Download App

स्टेज डांसर : जान पर खेल कर करती हैं मनोरंजन

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले की बात है. शादी का दावत समारोह चल रहा था. एक तरफ दावत में आए लोग लजीज खाने का स्वाद ले रहे थे, तो दूसरी तरफ मस्त अदाओं का जादू बिखेरती एक स्टेज डांसर अपने डांस से सब के दिल खुश कर रही थी. कई लोग शराब के नशे में स्टेज के नीचे डांस कर रहे थे. पूरी तरह से मस्ती भरा माहौल था. डांस के लिए अलगअलग गानों की फरमाइश भी हो रही थी. इस बीच ‘नथनियां पे गोली मारे सैयां हमार…’ गाना बजने लगा. स्टेज पर अपने दिलकश अंदाज दिखाती वह डांसर गाने की धुन पर लहराने लगी. उस की मस्त अदाओं का जादू नीचे डांस कर रहे लोगों पर छाने लगा. एक नौजवान पर यह नशा कुछ इस कदर छाया कि वह अपने साथ लाई बंदूक लहराते हुए डांस करने लगा और डांस करतेकरते डांसर के करीब जाने लगा.  डांसर स्टेज पर डांस कर रही थी और वह नौजवान नीचे था. नाचतेनाचते उस की बंदूक का ऊपरी नली वाला हिस्सा डांसर की स्कर्ट के नीचे पहुंच जाता था.

डांसर ने जब यह देखा, तो वह स्टेज पर पीछे की तरफ खिसक गई. उस के संकेत पर गाने के बोल बदल गए, पर वह नौजवान उसी गाने को फिर से बजाने की बात करने लगा. उस की जिद पर ‘नथनियां पे गोली मारे सैयां हमार…’ गाना दोबारा बजने लगा. डांसर अनमनी सी डांस करने लगी. अब वह नौजवान स्टेज पर चढ़ कर उस डांसर के साथ डांस करने लगा. इस से परेशान हो कर वह स्टेज से वापस जाने लगी, तो उस नौजवान ने बंदूक लहराते हुए उसे रोका. जब वह नहीं रुकी, तो उस पर गोली चला दी.

इस कांड में अच्छी बात यह रही कि गोली डीजे के स्पीकर पर जा लगी. हां, गोली चलने से शादी समारोह में हंगामा जरूर मच गया.

लेकिन एक डांसर…

गोली चले और डांसर को न लगे, ऐसा हर बार नहीं होता है. 3 नवंबर, 2016 को पंजाब के भटिंडा में मैरिज पैलेस हाल में एक शादी समारोह में डांसर कुलविंदर कौर 3 लड़कियों के साथ स्टेज पर डांस कर रही थी. डांस पंजाबी गानों पर हो रहा था. डांस करने वाली लड़कियों ने शालीन कपड़े पहन रखे थे. इस के बाद भी समारोह में हिस्सा ले रहे बहुत से लोग उन डांसरों को देखदेख कर मस्त हो रहे थे. कई तो ऐसे थे, जो डांसरों के ग्रीनरूम में घुसे जा रहे थे. उन में से एक लक्की उर्फ बिल्ला भी था. वह डांसर कुलविंदर कौर के ग्रीनरूम में घुस कर उस से अपने साथ डांस करने को कहने लगा. कुलविंदर कौर ने उसे समझाया, पर वह माना नहीं. थोड़ी देर बाद बिल्ला ग्रीनरूम से बाहर चला आया और जब कुलविंदर कौर डांस करने आई, तो वह अपनी बंदूक लहरा कर डांस करने लगा. वह बीचबीच में बंदूक दिखा कर कुलविंदर कौर को डराने की कोशिश कर रहा था. कुलविंदर ने जब उस की ओर ध्यान नहीं दिया, तो बिल्ला ने डांस करतेकरते अपनी बंदूक से गोली चला दी. गोली सीधी कुलविंदर कौर को जा लगी और वह वहीं स्टेज पर गिर गई.

गोली की आवाज गाने की तेज आवाज में तुरंत समझ में नहीं आई. स्टेज के पास खड़े लोगों ने कुलविंदर के शरीर को घसीट कर स्टेज से नीचे किया. इसी बीच चारों तरफ अफरातफरी मच गई. बिल्ला भाग गया. कुलविंदर कौर की एक साथी डांसर पूजा ने बताया कि बिल्ला कुलविंदर को पहले से परेशान कर रहा था. डीजे वालों ने उसे मना कर दिया था, इस के बाद भी वह माना नहीं. डीजे वालों ने आयोजकों से भी शिकायत की, पर वे लोग कुछ कर नहीं सके. पुलिस ने 3 दिन बाद बिल्ला को पकड़ लिया और जेल भेज दिया.

दर्ज न करा सकी मुकदमा

मुंबई की एक डांसर रेखा को डीजे चलाने वाले कई लोग बुलाते थे. उसे एक डांस के 10 हजार रुपए मिलते थे. वह मुंबई से बाहर भी डांस करने जाती थी. एक बार में वह हफ्तेभर के लिए अपने कार्यक्रम बनाती थी और 70 से 80 हजार रुपए कमा कर वापस मुंबई चली जाती थी. एक बार रेखा समस्तीपुर, बिहार में शादी में डांस करने गई, तो कुछ लोग उस से मिले और पैसे दे कर सैक्स करने का औफर दिया. रेखा को यह सब पसंद नहीं था. उस ने मना कर दिया. इस के बाद वह स्टेज पर डांस करने लगी. रात में 2 बजे उस का काम खत्म हुआ, तो वह डीजे वालों की कार से वापस अपने होटल जाने लगी. रास्ते में 5 लोग आए और उस की गाड़ी को रोक लिया. उन्होंने डीजे वालों को जान से मारने की धमकी दे कर रेखा को उठा कर अपनी कार में डाल लिया. जातेजाते वे लोग डीजे वालों से कह गए, ‘अगर किसी को बताया, तो रेखा को मार देंगे. अगर चुप रहे, तो रेखा को यहीं छोड़ जाएंगे.’

रेखा भी कुछ नहीं कर सकी. उन लोगों ने रेखा को 2 दिन तक अपने पास रखा और उस के साथ रेप किया. 2 दिन बाद रात को रेखा को वहीं छोड़ दिया गया, जहां से उसे उठाया था. रेखा होटल गई. वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराना चाहती थी, पर डीजे वालों ने उसे मना किया. तब मजबूरी में वह चुप हो गई. रेखा अब बिहार ही नहीं, उत्तर प्रदेश के किसी भी कार्यक्रम में नहीं जाती है.

डांसर को दी धमकी

भोजपुरी फिल्मों में डांस करने वाली एक लड़की शादी के समारोह में गैस्ट बन कर डांस करने गई थी. वहां उसे कुछ खास लोगों के सामने ही डांस करने को कहा गया था. गैस्ट हाउस के कमरे में एक जगह डांस हो रहा था. कई लोग डांसर से चिपकचिपक कर डांस करने लगे. डांस करते समय एक नौजवान डांसर के बेहद करीब आ कर डांस करने लगा. डांसर ने उस को अपने से दूर करने की कोशिश की, इस के बाद भी वह नहीं माना और डांसर के अंगों को यहांवहां छूने लगा. डांसर ने उसे मना किया, तो रिवौल्वर निकाल कर उस की कनपटी पर लगा दी. यह बात आयोजक आर गैस्ट हाउस के मालिक तक पहुंच गई. वे लोग भाग कर आए, तो डांसर की जान बच सकी.

