऐक्सपर्ट मानते हैं कि हाइमन झिल्ली का सैक्स संबंध और वर्जिनिटी से कोई वास्ता नहीं है. 90त्न युवतियों की यह झिल्ली साइकिलिंग, घुड़सवारी, डांस या अन्य शारीरिक क्रियाओं के दौरान फट जाती है. ऐसे में यह कहना कि युवती ने सैक्स किया है, गलत है.

बौयफ्रैंड की भी वर्जिनिटी जांचें

अगर बौयफ्रैंड बातबात पर वर्जिन होने का सुबूत मांगे तो उस का भी वर्जिनिटी का परीक्षण करना चाहिए. इस से न सिर्फ उसे सबक मिलेगा बल्कि वह वर्जिन जैसी बेमतलब की बातों को दोबारा नहीं पूछेगा. लेकिन यह कैसे पता करें? यदि आप को भी बौयफ्रैंड की वर्जिनिटी चैक करनी है तो उस से सवाल करें और उस के व्यवहार को समझें. मसलन, अगर बौयफ्रैंड वर्जिन है तो आप के साथ सैक्स करने में जल्दबाजी नहीं करेगा. सैक्स के दौरान भी काफी असहज दिखेगा. पहली बार संबंध बनाते समय घबराता है या फिर वह पोजीशन नहीं जमा पाता. वह आप के साथ संबध बनाने से कतराएगा, जबकि पहले से सैक्स संबंध बना चुका बौयफ्रैंड आसानी से सैक्स करेगा. वर्जिन बौयफ्रैंड गर्लफ्रैंड से एक दूरी बना कर बात करेगा और कई बार घबराएगा भी, जबकि वर्जिनिटी खो चुका बौयफ्रैंड खुल कर गर्लफ्रैंड को टच करेगा और जबतब सैक्स करने के मौके खोजेगा.

कुल मिला कर युवकयुवती का संबंध प्रेम पर टिका हो न कि सैक्स और वर्जिनिटी के सवाल पर. वर्जिन कोई नहीं होता. किसी ने सैक्स किया होता है और कोई पोर्न फिल्में देख कर खयाली सैक्स करता है इसलिए गर्लफ्रैंडबौयफ्रैंड का रिश्ता भरोसे पर टिका हो और जो युवक युवती से उस की वर्जिनिटी को ले कर सवाल करे उसे पहले युवती को अपनी वर्जिनिटी का सुबूत देना चाहिए.

ये हैं देश के कैशलेस गांव

नोट बंदी के बाद से ही कैश के अभाव में देश में ‘त्राहिमाम, त्राहिमाम’ जैसी स्थिती उत्पन्न हो गई है. अर्थव्यवस्था को लाइन पर लाने की कोशिश में प्रधानमंत्री जी देश को ही लाइन पर ले आयें. एक तरफ जहां देश का बहुत बड़ा हिस्सा कैश के अभाव में परेशान हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश के कई गांव पूरी तरह से कैशलेस व्यवस्था पर ही काम कर रहे हैं.

सरकार देश को कैशलेस बनाने के लिए साम दाम दंड भेद, सब अपना रही है. नोटबंदी के जख्म पर सरकार ने समय समय पर कई तरह के मरहम लगाने की भी कोशिश की. इधर देश में कैश की कमी से लोगों का बुरा हाल है. आलम यह है कि कुछ लोग तो कैश की कमी के मारे आधी-आधी करके सिगरेट पी रहे हैं. कैश की कमी से एक अच्छा परिवर्तन तो हुआ ही है और कुछ लोगों की बुरी आदतें सीमित हो गई हैं.

पर क्या आप ऐसे गांव की कल्पना कर सकते हैं जहां एक पैकेट नमक से लेकर एक कटिंग चाय भी बिना कैश के खरीद मिलती हो? देश में कई ऐसे गांव है जहां लोग छोटे से छोटा जरूरत का सामान भी मोबाईल पैमेंट से खरीदते हैं. एटीएम की लाइनें अब भले ही छोटी हो गई हों पर कुछ दिनों पहले तक यूं लगता था मानो पूरा देश ही लाइन में लगा हो. भारत के इन गांवों पर नोटबंदी का कोई असर नहीं हुआ और न ही यहां के लोगों के जीवनशैली में कोई परिवर्तन आया है.

1. मोरीगांव, असम

गुवाहाटी से 110 किमी की दूरी पर बसे इस गांव की आबादी 2000 के आसपास है. यहां के ज्यादातर लोगों को कैश की आदत नहीं है और सभी डिजिटल लेन देन द्वारा ही रोजमर्रा की चीजें खरीदते हैं. यह असम का पहला कैशलेस गांव है.

2. औरोविलै, तमिलनाडु

चैन्नई से 150 किमी और पुद्दुचेरी से 10 किमी की दूरी पर बसा यह गांव आज से 30 साल पहले ही कैशलेस हो गया था. उस वक्त देश में नए-पुराने किसी भी तरह के 500 के नोट नहीं थे. एक फ्रांसिसी महिला मीर्रा अल्फासा की प्रेरणा से यह गांव कैशलेस बना था.

3. अकोदरा, गुजरात

इस गांव को आईसीआईसीआई बैंक ने गोद लिया था. प्रधानमंत्री के नोटबंदी की घोषणा से पहले ही यहां 10 से 5000 तक के सभी लेन-देन एसएमएस से होते थे. इस गांव का अपना वेबसाइट भी है.

इन गांवों के ही तर्ज पर बहुत से गांव कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. देश में कैश की कमी एक समस्या बनी हुई है, क्योंकि बहुत से लोग अब भी बैंक अकाउंट खोलने में विश्वास नहीं करते. भारत आंकड़ों के अनुसार विश्व में सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाली अर्थव्यवस्था है. पर जिस देश में लोगों के बैंक अकाउंट ही न हो, वो देश पूरी तरह प्रगति कैसे कर सकता है?

मैं एक लड़के के साथ डेढ़ साल से सेक्स कर रही हूं. मैं पेट से भी हुई, पर बच्चा गिर गया. मैं क्या करूं.

सवाल

मैं 24 साला अनाथ हिंदू लड़की हूं और स्टेज शो करती हूं, मैं तलाकशुदा हूं. 30 साल के मुसलिम लड़के के साथ मैं डेढ़ साल से सेक्स कर रही हूं. मैं पेट से भी हुई, पर बच्चा अपने आप गिर गया. लड़के के घर वाले उस की कहीं और शादी करना चाहते हैं, पर वह नहीं चाहता. मैं क्या करूं?

जवाब

अगर वह लड़का कहीं और शादी नहीं करना चाहता, तो फिर दिक्कत क्या है? जब वह आप के साथ डेढ़ साल से सो रहा है, तो अब तक उसे आप से शादी कर लेनी चाहिए थी. आप अपने प्रेमी को जल्दी से जल्दी शादी करने के लिए कहें. अगर वह आनाकानी करे, तो समझ जाएं कि वह आप का फायदा उठा रहा था, तब उसे पूरी तरह छोड़ दें.

 

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