डांसर रेखा कहती है, ‘‘डांसर भले ही सब के मनोरंजन का ध्यान रख कर स्टेज पर अपनी कला दिखाती हो, पर नशे में चूर देखने वालों की नजर में उस की कीमत देह बेचने वाली जैसी होती है. उन्हें लगता है कि डांसर का परिवार नहीं होता. वह अच्छे चालचलन वाली नहीं होती है. ऐसे लोग डांसर की तुलना धंधे वाली से करते हैं. ‘‘इस के उलट डांसर अपनी मेहनत से पैसे कमाती है. उस का भी पसीना निकलता है. डांस करना उस का पेशा होता है. उस के पास सरकारी नौकरी नहीं होती. उसे समाज से भी सिक्योरिटी नहीं मिलती. ‘‘स्टेज डांस से लोगों का मनोरंजन होता है, पर डांसर की जान पर बनी रहती है. लोग यह नहीं सोचते कि अपने घरपरिवार को पालने के लिए डांसर ऐसा करती है.’’

शर्म से झुक गया शहर

लखनऊ के एक रिसोर्ट में पार्टी चल रही थी. पार्टी में डांस और खाना परोसने के लिए कुछ लड़कियों को इवैंट मैनेजर ने बुलाया था. पार्टी के लिए हाल के साथ 3 कमरे भी किराए पर लिए गए थे. पार्टी के समय ही कुछ लोगों ने नशे में डांस कर रही लड़कियों और खाना परोस रही लड़कियों से छेड़छाड़ शुरू कर दी. जब लड़कियों ने विरोध किया, तो उन को एक कमरे में जबरन बंद कर उन के साथ जोरजबरदस्ती शुरू कर दी. लड़कियों ने किसी तरह से इस बात की जानकारी इवैंट मैनेजर को दी, तब जा कर वे अपनी जान बचा सकीं. इस बात की शिकायत लखनऊ पुलिस से की गई. पुलिस ने रिसोर्ट के मैनेजर और पार्टी के आयोजकों समेत वहां मौजूद कई लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम किया.

पुलिस की तेजीके चलते लड़कियों की इज्जत बच गई. इस के बाद भी घटना की जानकारी जब लोगों के सामने आई, तो अदब के शहर में रहने वालों का सिर शर्म से झुक गया. लखनऊ भी ऐसे शहरों की लाइन में खड़ा हो गया, जिस में बाकी शहर खड़े थे. लखनऊ में डांस शो का आयोजन करने वाले एक इवेंट मैनेजर कहते हैं, ‘‘डांस करने वाली लड़कियों को ले कर समाज की सोच में बदलाव आने के साथ ही साथ ऐसे लोगों में कानून का डर होना चाहिए. डांसर के साथ इस तरह की घटनाएं ज्यादातर ऐसे प्रदेशों में होती हैं, जहां की कानून व्यवस्था खराब है. जहां शिकायत करने पर पुलिस समय पर नहीं पहुंचती है. ‘‘महाराष्ट्र और दूसरी जगहों पर उत्तजेक डांस होने के बाद भी कोई घटना नहीं होती, वहीं दूसरी तरफ पंजाब में शालीन कपड़े पहन कर डांस करने वाली डांसर पर गोली चल जाती है. इस की चर्चा एक  महीने के बाद तब होती है, जब घटना का वीडियो वायरल होता है.’’

लेनदेन पर मनमानी

केवल डांस देखते समय ही मनमानी नहीं होती है, बल्कि डांस के बदले पैसा देते समय भी इवैंट मैनेजर और डांस ग्रुप चलाने वालों को तरहतरह से परेशान किया जाता है. आगरा की रहने वाली सरिता डांस ग्रुप चलाती हैं. उन के ग्रुप में 4 लड़कियां और 3 लड़के होते हैं. वे अपने शो के लिए 35 से 50 हजार रुपए लेती हैं. सरिता कहती हैं, ‘‘डांस ग्रुप को बुक कराते समय लोग पूरा पैसा नहीं देते. कई बार कुछ पैसे दे कर बाकी का चैक दे देते हैं, जो बाउंस हो जाता है. ऐसे में पैसा लेने के लिए हमें कईकई चक्कर लगाने पड़ते हैं. ‘‘कई बार लोग पैसा देने के नाम पर डांसर लड़कियों के साथ सैक्स संबंध बनाने का दबाव डालते हैं. परेशानी की बात यह है कि कई डांस ग्रुप वाले ज्यादा पैसा लेने के लिए ऐसे समझौते कर जाते हैं, जिस से दूसरों पर भी ऐसा करने का दबाव बनता है.’’ डांस ग्रुप में डांस करने वाली एक लड़की विशाखा बताती है, ‘‘स्टेज पर डांस करते समय या पार्टी में डांस के समय लोग चाहते हैं कि डांसर कम से कम कपड़े पहने. कई बार तो ऐसे कपड़ों को पहनने की डिमांड करते हैं, जिन को पहन कर डांस करना मुनासिब नहीं होता है.

‘‘डांस ग्रुप चलाने वाले लोग पैसा कमाने के लिए हर तरह के समझौते करते हैं. हमें तो कम पैसे मिलते हैं, पर सब से ज्यादा मुसीबत हमें ही झेलनी पड़ती है. डांस करने वाली ज्यादातर लड़कियां कम उम्र की होती हैं. उन में उतना अनुभव भी नहीं होता. इस वजह से वे हालात को संभाल नहीं पाती हैं.’’ किसी डांसर को तमाम तरह के समझौते करने पड़ते हैं, तब कहीं उस को चार पैसे मिलते हैं. डांस ग्रुप के लोग भी उसे तब तक ही बुलाते हैं, जब तक वह नई रहती है. डांस ग्रुप चलाने वाले लोग कई बार डांसर को बंधुआ मजदूर की तरह रखना चाहते हैं. वे यह कोशिश करते हैं कि डांसर केवल उन के ग्रुप के साथ ही डांस करे. जब डांसर ज्यादा पैसे देने वाले दूसरे ग्रुप के साथ जाना चाहती है, तो वे लोग उस का विरोध करते हैं.

विशाखा बताती है कि डांसर के सामने भी तमाम परेशानियां होती हैं, इस के बाद भी वह खुल कर अपनी बात कह नहीं पाती है. अगर कोई डांसर अपने साथ हुई वारदात की शिकायत करती है, तो डीजे चलानेवाले और डांस ग्रुप चलाने वाले उसे झगड़ा करने वाली मान कर उस के साथ काम नहीं करते. ऐसे में डांसर भी छोटीछोटी वारदातों में चुप रह जाती है.

(जिन डांसरों से बात हुई है, उन के नाम बदल दिए गए हैं)     

सस्ते मोबाइल फोन की खातिर ली महंगी जान

उत्तर प्रदेश में बस्ती जिले के गौर थाना इलाके का केसरई गांव. वहां के एक बाशिंदे रमेश यादव ने 30 अक्तूबर, 2016 की सुबह के तकरीबन 11 बजे थानाध्यक्ष अरविंद प्रताप सिंह को यह सूचना दी कि उस का भाई राजेश कुमार यादव हंसवर गांव में सफाई मुलाजिम था. किसी ने आज सुबह ड्यूटी जाते समय हर्दिया के प्राइमरी स्कूल के पास खड़ंजे पर उस की हत्या कर लाश वहीं फेक दी है. हत्या की सूचना पा कर इंस्पैक्टर अरविंद प्रताप सिंह ने इस वारदात की सूचना अपने से बड़े अफसरों को दी और खुद अपने दलबल के साथ मौका ए वारदात की ओर चल दिए. वहां एक नौजवान की लाश पड़ी हुई थी और उस के सिर से काफी खून बह कर जमीन पर पड़ा हुआ था.

लाश को देखने से ही लग रहा था कि मारे गए उस नौजवान के सिर पर किसी भारी चीज से वार कर उस की हत्या की है. पुलिस ने लोगों और परिवार वालों से किसी पर हत्या का शक होने की बात पूछी, लेकिन सभी ने इनकार कर दिया.

पुलिस को वहां ऐसा कोई सुबूत भी नहीं मिला, जिस से हत्या करने वाले या हत्या की वजह का पता किया जा सके. इसी बीच परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि राजेश के पास एक मोबाइल फोन भी था, जो लाश के पास बरामद नहीं हुआ. पुलिस ने परिवार वालों की सूचना के आधार पर राजेश कुमार की हत्या का मुकदमा दर्ज कर व लाश का पंचनामा कर 1 नवंबर, 2016 को ही पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस को राजेश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दूसरे दिन ही मिल गई थी, जिस में मौत की वजह सिर पर चोट लगना ही बताया गया था. अभी तक पुलिस को राजेश की हत्या करने का कोई भी मकसद नजर नहीं आ रहा था, फिर भी पुलिस गायब मोबाइल फोन को आधार बना कर छानबीन करती रही.

इस दौरान गायब मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगा दिया गया था. पुलिसिया छानबीन में शक की सूई एक शख्स पर जा कर टिक गई, क्योंकि किसी ने पुलिस को यह सूचना दी थी कि राजेश का मोबाइल फोन कप्तानगंज थाना क्षेत्र के हर्दिया गांव के रवीश कुमार मिश्र के पास है. पुलिस सतर्क हो गई. रवीश कुमार मिश्र को पकड़ने के लिए उस के गांव में दबिश दी गई और उसे मोबाइल समेत गिरफ्तार कर लिया गया.

पुलिस की पूछताछ में रवीश पहले तो इधरउधर की बातों में उलझाता रहा, पर बाद में जब कड़ाई की गई, तो उस ने राजेश कुमार की हत्या करने की जो मामूली वजह बताई, वह उस की सनक का ही नतीजा निकला.

कहानी पिल्ले की

रवीश कुमार मिश्र ने राजेश कुमार की हत्या की जो वजह बताई, वह उस की सनक के चलते हुई थी. उस ने पुलिस को बताया कि उस का कप्तानगंज थाना क्षेत्र में दुधौरा तिलकपुर में ननिहाल है और वह अपने मामा के पास एक पालूत पिल्ले को एक हफ्ते के लिए छोड़ कर आया था. एक हफ्ते बाद जब वह मामा के पास पिल्ला लेने पहुंचा, तो पिल्ले को न देख उस ने अपने मामा से पूछा. मामा ने बताया कि उस के पिल्ले ने बहुत परेशान कर रखा था, इसलिए गांव में ही एक आदमी को उस की देखभाल के लिए छोड़ दिया. इस बात से रवीश आगबबूला हो गया और वह मामा के पास न रुक कर सीधे उस आदमी के पास पहुंच गया और बिना गलती के ही उस के साथ हाथापाई करने लगा. इसी हाथापाई के दौरान उस का मोबाइल फोन कहीं गुम हो गया. जब रवीश पिल्ले को ले कर अपने गांव हर्दिया आया, तो उस की बहन ने उस से अपना मोबाइल फोन मांगा.

रवीश ने मोबाइल खोजा, पर नहीं मिला. उस ने अपनी बहन से बहाना किया कि उस का मोबाइल किसी को फोन करने के लिए दिया है.  इस के बाद उस ने मोबाइल बहुत खोजा, लेकिन वह नहीं मिला. रवीश ने घर आ कर बताया कि मोबाइल गायब हो गया है, तो उस की बहन रोने लगी. घर वाले रवीश को ताना मारने लगे. रवीश परेशान हो कर घर से बाहर निकल गया. इसी उधेड़बुन में वह गांव से बाहर जाने वाले खड़ंजे की सड़क पर जा ही रहा था कि उसे एक आदमी मोबाइल पर बात करते हुए आता दिखाई दिया. उस को लगा कि उस आदमी का मोबाइल छीन कर वह अपनी बहन को दे सकता है. इस के बाद उस ने राजेश कुमार के पास जा कर उस का मोबाइल छीनने की कोशिश की.

अचानक हुई इस छीनाझपटी से राजेश कुछ नहीं समझ पाया और दोनों में हाथापाई होने लगी. तभी रवीश कुमार के हाथ में एक डंडा आ गया और उस ने डंडे से राजेश के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया.

राजेश वहीं गिर कर तड़पने लगा और जल्द ही उस की मौत हो गई. रवीश ने मोबाइल उठाया और जिस डंडे से राजेश की हत्या की थी, उसे पास के ही एक गन्ने के खेत के बीच में जा कर गाड़ दिया. रवीश जब घर आया और उस ने वह मोबाइल फोन अपनी बहन को देने की कोशिश की, तो उस की बहन ने लेने से इनकार कर दिया. लिहाजा, उस ने वह मोबाइल अपने पास ही रख लिया.

स्टेशन उड़ाने की धमकी

रवीश कुमार की सनक का एक मामला 30 जुलाई, 2015 को भी सामने आया था, जब उस ने अपने घर में पड़े एक झोले पर पंजाब के भटिंडा के एक दुकानदार का मोबाइल नंबर देखा, तो उस ने उस दुकानदार को फोन कर भटिंडा रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी दे डाली. यह धमकी सुन कर उस दुकानदार ने पंजाब पुलिस को सूचना दी, तो पंजाब पुलिस सक्रिय हो गई.

जिस मोबाइल नंबर से उस दुकानदार को रेलवे स्टेशन उड़ाने की धमकी दी थी, उस का सर्विलांस के जरीए रवीश की लोकेशन ढूंढ़ ली. इस के बाद पंजाब पुलिस ने इस की सूचना बस्ती पुलिस को दी, जिस के बाद वहां की पुलिस भी सक्रिय हो गई और आननफानन रवीश कुमार मिश्र को गिरफ्तार कर धारा 505 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया.                 

हद पार करने का नतीजा

अगस्त, 2016 की सुबह मध्य प्रदेश के जिला ग्वालियर के थाना पुरानी छावनी के खेरिया गांव के अटल गेट के पास खेत में 24-25 साल के एक युवक की लाश पड़ी होने की सूचना गांव वालों ने पुलिस को दी तो अधिकारियों को सूचना दे कर थानाप्रभारी प्रीति भार्गव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गईं. वह घटनास्थल और लाश का निरीक्षण कर रही थीं कि एसपी हरिनारायण चारी मिश्र और एएसपी दिनेश कौशल भी घटनास्थल पर पहुंच गए. घटनास्थल पर गांव वालों की भीड़ लगी थी. थानाप्रभारी प्रीति भार्गव ने लाश और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद वहां मौजूद लोगों से लाश की शिनाख्त करानी चाही, लेकिन कोई भी मृतक को पहचान नहीं सका. इस से साफ हो गया कि मृतक वहां का रहने वाला नहीं था. मृतक की जेबों की तलाशी ली गई तो उस की पैंट की जेब से मोटरसाइकिल की चाबी मिली. लाश से थोड़ी दूरी पर एक मोटरसाइकिल खड़ी थी. पुलिस ने मृतक की जेब से मिली चाबी उस मोटरसाइकिल में लगाई तो वह स्टार्ट हो गई. इस से पुलिस को लगा कि इस मोटरसाइकिल से मृतक की शिनाख्त हो सकती है.

पुलिस ने मोटरसाइकिल जब्त कर अन्य तमाम काररवाई निपटा कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया. लेकिन जब पुलिस ने आरटीओ औफिस से मोटरसाइकिल के बारे में पता किया तो पता चला कि वह मोटरसाइकिल विनयनगर, सेक्टर 3, पत्रकार कालोनी के रहने वाले संतोष किरार की थी.

पुलिस ने उस के घर जा कर पता किया तो घरवालों ने बताया कि संतोष एक अगस्त की सुबह अपनी मोटरसाइकिल से निकला है तो अब तक घर लौट कर नहीं आया है. इस से पुलिस को लगा कि खेत में पड़ी लाश संतोष की हो सकती है. लेकिन जब पुलिस ने वह लाश उस के पिता रामकिशोर को दिखाई तो उन्होंने बताया कि यह लाश उन के बेटे संतोष की नहीं है. इस के बाद पुलिस को लगा कि इस हत्याकांड में संतोष की कोई न कोई भूमिका जरूर है.

प्रीति भार्गव लाश की शिनाख्त कराने की कोशिश कर रही थीं कि शाम को थाना हजीरा के रहने वाले तुलसीराम पिछली शाम से गायब अपने बेटे की तलाश करतेकरते उन के पास आ पहुंचे. दरअसल, पिछली शाम को घर से निकला उन का बेटा शीतल न लौट कर आया था और न उस का फोन मिला था, तब परेशान हो कर वह थाना हजीरा में उस की गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंच गए थे. वहां से जब उन्हें बताया गया कि थाना पुरानी छावनी पुलिस ने एक लड़के की लाश बरामद की है तो वह थाना पुरानी छावनी पहुंच गए थे. थाना पुरानी छावनी पुलिस ने तुलसीराम को बरामद लाश दिखाई तो वह फफकफफक कर रोने लगे. इस के बाद उन्होंने खेतों में मिली लाश की शिनाख्त अपने बेटे शीतल की लाश के रूप में कर दी थी.

प्रीति भार्गव ने हत्यारे का पता लगाने के लिए तुलसीराम से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन की किसी से ऐसी दुश्मनी नहीं थी कि उन के बेटे की इस तरह हत्या कर दी जाती. उन से पत्रकार कालोनी के रहने वाले संतोष के बारे में पूछा गया तो उन्होंने उस के बारे में जानने से मना कर दिया. तुलसीराम के बताए अनुसार, उन की किराने की दुकान थी. दोपहर को दुकान पर उन का बेटा शीतल बैठता था. इस तरह वह पिता के कारोबार में हाथ बंटाता था.

पुलिस ने हत्याकांड के खुलासे के लिए जितने भी लोगों से पूछताछ की, उन में से कोई भी ऐसी बात नहीं बता सका, जिस से वह हत्यारे तक पहुंच पाती. प्रीति भार्गव की समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर शीतल खेरिया गांव क्यों गया? अगर वह संतोष के साथ वहां गया था तो उन के बीच ऐसा क्या हुआ कि संतोष ने उसे मौत के घाट उतार दिया? यह सब जानने के लिए पुलिस को संतोष की तलाश थी. आखिर आठवें दिन काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस पूछताछ में वह असलियत छिपा नहीं सका और उस ने शीतल की हत्या का अपना अपराध स्वीकार कर लिया. इस के बाद उस ने शीतल की हत्या की जो कहानी सुनाई वह हैरान करने वाली तो थी ही, साथ ही आज के युवाओं में स्त्रीसुख की जो लालसा उपजी है, उस की हकीकत बयां करने वाली थी. पत्रकार कालोनी का रहने वाला इलेक्ट्रिशियन संतोष 31 जुलाई, 2016 की शाम घर लौट रहा था तो रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क पर खड़े एक युवक ने उसे हाथ दे कर रोक कर कहा, ‘‘भाई साहब, मैं यहां काफी देर से किसी सवारी का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन कोई सवारी मिल नहीं रही है. अगर आप मुझे अपनी मोटरसाइकिल से लिफ्ट दे दें तो बड़ी मेहरबानी होगी.’’

संतोष ने उसे मोटरसाइकिल पर बैठा लिया. इस के बाद उस युवक ने अपना नाम शीतल बताते हुए कहा, ‘‘हजीरा के इंद्रनगर में मेरे पिता की किराने की दुकान है. मैं उसी पर बैठता हूं. लेकिन अब मेरा मन दुकान पर बैठने को नहीं होता, इसलिए मैं नौकरी खोज रहा हूं. इंटरव्यू देने ही मैं झांसी जा रहा था, लेकिन दुर्भाग्य से मेरी ट्रेन छूट गई.’’

‘‘कोई बात नहीं, यार, मैं तुम्हारी नौकरी यहीं लगवा दूंगा.’’ संतोष ने कहा. विजयनगर पहुंचतेपहुंचते दोनों में ऐसी दोस्ती हो गई कि उन्होंने पीनेपिलाने का प्रोग्राम बना डाला. फिर इस नई दोस्ती के नाम पर दोनों में एकदूसरे को शराब पिलाने की होड़ लग गई, जिस में करीब 500 रुपए खर्च हो गए. शराब के नशे ने अपना असर दिखाया तो संतोष ने जाने कितनी बार शीतल को भरोसा दिलाया कि जल्द ही वह उस की नौकरी ग्वालियर में लगवा देगा. उसे यह शहर छोड़ कर कहीं दूसरी जगह जाना नहीं पड़ेगा. संतोष शीतल से बातें कर रहा था, तभी उस की प्रेमिका रेखा (बदला हुआ नाम) का उस के मोबाइल पर फोन आ गया. शीतल से उस की दोस्ती हो ही चुकी थी, इसलिए उस से बिना कुछ छिपाए वह रेखा से अश्लील यानी शारीरिक संबंधों की बातें करने लगा. संतोष रेखा से जो बातें कर रहा था, उन्हें सुनसुन कर शीतल उत्तेजित हो उठा. तब उस ने बिना किसी संकोच के संतोष से कहा, ‘‘कल तुम अपनी प्रेमिका से मिलने जा रहे हो न, मुझे भी कल उस से मिलवा दो.’’

‘‘तुम उस से मिल कर क्या करोगे?’’ संतोष ने कहा तो जरा भी झिझके बिना शीतल ने कहा, ‘‘जो तुम करोगे, वही मैं भी करूंगा.’’

इस पर संतोष नाराज होते हुए बोला, ‘‘रेखा ऐसी लड़की नहीं है. वह केवल मुझ से ही बातें करती है और केवल मुझ से उस के शारीरिक संबंध हैं.’’ उस समय तो संतोष ने शीतल को समझाबुझा कर उस के घर भेज दिया. लेकिन सुबह होते ही शीतल संतोष को फोन कर के कहने लगा कि वही उस का सच्चा दोस्त है. सिर्फ एक बार वह अपनी प्रेमिका से उसे भी मौजमजा ले लेने दे. यही नहीं, उस ने यहां तक पूछ लिया कि वह कितनी देर में रेखा को उस के पास भिजवा रहा है.

नए दोस्त के मुंह से सुबहसुबह प्रेमिका के बारे में ऐसी बातें सुन कर संतोष को गुस्सा आ गया. किसी तरह अपने गुस्से पर काबू पाते हुए उस ने कहा, ‘‘एक घंटे के भीतर तू मेरे घर आ जा, आज मैं तुझे रेखा से मिलवा ही देता हूं. तू भी याद करेगा कि कोई दोस्त मिला था.’’ शीतल के आने से पहले संतोष ने तय कर लिया था कि प्रेमिका पर बुरी नजर रखने वाले शीतल को अब वह जिंदा नहीं छोड़ेगा. जैसे ही शीतल उस के घर पहुंचा, वह उसे ले कर निकल पड़ा.

संतोष ने ठेके से शराब की 2 बोतलें खरीदीं और मोटरसाइकिल से शीतल को ले कर पुरानी छावनी की ओर चल पड़ा. वहां एक पेड़ के नीचे बैठ कर दोनों ने शराब पी. अपनी योजना के अनुसार संतोष ने शीतल को कुछ ज्यादा शराब पिला दी थी. शीतल को जैसे ही शराब का नशा चढ़ा, उस ने कहा, ‘‘चलो बुलाओ रेखा को. तुम ने उस के साथ बहुत मजा लिया है, आज मैं उस के साथ ऐसा मजा लूंगा कि वह भी याद करेगी.’’

संतोष रात से ही शीतल की इन बातों से जलाभुना बैठा था. उस ने पैंट की जेब में रखा चाकू निकाला और एक ही झटके में शीतल का गला रेत कर उस की हत्या कर दी. इस के बाद उस ने शराब की बोतल उठा कर एक ही सांस में पूरी शराब पी ली और शीतल की लाश को वहीं अटल गेट के पास एक खेत में छोड़ कर चला आया. मोटरसाइकिल वह इसलिए नहीं ला सका, क्योंकि उस की मोटरसाइकिल रास्ते में शीतल ने चलाने के लिए ले ली थी और उस की चाबी उस ने अपनी जेब में रख ली थी. इसलिए शीतल की हत्या करने के बाद जब संतोष ने अपनी जेब में मोटरसाइकिल की चाबी देखी. चाबी न पा कर नशे में होने की वजह से उसे लगा कि चाबी कहीं गिर गई है. हड़बड़ाहट में वह गाड़ी वहीं छोड़ कर घर चला और घर से कानपुर चला गया. उसे उम्मीद थी कि पुलिस उस तक कभी नहीं पहुंच पाएगी. एक सप्ताह तक वह निश्चिंत हो कर कानपुर में रहा. लेकिन शायद उसे पता नहीं था कि अपराध चाहे कितनी भी चालाकी से क्यों न किया जाए, एक न एक दिन उस का राज खुल ही जाता है. पैसे खत्म होने के बाद संतोष पैसे लेने के लिए जैसे ही घर आया, थानाप्रभारी प्रीति भार्गव ने उसे पकड़ लिया. संतोष से पूछताछ में पता चला कि उस ने शीतल की हत्या जिस खेत में की थी, लाश वहां नहीं मिली थी.

पुलिस ने खेत की रखवाली करने वाले सोनू कुशवाह से पूछताछ की तो उस ने बताया कि उस ने लाश पड़ी देखी तो डर के मारे उस ने अपने रिश्तेदार सैकी कुशवाह की मदद से लाश ले जा कर खेरिया मोड़ पर अटल गेट के पास रमेश शर्मा के खेत में फेंक दी थी. पुलिस ने सोनू और सैकी को हिरासत में ले लिया. इन का दोष यह था कि इन्होंने लाश पड़ी होने की सूचना पुलिस को नहीं दी थी, इस के अलावा सबूत नष्ट किए थे. पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश किया, जहां से सभी को जेल भिजवा दिया गया.

 – कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित

लेखक : मुकेश तिवारी/रंजीत सुर्वे

भाई के दोस्त से फ्लर्टिंग

आकांक्षा के घर उस के भाई के दोस्त प्रखर का खूब आनाजाना था. प्रखर बचपन से ही उन के घर आजा रहा था लेकिन इस से पहले आकांक्षा ने कभी उसे इस नजर से नहीं देखा था लेकिन अब अचानक ही प्रखर उसे अच्छा लगने लगा था. अगर एक हफ्ते भी प्रखर घर नहीं आता तो आकांक्षा बेचैन हो उठती. उस के दिल का यह हाल उस के अलावा कोई नहीं जानता था खुद प्रखर भी नहीं. इसलिए आजकल वह प्रखर को रिझाने और अपनी तरफ आकर्षित करने का पूरा प्रयास कर रही थी. लेकिन कई बार खुद आकांक्षा अपने ही सवालों में उलझ जाती थी कि ऐसा कर के वह सही कर रही है या गलत? जब भाई के दोस्त के लिए मन में ऐसी फीलिंग्स आने लगें तो ऐसे सवाल उठने स्वाभाविक हैं. लेकिन कुछ बातों का ध्यान रख कर किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है.

उम्र का रखें खयाल

अगर भाई आप से बड़ा है तो भाई का दोस्त भी आप से बड़ा ही होगा. इसलिए पहले दोस्त की उम्र भी पता कर लें. कहीं ऐसा न हो कि आप का और उन का कोई मैच ही न हो और बेकार में आप यह कदम उठा कर बदनाम भी हो जाएं और हाथ भी कुछ न आए. 

भाई का विश्वास खो देंगी

अगर भाई के दोस्त से फ्लर्ट करेंगी और यह बात भाई को पता चलेगी तो वह आप पर कभी विश्वास नहीं करेगा. उसे लगेगा कि आप ने भाई को धोखा दिया है. अगर आप उस के एक दोस्त के साथ ऐसा कर सकती हैं तो बाकी दोस्तों के बारे में भी कुछ नहीं कहा जा सकता. गुस्से में ही सही, लेकिन भाई की सोच आप के बारे में काफी नैगेटिव हो जाएगी. यह बात और है कि समय बीतने पर आप उन्हें समझा भी सकती हैं.

घर में बात फैल जाएगी

अगर आप बाहर किसी से फ्लर्टिंग करेंगी तो घर में पता नहीं चलेगा लेकिन घर में करेंगी तो सब जान जाएंगे, हो सकता है कि वे आप को ऐसा करते देख उस के प्रति सीरियस समझें, जबकि आप सीरियस न हों. आप तो केवल फ्लर्टिंग कर टाइम पास ही कर रही थीं, लेकिन यह सच किसी को बता भी नहीं सकतीं इसलिए ऐसी बुरी फंसेंगी कि सिचुएशन से निकलना मुश्किल हो जाएगा.

छोटे भाईबहनों पर भी बुरा असर पड़ेगा

आप को इस तरह भाई के दोस्त के साथ इन्वौल्व होते हुए देख छोटे भाईबहनों पर भी अच्छा असर तो नहीं पड़ेगा. वे आप को ऐसा करते हुए देखेंगे तो खुद भी ऐसा ही करेंगे. इसलिए आप जो भी करें सोचसमझ कर करें. छोटे भाईबहनों के बारे में भी विचार कर लें कि आप की वजह से कहीं वे गलत रास्ते पर न चल पड़ें. आप तो फिर भी बड़ी हैं संभल जाएंगी पर आप को देख वे कोई बचपना न कर बैठें.

घर का माहौल बिगड़ेगा

मातापिता आगे से घर में लड़कों के आने पर पाबंदी लगा सकते हैं. अगर उन की एक लड़की ऐसा कर सकती है तो अन्य पर से भी उन का विश्वास उठ जाएगा. आप खुद तो गड्ढ़े में गिरेंगी ही अपने भाईबहनों को साथ में ले कर गिरेंगी. हर वक्त घर में इसी टौपिक पर बातचीत होगी, होहल्ला होगा. इस से घर का माहौल भी बिगड़ सकता है.

जल्दबाजी में शादी पर जोर

आप को ऐसा करते देख मातापिता जल्द से जल्द आप की शादी कर के अपनी जिम्मेदारी से फ्री होने की बात सोचने लगेंगे, फिर भले ही आप की पढ़ाई पूरी हुई हो या नहीं. ऐसा कर के आप बेवजह अपने पैरों पर खुद ही कुल्हाड़ी मार लेंगी.

फायदा

फ्लर्टिंग करने के मौके हजार मिलेंगे : कभी चाय पिलाने, कभी खाना खिलाने के बहाने, लड़के को पटाने के हजार मौके मिलेंगे. चाहें तो लूडो, ताश जैसे गेम्स भी सब लोग साथ मिल कर खेल सकते हैं. इस से भी खेलखेल में कब दिल मिल जाएं पता भी नहीं चलेगा. 

छोरा जानापहचाना है : बाहर किसी से फ्लर्ट करने में खतरा ज्यादा रहता है. पता नहीं वह लड़का कैसा हो, कहीं गलत हुआ तो लेने के देने पड़ जाएंगे. ब्लैकमेलिंग आदि के चक्कर में फंस गए तो निकलना मुश्किल होगा, लेकिन अगर घर में भाई का दोस्त हो तो उस के नेचर, चरित्र आदि के बारे में सबकुछ पहले से ही पता होता है इसलिए आसानी रहती है.

मिलने के लिए बहानों की जरूरत नहीं : भाई के दोस्त से मिलने के लिए बाहर जाने की भी जरूरत नहीं है. मिलने वह आप से आएगा और घर वालों को लगेगा कि भाई से मिलने आया है. 

सच में प्यार हो गया तो बल्लेबल्ले : अगर फ्लर्टिंग से शुरू हुई बात प्यार पर आ कर ठहरी तो आप के लिए घर वालों को शादी के लिए मनाना आसान होगा, क्योंकि लड़का उन का जानापहचाना है. अगर लड़के का कैरियर अच्छा है और वह नेचर वाइज भी अच्छा है तो पहले भाई को पटाएं फिर आगे घर वालों से अपने दोस्त की पैरवी वह खुद ही कर लेगा.               

ध्यान दें

– यहां बात दोस्ती रिश्तेदारी की है इसलिए जो भी करना है सोचसमझ कर करें.

– अपने परिवार की गरिमा का खयाल रखते हुए अपनी सीमा में रह कर ही आगे कदम बढ़ाएं.

बेबी बंप के साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस का ये हॉट वीडियो आपने देखा

करीना कपूर खान के बाद अब लीजा हेडन ने अपने बेबी बंप की तस्वीरें शेयर की हैं. इस वीडियो में दिखाई गई तस्वीरों में आप भी देख सकते हैं कि प्रेगनेंसी कैसे चेहरे पर चार चांद लगाती है. फिल्म एक्ट्रेस लीजा ने ये खुशखबरी अपने फैन्स के साथ इंस्टाग्राम पर शेयर की है. लीजा ने अपने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम अकाउंट पर बेबी बम्प के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि,'विनम्र शुरुआत'.

गौरतलब है कि बीते कई दिनों से लीजा की प्रेगनेंसी की खबरें मीडिया में सुर्खियां बटोर रहीं थी. लेकिन अब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर डालकर सभी बातो को साफ कर दिया है.

लीजा ने बीते अक्टूबर अपने बॉयफ्रेंड डिनो लालवानी से शादी रचाई थी. उनकी शादी में उनके करीबी दोस्त और रिश्तेदारों ने शिरकत की थी. गौरतलब है इन दिनों लीजा एक शोर्ट फिल्म ‘द ट्रिप’ में नजर आ रहीं हैं. दर्शकों ने आखिरी बार लीजा को करण जौहर की फिल्म ‘ए दिल है मुश्किल’ में रणबीर कपूर की गर्लफ्रेंड की भूमिका में देखा था. लिजा को अपने बेबाक अंदाज के लिए जाना जाता है. 

दुनिया की आधी संपत्ति है इनके कब्जे में

गरीबों और अमीरों के बीच की खाई पहले से ज्यादा गहरी हो गई है. ऑक्सफेम के द्वारा जारी की गई रिपोर्ट से ऐसा ही लगता है. स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की एनुअल मीटिंग के शुरू होने से पहले ऑक्सफेम ने एक रिपोर्ट में बताया कि 8 लोगों के पास दुनिया की आधी संपत्ति है. गौर करने वाली बात यह भी है कि यह 8 व्यक्ति पुरुष हैं.

इन 8 उद्योगपतियों में से 6 अमेरिका, 1 स्पेन और 1 मेक्सिको के उद्योगपति हैं. 2010 में 43 लोगों के पास इतनी संपत्ति थी. इन आंकड़ों से यह साफ हो गया है कि दुनिया के आधे गरीब पहले से ज्यादा गरीब हो गए हैं.

उद्योगपतियों का चयन फोर्ब्स की अरबपतियों की सूची से किया गया. इस सूची में माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स करीब 5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ शीर्ष पर हैं. उनके बाद अमांसियो ऑर्तेगा (करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये), वॉरेन बफेट (करीब 4.14 लाख करोड़ रुपये) का नंबर आता है. चौथे नंबर पर 3.6 लाख करोड़ के साथ मैक्सिकन कारोबारी कार्रोस स्लिम, पांचवें पर जेफ बेजोस (3 लाख करोड़), उसके बाद फेसबुक के संस्थापक और सीईओ मार्क जकरबर्ग (2.95 लाख करोड़ रुपये), लैरी एलिसन, ओरेकल कॉर्प (2.9 लाख करोड़ रुपये), माइकल ब्लूमबर्ग (2.7 लाख करोड़) का नाम आता है.

इनके पास है दुनिया की आधी संपत्ति

1. बिल गेट्स

बिल गेट्स गूगल के फाउंडर हैं. 1975 में उन्होंने पाल एलन के साथ विश्व की सबसे बड़ी साफ्टवेयर कंपनी खोली. बिल गेट्स अपने एनजीओ वर्क के लिए भी जाने जाते हैं. अगर बिल गेट्स का कोई अपना देश होता तो दुनिया में 37वां सबसे अमीर देश होता. इस तथ्य से तो सभी अवगत हैं कि विश्व का सबसे शक्तिशाली देश अमरिका कर्ज में डूबा हुआ है. बिल गेट्स चाहें तो पूरे देश का कर्ज 10 साल में चुका सकते हैं.

2. वॉरेन बफे

वॉरेन बफे पेशे से निवेशक और फिलेनथ्रोपिस्ट हैं. इन्हें शेयर बाजार की दुनिया में सबसे महान निवेशकों में से एक माना जाता है. वे बर्कशायर हैथवे के सीईओ हें. उन्हें वॉलस्ट्रीट में ‘विजार्ड ऑफ ओमाहा’ या ‘ओरेकल ऑफ ओमाहा’ के नाम से जाना जाता है. 11 साल की उम्र में उन्होंने पहला निवेश किया था. बफे दुनिया के सबसे बड़े निजी विमान कंपनी के मालिक हैं. 2016 से पहले बफे के पास न तो स्मार्ट फोन था और न ही उनके डेस्क पर कंप्यूटर रहता है.

3. अमानसियो ओरटेगा

अमानसियो ओरटेगा इंडिटेक्स फैशन के फाउंडर हैं. अमानसियो एक स्पैनिश उद्योगपति हैं. वे यूरोप के सबसे अमीर उद्योगपति हैं. अमानसियो जारा ब्रैंड के फाउंडर भी हैं. अमानसियो के पिता एक रेल कर्मचारी थे और आज वे जो भी हैं अपने दम पर हैं. 1999 तक उनके एक आईडी कार्ड की फोटो ही दुनिया के सामने थी.

4. जेफ बेजोस

जेफ बेजोस ऐमजॉन के सीईओ हैं. जेफ ने एक अच्छी जॉब छोड़कर ऐमजॉन कंपनी की शुरुआत की थी. ऐमजॉन विश्व की सफलतम ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक है. जेफ के पास एक प्राइवेट रॉकेट शिप कंपनी भी है, क्योंकि उन्हें बचपन से ही ऐस्ट्रोनोमी में रुचि थी.

5. कार्लोस स्लीम हेलु

कार्लोस टेलमेक्स के सीईओ हैं. सभी विकासशील देशों में वे सबसे अमीर हैं. 2007 में वे विश्व के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए थे. अमीर होने के बावजूद मेक्सिको के अलावा उनके पास रहने की कोई जगह नहीं है. स्लीम हेलु के पास भी कंप्यूटर नहीं है और वे सारा हिसाब किताब नोट कर के रखते हैं. तकनीकि बिजनेस के मालिक होने के बावजूद उनके पास तकनीक की समझ नहीं है. मेक्सिको में वे ‘मिस्टर मोनोपोली’ के नाम से मशहूर हैं.

6. माइकल ब्लूमबर्ग

माइकल ब्लूमबर्ग, ब्लूमबर्ग के सीईओ हैं. वे न्यूयॉर्क के मेयर रह चुके हैं और 2003 में उन्होंने न्यूयॉर्क के सार रेस्त्रां और बार में स्मोकिंग पर बैन लगा दिया था. वे समलैंगिकक शादियों को सपोर्ट करते हैं और उन्होंने ऐसी शादियां करवाई भी हैं.

7. मार्क जकर्बर्ग

पूरी दुनिया को एक मंच पर लाने का श्रेय जकर्बर्ग को जाता है. मार्क जकर्बर्ग फेसबुक के फाउंडर हैं. जकर्बर्ग ने फेसबुक को कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए बनाया था. जुकर्बर्ग ने भी ‘द गिविंग प्लेज’ पर साइन किया था. इस प्लेज के अनुसार वे कम से कम अपनी आधी संपत्ति चैरिटी को दान करेंगे. बिल गेट्स और वॉरेन बफे ने भी यह प्लेज साइन किया है.

8. लैरी एलीसन

लैरी ओरेकल कॉरपोरेशन के फाउंडर हैं. वे स्टीव जॉब्स के दोस्त भी थे. एलीसन प्रतियोगी स्वभाव के हैं. उनका जीवन कई फिल्मों के लिए प्रेरणा स्रोत है.

सिर्फ एक सेकेंड में डाउनलोड हो जाएगी आपकी फिल्म

मोबाइल इंटरनेट डाटा के मार्केट में धमाल मचाने के बाद अब जियो ने ब्रॉडबैंड सर्विस की शुरुआत कर दी है. इससे आप 1 जीबी का वीडियो सिर्फ 1 सेकेंड में डाउनलोड कर पाएंगे. इसे ‘फाइबर टू द होम’ (एफटीटीएच) सर्विस नाम दिया गया है. इसे अभी मुंबई के कुछ इलाकों में शुरू किया गया है.

अब आपको एक फिल्म डाउनलोड करने के लिए मिनटों की नहीं सिर्फ 1 सेकेंड की ही आवश्यकता होगी. सूत्रों की मानें तो मुबंई की कुछ जगहों पर इस सर्विस को शुरू कर दिया गया है और कुछ बिल्डिंगों में जियो फाइबर के लिए केबल इंस्टॉल किए जा रहे हैं. नवंबर में कंपनी ने कहा था कि उनका लक्ष्य जल्द ही ब्रॉडबैंड मार्केट में तहलका मचाना है.

बता दें मुकेश अंबानी ने 5 सितंबर को रिलायंस जियो की 4G सेवा लॉन्च करते वक्त बताया था कि रिलायंस जियो एफटीटीएच नेटवर्क से उपभोक्ताओं को 1 गीगाबाइट प्रति सेकंड (gbps) तक की इंटरनेट स्पीड मिल सकेगी. इससे आप 1024 Mb या यानि 1 जीबी का वीडियो सिर्फ 1 सेकेंड में डाउनलोड कर पाएंगे.

शुरु के 3 महीनों के लिए ये सर्विस पूरी तरह से मुफ्त है इसमें फेयर यूजेज सर्विस (FUP) के तहत हर महीने 100 जीबी तक फुल स्पीड दी जाएगी और इसके बाद 1 mbps की स्पीड आएगी. 90 दिनों के बाद इस सर्विस के लिए 500 रुपए से प्लान शुरु होंगे.

इस सर्विस के लिए अभी शुरुआत में राउटर और इंस्टालेशन के लिए 4500 रुपए चार्ज कर रही है. तीन महीने तक तो ये सर्विस फ्री होगी इसके बाद उपभोक्ताओं को एक प्लान चुनना पड़ेगा. हांलाकि अभी कंपनी के कौन कौन से प्लान हैं ये पता नहीं चला है.

मेरी योनि से बदबूदार पतला पानी निकलने लगा है. कहीं यह किसी गंभीर रोग का लक्षण तो नहीं है.

सवाल

मैं 32 साल की विवाहित स्त्री हूं. विवाह हुए 3 साल होने को आए पर अभी तक मेरी गोद नहीं भरी. पिछले साल मई के महीने में मैं ने इस के लिए इलाज भी लिया था, पर उस से बात नहीं बनी. कुछ दिनों से एक दूसरी समस्या ने भी आ घेरा है. योनि से बदबूदार पतला पानी निकलने लगा है. कहीं यह किसी गंभीर रोग का लक्षण तो नहीं है? बताएं क्या करूं?

जवाब

योनि से दुर्गंधमय स्राव आना इस बात का लक्षण है कि बच्चेदानी या योनि में या तो किसी तरह का इन्फैक्शन पैठ किए हुए है या फिर कोई दूसरा बड़ा रोग पनप रहा है. अत: इसे नजरअंदाज करना गलत है. देर करने से भीतर का रोग भीतर ही भीतर बढ़ कर अधिक गंभीर रूप ले सकता है.

समय से इलाज न कराने से आप को तो नुकसान पहुंचेगा ही, आप के पति के लिए भी यह नुकसानदेह सिद्ध हो सकता है. पतिपत्नी में से किसी एक को सैक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फैक्शन होने पर दूसरे को इन्फैक्शन होने का पूरापूरा रिस्क होता है.

आप दोनों मिल कर किसी योग्य शिक्षित गाइनोकोलौजिस्ट से मिलें और अपना ठीक से इलाज कराएं. यह स्राव क्यों हो रहा है, यह जानने के लिए डाक्टर आप की अंतरिक शारीरिक जांच करने के साथसाथ योनि से आने वाले स्राव के नमूने की जांच भी कराने के लिए कहेंगी.

इस जांच के बाद ही डाक्टर आप और आप के पति के लिए दवा लिखेंगी. आंतरिक इन्फैक्शन से छुटकारा पाने के लिए आप दोनों को ही नियम से दवा लेनी होगी.

जहां तक गोद न भरने का सवाल है, इस के लिए आप और आप के पति को किसी योग्य शिक्षित इनफर्टिलिटी डाक्टर से मिल कर इलाज कराना चाहिए. इनफर्टिलिटी के टैस्ट और इलाज करने में समय लगता है. अत: उस बीच धैर्य रखना जरूरी है.

 

अगर आप भी इस समस्या पर अपने सुझाव देना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट करें और अपनी राय हमारे पाठकों तक पहुंचाएं.

मैं एक युवक से 4 साल से प्यार करती हूं. हमारे बीच सबकुछ हो चुका है. क्या करूं.

सवाल

मैं एक युवक से 4 साल से प्यार करती हूं. पहले वह भी मुझ से बहुत प्यार करता था हमारे बीच सबकुछ हो चुका है. पहले वह बारबार मिलने आता था पर अब झूठ बोल कर मना करता है. कहता है क्या करूं?

जवाब

आप का रिलेशन 4 साल से है और आप अभी तक उसे नहीं समझ पाईं, हैरानी की बात है. आप ने बताया कि आप के बीच सबकुछ हो चुका है. अकसर प्रेमी शारीरिक संबंध बनाने के बाद विमुख हो जाते हैं कहीं आप के मामले में भी ऐसा ही तो नहीं?

याद कीजिए कि वह सबकुछ होने के बाद कटना शुरू हुआ या पहले से. उस के कटने की वजह जानने की कोशिश कीजिए. अगर अपने में सुधार लाने की आवश्यकता हो तो सुधार कीजिए. अगर उस की कोई कमी है तो उसे बताइए. आप का प्यार है प्यार से मनाइए मान जाएगा.

 

अगर आप भी इस समस्या पर अपने सुझाव देना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट करें और अपनी राय हमारे पाठकों तक पहुंचाएं.

माउंटेन बाइक खरीदने से पहले पढ़ लें ये खबर

जहां एक तरफ दिन प्रतिदिन गाड़ियों और मोटरबाइक्स का चलन बढ़ रहा है वहीं कुछ लोग साइकिल का सहारा लेने लगे हैं. साइकिल चलाने के कई फायदे हैं. साइकिल चलाते हुए हम तंदरुस्त और स्वस्थ रहते हैं साथ ही ट्रैफिक से भी बच जाते हैं.

साइकिल चलाने के इन्हीं फायदों को देखते हुए कई सारी कंपनिया साइकलिंग को प्रोत्साहन देने के लिए माउंटेन बाइक्स रैलियां आयोजित करवाती है जिससे लोगो में इसके इस्तेमाल को लेकर जागरूकता बढती है. आपके भी एक माउंटेन बाइक खरीदनी है लेकिन कौन सी साइकिल बेस्ट है इसका चुनाव आप नहीं कर पा रहे हो तो हमारे पास आपकी इस कंफ्यूजन का सोल्यूशन है.

आइये जानते है टॉप 10 माउंटेन बाइक्स के बारे में.

Giant XTC Advanced 27.5

माउंटेन बाइक की कैटिगरी में Giant का अच्छा-खासा नाम है. इसका लाइट वेट, शानदार लुक बाइक लवर्स को आकर्षित करता है. रफ रोड्स में रफ्तार और कंट्रोल का अद्भुत संगम बनाए रखना इस बाइक की खासियतों में शुमार है.

कीमत: 83,228 रुपए

Trek X Calibre-7

लाइटेस्ट, फास्टेस्ट और स्मार्टेस्ट की श्रेणी में इस बाइक को रखा जाता है. अलग-अलग साइज में ये बाइक्स बाजार में उपलब्ध हैं. इसमें मौजूद हाइड्रॉलिक ब्रेक सिस्टम किसी भी परिस्थिति में बाइक रोकने में सक्षम है.

कीमत: 63,500 रुपए

KHS ALITE 1000

यह जानी-मानी माउंटेन बाइक, एक्सपर्ट्स व बिगिनर्स, दोनों के लिए बेस्ट मानी जाती है. शिमानो ड्राइव ट्रेन, हाइड्रॉलिक डिस्क जैसे फीचर्स से लैस यह बाइक बेस्ट ट्रेल बाइक्स की श्रेणी में आती है.

कीमत: 40,000 रुपए

Specialized Rockhopper Disc

लाइटवेट टायर्स, लॉकेबल फॉर्क जैसे फीचर्स इसे बनाते हैं एक शानदार माउंटेन बाइक. इसे भी आप अपने गैराज में जगह दे सकते हैं.

कीमत: 50,400

TREK 4300 D

यह लाइट वेट तो है ही साथ ही, इसका स्टनिंग लुक बनाता है इसे और भी ज्यादा खास और खूबसूरत. इसमें 27 गियर्स का विकल्प दिया गया है, जिससे आप स्लो व तेज स्पीड में जाते हुए राइड को आरामदायक बना सकते हैं.

कीमत: 46,240 रुपए

Merida Big NINE 100

दुनियाभर में Merida बेहतरीन व इनोवेटिव बाइक्स बनाने के लिए जाना जाता है. प्रफेशनल व बिगिनर्स, दोनों के लिए यह बाइक बेस्ट ऑप्शन है. बिग नाइन बाइक में आपको 100 एमएम फ्रंट सस्पेंशन मिलता है, जो रास्ते की किसी भी तरह की बाधा झेलने में आपकी मदद करता है.

कीमत: 37,990 रुपए

Bergamont VITOX 6.4

Bergamont बाइक्स के क्षेत्र में अग्रणी ब्रैंड है. लाइट अलॉय फ्रेम, टेक्ट्रो वी-ब्रेक्स जैसे दिलचस्प फीचर्स इसे बनाते हैं परफेक्ट और बिंदास.

कीमत: 28,250

Scott Aspect 750

लाइट वेट, हार्ड टेल जैसे हाई-टेक फीचर्स के साथ यह बाइक माउंटेन बाइक्स की सारी जरूरतों को पूरा करती है. इसमें शिमानो डिस्क ब्रेक का भी विकल्प रहता है, जिससे राइडिंग करते हुए आपको मिलता है माउंटेन बाइक का ‘अडवेंचरस’ फील.

कीमत: 39,600 रुपए

SCHWINN FRONTIER FS

बजट बाइक्स व बिगिनर्स की श्रेणी में इसे भी अच्छा विकल्प माना जाता है. यह अपने अच्छे परफॉर्मेंस के लिए बाइक लवर्स के बीच जानी जाती है.

कीमत: 18,720 रुपए

Montra Rock 1.1

मोंट्रा रॉक 1.1 अपने क्लास में बजट बाइक मानी जाती है. यह अलग-अलग साइज में उपलब्ध है. ‘ट्रेल राइडिंग’ के लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकती है.

कीमत: 20,500 रुपए

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें