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वरुण का नितीश को इंकार

बौलीवुड में कुछ भी संभव है. सफलतम फिल्म ‘‘दंगल’’ में आमिर खान को निर्देशित करने के बाद फिल्म निर्देशक नितीश तिवारी हवा में उड़ने लगे हैं. उनका दावा रहा है कि उनके साथ बौलीवुड का हर कलाकार काम करने को लालायित है. मगर उनका यह दावा फुसफुसा पटाखा साबित हो गया.

वास्तव में फिल्म निर्माता सिद्धार्थ राय कपूर मशहूर उपन्यासकार वरुण गोयल की किताब ‘‘हाउ आई ब्रेव्ड अनू आंटी एंड स्टार्टेड ए मिलियन डौलर कंपनी’’ पर एक फिल्म का निर्माण कर रहे हैं, जिसके निर्देशन की जिम्मेदारी उन्होंने नितीश तिवारी को सौंपी है.

सूत्रों के अनुसार नितीश तिवारी इस फिल्म में हीरो के रूप में वरुण धवन को जोड़ना चाहते हैं. सूत्र दावा कर रहे हैं कि नितीश तिवारी ने समय लेकर वरुण धवन को फिल्म की पटकथा भी सुनायी, मगर वरुण धवन ने बड़ी विनम्रता के साथ उन्हें अंगूठा दिखा दिया. पर इसकी वजह बताने को कोई तैयार नहीं है.

वैसे नितीश तिवारी के नजदीकी सूत्र दावा कर रहे हैं कि वरुण धवन फिलहाल शुजीत सरकार के निर्देशन में फिल्म ‘‘अक्टूबर’’ करने जा रहे हैं, इसलिए इंकार किया. मगर हकीकत यह है कि वरुण धवन के पास ज्यादा फिल्में नहीं है. वह इस फिल्म को ‘अक्टूबर’ की शूटिंग पूरी करने के बाद भी कर सकते थे. खैर,आज नहीं तो कल सच सामने आएगा.

61 साल पहले आज ही के दिन हुआ था क्रिकेट का ये कारनामा

क्रिकेट इतिहास में कई बड़े रिकौर्ड बने हैं लेकिन 61 साल पहले आज के दिन एक ऐसा रिकौर्ड बना था जिसने सबको हैरान कर दिया था. ये एक ऐसा रिकौर्ड था जिसे तोड़ना आज भी नामुमकिन है.

यह एतिहासिक मुकाबला क्रिकेट की दो सबसे पुरानी व दिग्गज टीम औस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया था. ऑस्ट्रेलियाई टीम इंग्लैंड दौरे पर थी, मुकाबला मेनचेस्टर में खेला जा रहा था और ये सीरीज का चौथा मुकाबला था.

पारी के सभी दस विकेट चटकाना किसी करिश्मे से कम नहीं होता. क्रिकेट इतिहास में अब तक दो ही बार ऐसा हुआ है कि किसी पारी के सभी 10 के 10 विकेट किसी एक खिलाड़ी ने लिए हो.

सबसे पहले आज ही के दिन (31 जुलाई) 1956 में इंग्लैंड के जिम लेकर ने यह कारनामा किया था. इतना ही नहीं इस ऑफ स्पिनर ने अद्भुत प्रदर्शन करते हुए एक टेस्ट में 19 विकेट लेने का बेशकीमती कीर्तिमान अपने नाम किया.

जिम लेकर ने मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया सीरीज के चौथे टेस्ट में यह इतिहास रचा था. पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में इंग्लैंड ने 459 रन बनाए. जवाब में उतरी औस्ट्रेलिया की पूरी टीम महज 84 रन पर ही ढेर हो गई. जिम लेकर ने उस पारी में 16.4 ओवर करते हुए 37 रन देकर 9 विकेट झटके थे. इस दौरान लेकर ने अपने 7 विकेट तो महज 8 रन के अंदर ही झटक लिए थे. तब जिम लेकर पूरे 10 विकेट लेने से चूक गए थे, क्योंकि एक विकेट टौनी लौक ने ले लिया था.

31 जुलाई को टेस्ट के आखिरी दिन फौलोआन खेलते हुए औस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में 84/2 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया था.

जिम लेकर ने इस पारी में 51.2 ओवर में 53 रन देते हुए 10 विकेट झटके और इस दौरान 23 मेडन ओवर भी फेंके. वो पहला मौका था जब किसी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की एक पारी में 10 विकेट लिए थे और एक ही टेस्ट मैच में 19 विकेट हासिल करने का कमाल किया था. इंग्लैंड ने वो मैच पारी और 170 रनों से जीता था.

सालों तक इस रिकौर्ड को कोई गेंदबाज नहीं तोड़ सका था लेकिन फरवरी 1999 में एक भारतीय गेंदबाज ने इस रिकौर्ड की बराबरी कर ली और वो ऐसा करने वाले दूसरे गेंदबाज बन गए. वो महान गेंदबाज और कोई नहीं बल्कि जंबो के नाम से मशहूर महान भारतीय स्पिनर व पूर्व कप्तान अनिल कुंबले थे जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर दूसरी पारी में पाक टीम के सभी 10 विकेट झटक लिए थे.

जिम लेकर ने 46 टेस्ट में 21.24 की औसत से कुल 193 विकेट लिए. फर्स्ट क्लास क्रिकेट की बात करें, तो लेकर ने 450 मैचों में 18.41 के एवरेज से 1944 विकेट झटके.

हैप्पी बर्थडे मुमताज

आज बौलीवुड अभिनेत्री मुमताज का जन्मदिन है. एक दौर था जब चुलबुली, हंसमुख और नटखट मुमताज परदे पर आतीं तो सबकी धड़कनें रुक जाया करतीं थीं. हर कोई मुमताज की अदाओं और अदाकारी का दीवाना था. लेकिन, साठ और सत्तर के दशक की इस हसीन नायिका को जैसे आज भुला दिया गया है. 69 साल की मुमताज आज अपने वतन और कर्म भूमि मुंबई से हजारों किलोमीटर दूर लंदन में रह रहीं हैं. आइये जानते हैं उनके बारे में कुछ खास बातें.

भारत की आजादी के साल यानि कि साल 1947 में 31 जुलाई को मुंबई में जन्मीं मुमताज का सपना एक अभिनेत्री बनने का ही था.

मुमताज की मां नाज और आंटी निलोफर दोनों ही एक्टिंग की दुनिया में सक्रिय थीं, लेकिंन वे महज जूनियर आर्टिस्ट के ही रूप में काम किया करतीं थीं. 60 के दशक में मुमताज ने भी फिल्मों में छोटे-मोटे रोल करने शुरू कर दिए थे.

दारा सिंह की हीरोइन

उनकी किस्मत बदली तब जब दारा सिंह जैसे स्टार बौलीवुड का हिस्सा बने. दारा सिंह जैसे बुलंद किरदार के साथ काम करने से उस दौर की एक्ट्रेस बचतीं थीं. इसी का फायदा उठाया मुमताज ने और उन्होंने एक के बाद एक सोलह फिल्में दारा सिंह के साथ कीं. क्या आप यकीन करेंगे कि इन सोलह फिल्मों में दस फिल्में जबर्दस्त हिट साबित हुईं. यहां से सफर शुरू हो गया मुमताज की कामयाबी का.

राजेश खन्ना के साथ मिली बुलंदी

दारा सिंह के बाद फिर उन्हें मिला देश के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का साथ और यह दौर अभिनेत्री मुमताज की ज़िन्दगी का गोल्डन टाइम साबित हुआ.

राजेश खन्ना का टूटा दिल

राजेश खन्ना और मुमताज का एक साथ परदे पर दिखना कामयाबी की गारंटी मानी जाती थी. इस जोड़ी ने 'दो रास्ते', 'सच्चा-झूठा', 'आपकी कसम', 'अपना देश' 'प्रेम कहानी', 'दुश्मन', 'बंधन' और 'रोटी' जैसी सफल और यादगार फिल्मों में काम किया.

कहा जाता है कि ये जोड़ी वास्तविक जिन्दगी में भी काफी करीब थी. साल 1974 में जब मुमताज ने मयूर मधवानी से शादी की तब राजेश खन्ना का दिल टूट गया. राजेश खन्ना नहीं चाहते थे कि मुमताज अभी शादी करें.

शादी के बाद मुमताज ने फिल्मों में काम करना बंद कर दिया. उन्होंने अपने पंद्रह साल के करियर में 108 फिल्में कीं और इनमें से ज्यादातर फिल्में हिट ही साबित हुईं.

ब्रेस्ट कैंसर को मात

अपने दौर में टौप पर रहीं मुमताज ने हालांकि 1989 में 'आंधियां' फिल्म से दूसरी पारी खेलनी चाही लेकिन इस फिल्म के फ्लौप हो जाने के बाद उन्होंने इंडस्ट्री को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया. बाद में उन्हें ब्रेस्ट कैंसर हो गया जिससे वो एक फाइटर की तरह बाहर निकलीं.

अवार्ड्स

गौरतलब है कि साल 1971 में संजीव कुमार के साथ 'खिलौना' फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला. इसके अलावा साल 1996 में उन्हें फिल्मफेयर ने लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया. साल 2005 में मुमताज की बड़ी बेटी नताशा की शादी एक्टर फरदीन खान से हुई.

आज भूल गए सब

दारा सिंह और राजेश खन्ना की मौत पर मीडिया ने मुमताज से ज़रूर संपर्क करने की कोशिश की. लेकिन, सच तो यही है कि आज मुमताज एक भुला दी गयीं स्टार हैं.

पांच साल पहले मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में मुमताज ने कहा था कि उनके आस-पास चारों तरफ पानी ही पानी है लेकिन वो खुद बहुत प्यासी हैं और अकेली भी ग्लैमर और चकाचौंध से दूर.

तस्वीरों में ये भी देखिए कि, बला की खूबसूरत ये अभिनेत्री अब कैसी दिखती हैं.

बच्‍चे के बैंक खाते के बारे में जानते हैं आप?

जब आपके बच्चे युवा होने लगें तो अपने बच्चों के नाम पर बचत और निवेश शुरू करना हमेशा बेहतर होता है. नियमित आधार पर एक छोटी सी राशि की बचत के साथ शुरू कर सकते हैं. कोई भी निवेश करने के लिए अनुशासित बचत की आदत बहुत आवश्यक है.

यदि बचत करना मुश्किल है, तो नाबालिग के नाम पर एक अलग से खाता शुरू कर सकते हैं और एक आवर्ती डिपॉजिट शुरू कर सकते हैं. जिससे पैसे की बचत करने में मदद मिलेगी और इसका इस्तेमाल भविष्य में शुल्क भुगतान या कोई भी निवेश करने के लिए किया जा सकता है.

यहां एक अवयस्क बैंक खाते के बारे में जानने योग्य 5 स्मार्ट बातें :

बना रहता है क्रेडिट

बैंकों को इस तरह के नाबालिगों के खातों जैसे बचत डिपॉजिट खातों को खोलने के लिए अनुमति दी जाती है जिसमें संरक्षक के रूप में माता होती है. चूंकि अभिभावक को यह राशि निकालने की अनुमति नहीं होती है इसलिए ये हमेशा क्रेडिट में रहते हैं. ताकि उनके खाते में राशि बनी रहे और अनावश्यक चीजों के लिए यह खर्च न हो.

अपना खाता बच्‍चा खुद कर सकता है संचालित

10 वर्ष की आयु से ऊपर वाले नाबालिग अपनी इच्छा से बैंक खाते को खोल तथा संचालित कर सकते हैं. तो वहीं बैंक के पास जोखिम प्रबंधन प्रणालियों पर नज़र रखने के लिए उम्र और राशि के मामले में सीमा तय करने के लिए सभी अधिकार हैं.

मिलती हैं सारी सुविधाएं

आप इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, चैक बुक सुविधा जैसी अतिरिक्त बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं. नाबालिग के नाम पर अभिभावाक को चेक बुक जारी की जाएगी.

पैरेंट्स ही संचालित करें बच्‍चे का खाता

बालिग होने पर नाबालिग को खाते में शेष राशि की पुष्टि करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि खाता वास्‍तविक अभिभावाक द्वारा ही संचालित किया गया है.

सिग्‍नेचर की कॉपी है जरुरी

हस्ताक्षर का नवीन नमूना और अन्य निर्देश प्राप्त करने चाहिए और सभी कार्य करने के लिए इन्हें रिकार्ड में रखना चाहिए. ऐसे खाते अपने बच्चे को पैसे का महत्व समझाने और खर्च करने की आदत को नियंत्रण करने के लिए खोला जा सकता है.

जरुरी दस्‍तावेज

नाबालिग के लिए बैंक अकाउंट खुलवाने के लिए निम्‍म दस्‍तावेजों की आवश्‍यकता होती है :

– जन्म प्रमाण

– तिथि जन्म पंजीकरण प्रमाण पत्र

– जन्म तिथि दर्शाता हुआ रिपोर्ट कार्ड

– फोटो और जन्मतिथि का उल्लेख करता हुआ स्कूल आईडी कार्ड

अभिभावक के लिए जरुरी दस्‍तावेज

बच्‍चे के अकाउंट को खुलवाने के बच्‍चे के साथ-साथ माता-पिता के दस्‍तावेजों की भी जरुरत होती है.

– अभिभावाक द्वारा हस्ताक्षर किया जाने वाला नाबालिग का घोषणापत्र

– अभिभावाक का फोटो

– खाता खोलने के फार्म पर हस्ताक्षर

– यदि वह वास्‍तविक अभिभावक नहीं है तो उसे अदालत द्वारा नियुक्त किया जाना चाहिए   

टैक्‍सेशन

नाबालिग खाते से अर्जित ब्याज आय को अभिभावक की आय के साथ जोड़ा जाएगा और आयकर स्लैब के अनुसार उस पर टैक्स लगाया जाता है.

फोन में न करें इन अकाउंट से लौग इन..!

ज्यादातर ऐप्स साइन अप कराने से पहले उपयोगकर्ता की पर्सनल डिटेल्स मांगती हैं. जैसे यूजर्स या उपयोगकर्ता की उम्र, जन्म तिथि, ईमेल पता और फोन नंबर. यूजर्स इन डिटेल्स को मैन्युअल रूप से दर्ज कर सकते हैं या यूजर्स उन ऐप्स को सोशल नेटवर्क जैसे कि गूगल, फेसबुक या ट्विटर पर उपलब्ध डाटा का उपयोग करने की अनुमति दे सकते हैं. जिसके द्वारा ऐप्स को आपको बार-बार साइन इन करने की जरुरत नहीं होती.

इस प्रोसेस को सोशल लौग-इन के रूप में भी जाना जाता है और स्मार्टफोन यूजर्स आसानी से लॉग इन कर पाते हैं. इसके अलावा इस प्रोसेस से यूजर्स को बार-बार लौग इन होने के झंझट से मुक्ति मिलती है और समय की भी बचत होती है.

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस तरह से लौग इन करने पर आपकी प्राइवेसी को खतरा होता है. इसके साथ आपकी प्राइवेट डिटेल्स की जानकारी इन ऐप्स को मिल जाती है. ऐप डेवलपर्स यूजर्स के परमिशन के बिना नए तरीकों से अन्य ऐप्स तक पहुंच प्राप्त करने का प्रयास करते हैं.

यूजर्स की पर्सनल डिटेल्स की रखते है जानकरी

हाल ही के एक अध्ययन में पता चला है कि प्ले स्टोर पर हजारों एप्लिकेशन यूजर्स की संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने की कोशिश करते है. इसके अलावा ये ऐप्स यूजर्स की निजी जानकरियों को दूसरे ऐप्स के साथ साझा करते हैं, जिन्हें उपयोगकर्ता की अनुमति के बिना साझा किया जाता है. सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से इन ऐप्स को लौग इन करने का मतलब है कि आप अपनी निजी जानकारियों को खुद उन ऐप्स को दे रहे हैं.

ऐसे करें एक्सेस

कुछ सोशल मीडिया प्लेटफौर्म्स जैसे की फेसबुक, गूगल प्लस यह सुनिश्चित करते हैं कि कही ये ऐप्स यूजर्स के निजी जानकरियों का दुरुपयोग तो नहीं कर रहे हैं. यूजर्स ऐसे ऐप्स की जानकरी इस तरह से ले सकते हैं.

इसे फेसबुक से एक्सेस करने के लिए,

मैन्यू > अकाउंट सेटिंग्स > ऐप्स पर जाएं. गूगल प्लस से एक्सेस करने के लिए, गूगल+ साइन-इन के साथ मेनू-> अकाउंट-> एप्लिकेशन पर जाएं. किसी भी नए ऐप को लौग इन करने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल ना करना ही बेहतर होगा.

इन 5 भारतीय खिलाड़ियों ने श्रीलंका के खिलाफ किया टेस्ट डेब्यू

भारत और श्रीलंका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट श्रीलंका के गाल में खेला जा रहा है. इस टेस्ट में भारत जीत की ओर अग्रसर है. भारत-श्रीलंका के बीच खेले गए इस पहले मैच में ही कई रिकॉर्ड बन गए.

आपको बता दें कि गाल टेस्ट में भारत और श्रीलंका के बीच खेल जा रहे पहले टेस्ट में हार्दिक पांड्या ने शानदार डेब्यू किया है. पहली पारी में शानदार फिफ्टी जड़ने के साथ ही पांड्या ने खुद पर जताए कप्तान कोहली के भरोसे को सही साबित किया है.

पांड्या ने पहले मैच की पहली पारी में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक जड़ा साथ ही अपने नाम एक ऐसा रिकॉर्ड भी कर लिया है, जो आजतक कोई भारतीय खिलाड़ी नहीं कर पाया है.

पांड्या ने अपने नाम रिकॉर्ड के तौर पर एक ऐसा करिश्मा किया है, जिसे सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी जैसे बड़े–बड़े बल्लेबाज भी नहीं कर पाए हैं. दरअसल, हार्दिक पांड्या ऐसे पहले भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं, जिन्होंने अपने टेस्ट डेब्यू में तीन छक्के जड़े हैं.

पांड्या ने अपनी इस 50 रन की पारी में तीन छक्के लगाए. और ऐसा कारनामा करने वाले वह भारत के पहले बल्लेबाज बन गए हैं.

सिर्फ पांड्या ही नहीं, दोनों देशों के टेस्ट क्रिकेट के 35 साल के इतिहास में कई भारतीय खिलाड़ियों ने अपने करियर की शुरूआत की. जानें किन खिलाड़ियों ने श्रीलंका के खिलाफ अपना डेब्यू टेस्ट मैच खेला.

एमएस धोनी

धोनी ने टेस्ट करियर की शुरूआत चेन्नई में श्रीलंका के खिलाफ की थी. श्रीलंका 3 टेस्ट के लिए भारत के दौरे पर थी. नवंबर 2005 में धोनी ने जयपुर में हुए टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ 183 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी.

डेब्यू मैच में धोनी ने सिर्फ 30 रन ही बनाए थे. पहली पारी में भारतीय टीम महज 167 रनों पर ही सिमट गई थी. इसके बाद दिल्ली में हुए सीरीज के दूसरे टेस्ट में धोनी ने अपना पहला टेस्ट अर्धशतक लगाया. धोनी ने 2014-15 में हुए ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया.

सुरेश रैना

2008 के बाद से रैना ने बल्लेबाजी के मध्यक्रम में अपनी खास जगह बनाई. टी-20 प्लेयर के तौर पर रैना काफी प्रभावी रहे. 2010 में उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट टीम में चुना गया.

सीरीज के पहले टेस्ट में तो उन्हें मौका नहीं मिला, लेकिन दूसरे टेस्ट में युवराज सिंह के बीमार होने की वजह से उन्हें मौका मिला. रैना 6वें नंबर पर सचिन का साथ निभाने आए और अपने पहले ही टेस्ट में शतकीय पारी (120) खेल डाली.

तीसरे टेस्ट में युवराज के फिट होने के बावजूद रैना को मौका दिया गया. इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दोनों पारियों में क्रमशः 62 और नाबाद 41 रन बनाए.

भरत अरुण

अरुण फिलहाल टीम इंडिया के बॉलिंग कोच हैं. वह तमिलनाडु के रणजी प्लेयर थे. उन्हें 1986-87 में श्रीलंका खिलाफ 3 टेस्ट और 1 वनडे मैच के लिए चुना गया था. उन्हें कानुपर में पहला टेस्ट खेलने का मौका मिला, लेकिन वह अपनी पहली गेंद फेंकते वक्त ही फिसल गए. हालांकि, इसके बाद भी वह 76 रन देकर 3 विकेट लेने में सफल रहे और यही उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बन गया.

नागपुर में दूसरा टेस्ट वह खेल नहीं सके, लेकिन कटक में हुए तीसरे टेस्ट में उन्हें मौका मिला. पहली पारी में 26 रन देकर उन्होंने 1 विकेट लिया. दूसरी पारी में उन्होंने 2 ओवरों में 14 रन दिए. भारत ने मैच पारी और 67 रनों से जीत लिया. इसके बाद अरुण भारत के लिए एक भी टेस्ट नहीं खेल सके.

आशीष नेहरा

नेहरा को भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच एशियन टेस्ट चैंपियनशिप के लिए चुना गया था. टूर्नामेंट के दूसरे टेस्ट में उन्हें मौका मिला. पहला टेस्ट उन्होंने कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ खेला.

नेहरा ने मर्वन अटापट्टू को अपना पहला शिकार जरूर बनाया, लेकिन इसके बाद मैच में वह एक भी विकेट नहीं ले सके. मैच दूसरी पारी तक पहुंचा ही नहीं. 2001 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए टेस्ट तक वह टीम से दूर रहे. हालांकि, इसके बाद 2004 तक वह टेस्ट टीम का नियमित हिस्सा रहे. नेहरा ने करियर का आखिरी टेस्ट रावलपिंडी में पाकिस्तान के खिलाफ खेला और इसमें उन्हें यासिर हमीद के रूप में एकमात्र विकेट मिला था. नेहरा ने टेस्ट करियर में कुल 44 विकेट लिए हैं. 2001 में हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ 4/72 उनका सर्वश्रेष्ठ टेस्ट प्रदर्शन रहा है.

प्रज्ञान ओझा

2008 और 2009 के आईपीएल सीजन में डेक्कन चार्जर्स की तरफ से शानदार क्रिकेट खेलने के बाद प्रज्ञान को एशिया कप के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया. उस साल ही उन्हें श्रीलंका के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टेस्ट टीम में शामिल किया गया. प्रज्ञान को कानपुर में हुए दूसरे टेस्ट में अमित मिश्रा की जगह मौका दिया गया. मिश्रा ने पहले टेस्ट की एक पारी में ही 200 से ज्यादा रन दिए थे.

भुवनेश्वर में पैदा हुए इस खिलाड़ी ने अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में 23 ओवर का स्पेल किया और 37 रन देकर 2 विकेट चटकाए. दूसरी पारी में उन्होंने 2 विकेट लिए. भारत ने पारी और 144 रनों से मैच जीत लिया.

क्या! बीसीसीआई ने कोहली से मांगा इस्तीफा

मौजूदा समय में क्रिकेट के सबसे कमाऊ क्रिकेटर विराट कोहली के लिए बीसीसीआई ने एक फरमान जारी किया है. सूत्रों की मानें तो विराट कोहली को ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) का मैनेजर पद छोड़ने के लिए कहा गया है. बता दें कि विराट कोहली फिलहाल श्रीलंका टूर पर हैं और गाल टेस्ट खेल रहे हैं. इसी दौरान बीसीसीआई ने उन्हें यह संदेश भेजा है.

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के नियम के कौन्फ्लिक्ट औफ इंटरेस्ट के अनुसार, खिलाड़ियों को प्राइवेट फर्म में काम नहीं करने की बात कही गई है. सुप्रीम कोर्ट की क्रिकेट प्रशासक समिति (सीओए) ने बोर्ड को यह स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी खिलाड़ी किसी सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के पद पर नहीं रह सकता है. इसी के तहत बीसीसीआई ने विराट से पद त्यागने के लिए कहा है.

हितों के टकराव के मुद्दे पर कोहली से पहले सुनील गावस्कर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ जैसे भारत के कई दिग्गज क्रिकेटर भी सवालों के घेरे मे आ चुके हैं. आने वाले समय में विराट के अलावा कई अन्य खिलाड़ियों के लिए भी यह फरमान जारी हो सकता है.

देखा जाए तो विराट के लिए ये काम मुश्किल भी नहीं होगा. भारतीय कप्तान को जहां आईपीएल से करोड़ों मिलते हैं, वहीं बीसीसीआई का सलाना कौन्ट्रैक्ट और ब्रांड्स से भी मोटी कमाई होती है. वे कमाई के मामले में पूर्व कप्तान और अपने साथी क्रिकेटर महेंद्र सिंह से भी आगे हैं.

विराट कोहली ने कई स्थानीय टूर्नामेंटों में ओएनजीसी का प्रतिनिधित्व किया है. कप्तान के अलावा बीसीसीआई ने अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा सहित करीब सौ भारतीय क्रिकेटरों को सख्त चेतावनी जारी की है. जो किसी न किसी रूप में सार्वजनिक क्षेत्र के फर्म से जुड़े हुए हैं. इस मुद्दे पर नई दिल्ली में होने वाली अगला एसजीएम में चर्चा की जाएगी.

भारतीय क्रिकेटरों को हमेशा से ही रेलवे, ओएनजीसी, एयर इंडिया, एचपीसीएल, इंडियन ऑयल, बीएसएनएल, ऑडिट एंड एक्साइज और इनकम टैक्स ऑफिसों में अवैतनिक पद दिए जाते रहे हैं.

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा कि यह विषय होने वाली बैठक में जरुर चर्चा में होगा और इस पर गहनता से विचार किया जाने वाला है. हम सिर्फ खिलाड़ियों को लेकर ही बैठक नहीं करने वाले है बल्कि कुछ और कंफ्लिक्ट औफ इंटरेस्ट के मामले हैं, जिनपर चर्चा करेंगे. भारतीय खिलाड़ियों को कई कंपनियों में जैसे ओएनजीसी, एयर इंडिया, एचपीसीएल, इंडियन ऑयल आदि ने अपनी कम्पनियों में पद से नवाजा हुआ है.

कार लोन से जुड़े सवालों के जवाब खोज रही हैं आप?

कारों की घरेलू मांग का 70 फीसद विभिन्न बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं के ऑटो लोन के जरिये पूरा होता है. मध्यवर्ग के लिए कार खरीदने का यह सबसे सुविधाजनक तरीका है. ऐसा करने से न तो आपकी जेब पर बोझ पड़ता है और न ही निवेश के मौके कम होते हैं. चूंकि बाजार में बहुत से कर्जदाता उपलब्ध हैं. ऐसे में कार लोन लेने से पहले किसी भी ग्राहक को कुछ महत्वपूर्ण सवाल पूछने चाहिए.

कार लोन की ब्याज दर फिक्स्ड होती है या फ्लोटिंग?

कारों की घरेलू मांग का 70 फीसद विभिन्न बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं के ऑटो लोन के जरिये पूरा होता है. मध्यवर्ग के लिए कार खरीदने का यह सबसे सुविधाजनक तरीका है. ऐसा करने

कारों की घरेलू मांग का 70 फीसद विभिन्न बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं के ऑटो लोन के जरिये पूरा होता है. मध्यवर्ग के लिए कार खरीदने का यह सबसे सुविधाजनक तरीका है. ऐसा करने से न तो आपकी जेब पर बोझ पड़ता है और न ही निवेश के मौके कम होते हैं. चूंकि बाजार में बहुत से कर्जदाता उपलब्ध हैं. ऐसे में कार लोन लेने से पहले किसी भी ग्राहक को कुछ महत्वपूर्ण सवाल पूछने चाहिए.

– कार लोन की ब्याज दर फिक्स्ड है या फ्लोटिंग?

– कार लोन पर प्रोसेसिंग शुल्क क्या है?

– क्या कार लोन में पार्ट पेमेंट और प्री पेमेंट शुल्क का प्रावधान है?

– चेक बाउंस होने पर कितना शुल्क या दंड है?

– क्या डुप्लीकेट एनओसी के लिए ऋणदाता शुल्क लेता है?

– क्या बैंक द्वारा ऑटो लोन पर कोई छिपा शुल्क या दंड लिया जाता है?

ब्याज दरें दो प्रकार की होती हैं…

– फ्लोटिंग और

– फिक्स्ड.

फ्लोटिंग : फ्लोटिंग दर बैंक की आधार दर के साथ जुड़ी होती है और कर्ज की अवधि में इसमें बदलाव हो सकता है.

फिक्स्ड : फिक्स्ड ब्याज दर में कर्ज की पूरी अवधि में ब्याज दर अपरिवर्तित रहती है.

यदि आपको लगता है कि आने वाले सालों में ब्याज दरें घट सकती हैं तो आपको फ्लोटिंग दर का चयन करना चाहिए अन्यथा फिक्स्ड दर पर कर्ज लेना ठीक है.

प्रोसेसिंग शुल्क या आवेदन शुल्क आपके दस्तावेजों की प्रोसेसिंग के लिए लगाया जाने वाला शुल्क होता है. कुछ बैंकों का प्रोसेसिंग शुल्क निश्चित होता है, जबकि कुछ का प्रोसेसिंग शुल्क इस बात से तय होता है कि आप किस श्रेणी की कार के लिए कर्ज ले रहे हैं या आपको कार ऋण के तौर पर कितनी राशि चाहिए. ग्राहकों को केवल ब्याज दर में आंशिक अंतर होने पर किसी खास बैंक की तरफ आकर्षित होने से बचना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि ब्याज दर में भले ही आपको अंतर लगे. लेकिन आपकी मासिक किस्त में यह अंतर बेहद मामूली होता है. ब्याज दर में 25 आधार अंकों का अंतर कार लोन पर मात्र 12 रुपये प्रति लाख का फर्क देता है.

चैट करते करते ऐसे पता करें किसी की भी लोकेशन

आज कल तो हर कोई सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए बहुत लोगों से जुड़े रहते हैं. आप भी अपने दोस्तों से भले ही न मिलें, लेकिन उनसे फेसबुक और व्हाट्सएप पर बातें हमेशा करते रहते हैं. क्या आपने कभी ये सोचा है कि चैटिंग के अलावा फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए कई बातों का पता लगाया जा सकता है?

आपको बता दें कि आप फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए अपने किसी भी परिचित, अपनी गर्लफैंड या अपने बौयफ्रैंड और दोस्त की लोकेशन जान सकते हैं. तो हम आज आपको एक ऐसी ट्रिक बताने जा रहे हैं, जिसके द्वारा आप सामने वाले व्यक्ति की लोकेशन का आसानी से पता लगा सकते हैं. इसके लिए आपको नीचे दिए कुछ आसान से उपाय करने होंगे.

ये काम हम आईपी एड्रेस की मदद से करते हैं. तो ऐसे करते हैं आईपी एड्रेस से लोकेशन को ट्रेस :

1. सबसे पहले तो जिसका आप लोकेशन पता करना चाहते हैं, अपने उस दोस्त या व्यक्ति से चैट करना शुरू करिए, ताकि आप इसका IP एड्रेस जान सकें. यहां ये जरूर सुनिश्चित कर लें कि आपके कंप्यूटर में चल रही सभी एप्स बंद हो. अब कीबोर्ड में Win+R को प्रेस करें.

2. अब यहां cmd टाइप करके, एंटर का बटन दबाएं.

3. अब एंटर करने के बाद में कमांड प्रोम्प्ट में netstat-an टाइप करें और एंटर करें.

4. अब उस व्यक्ति का IP एड्रेस नोट कर लें.

5. अब आपको इस लिंक के साथ IP एड्रेस को टाइप कर उसको स्कैन करना होगा, जिससे आप लोकेशन जान सकते है.

फिल्मों के बाद अब टीवी पर भिड़ेंगे शाहरुख-सलमान

20 अक्टूबर 2006 को सलमान खान की फिल्म ‘जानेमन’ और शाहरुख खान की फिल्म ‘डौन’ एक ही दिन सिनेमाघरों में पहुंची थी. यानी कि तब सलमान खान और शाहरुख खान की भिड़ंत बौक्स औफिस पर हुई थी. इस भिड़ंत में सलमान खान की फिल्म ‘जानेमन’ को बौक्स औफिस पर असफलता के साथ ही काफी नुकसान उठाना पड़ा था.

यदि एक अंग्रेजी वेब साइट की खबर पर यकीन किया जाए, तो अब पूरे ग्यारह वर्ष बाद एक बार फिर सलमान खान और शाहरुख खान की भिड़ंत होने वाली है. मगर इस बार यह भिड़ंत फिल्मों के माध्यम से बौक्स औफिस पर नहीं बल्कि टीवी पर होने वाली है. जी हां! सलमान खान और शाहरुख खान सितंबर माह में अलग अलग चैनलों पर टीवी कार्यक्रम का संचालन करते हुए नजर आएंगे. मजेदार बात यह है कि इन दोनों के टीवी शो एक ही दिन एक ही समय पर अलग अलग चैनलों पर प्रसारित होने वाला है.

सूत्रों के अनुसार शाहरुख खान ‘स्टार प्लस’ के लिए पूरे विश्व में लोकप्रिय टाक शो ‘टीईडी टाक्स : नई सोच’ के भारतीय करण का संचालन करते हुए नजर आएंगे, जिसका निर्माण ‘फर्मेंटल मीडिया इंडिया’ कर रहा है. जबकि उसी वक्त ‘कलर्स’ चैनल पर ‘बिग बौस’ का सीजन ग्यारह प्रसारित होगा, जिसका संचालन सलमान खान करेंगे.

सूत्रों के मुताबिक सलमान खान ‘बिग बौस सीजन ग्यारह’ के प्रोमो के लिए 30 जुलाई, रविवार के दिन शूटिंग करने वाले हैं. आपको बता दें कि ‘बिग बौस सीजन ग्यारह’ का प्रसारण ‘कलर्स’ चैनल पर 17 या 24 सितंबर से शुरू होगा. तो दूसरी तरफ शाहरुख खान टीवी शो ‘टीईडी टाक्स : नई सोच’ के लिए 19 अगस्त को शूटिंग शुरू करेंगे. सूत्रों की मानें तो शाहरुख खान हर दिन दो एपिसोड की शूटिंग करते हुए सिर्फ सात दिन के अंदर 14 एपिसोड की शूटिंग पूरी करेंगे.

सूत्र दावा कर रहे है कि शाहरुख खान को इस टाक शो का संचालन करने के लिए एक सप्ताह के लिए तीस करोड़ की राशि मिलने वाली है. शाहरुख खान के इस टाक शो का प्रसारण सितंबर माह से हर रविवार रात 9 बजे ‘स्टार प्लस’ पर होगा.

सूत्रों के अनुसार टाक शो ‘टीईडी टाक्स : नई सोच’ के हर एपिसोड में विश्व में बसे भारतीय मूल की तीन बड़ी हस्तियां भाषण देंगे, बात करेंगे. यह स्पीकर अपनी निजी जिंदगी के अनुभवों को बांटते हुए प्रेरणा दायक स्पीच देने वाले हैं. इतना ही नहीं दर्शकों को बांधने के लिए हर एपिसोड में संगीतकार ए आर रहमान अपना मैलोडियस संगीत परोसेंगे.

जब से सलमान खान और शाहरुख खान के एक साथ टीवी पर आने की खबरें गर्म हुई हैं, तब से चर्चाएं शुरू हो गयी हैं कि कौन किसे मात देगा. लोग दावा कर रहे हैं कि सलमान खान का पलड़ा भारी है. वह ‘बिग बौस’ के कई सुपरहिट सीजन दे चुके हैं. जबकि शाहरुख खान अब तक टीवी पर असफल ही होते रहे हैं. ज्ञातब्य है कि शाहरुख खान अतीत में टीवी पर ‘कौन बनेगा करोड़पति’, ‘पांचवीं पास’, ‘सबसे सुहाना कौन’ और ‘जोर का झटका’ जैसे असफल टीवी कार्यक्रमों का संचालन कर चुके हैं.

इतना ही नहीं बौलीवुड के साथ साथ टीवी इंडस्ट्री में चर्चाएं गर्म हैं कि शाहरुख खान के इस टीवी शो से जुड़ने की खबर को महज फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ को ध्यान में रखकर छिपाकर रखा जा रहा है. अब इसके क्या मायने हैं, यह हमें पता नहीं चल पाया. मगर यह सच है कि ‘टीईडी टाक्स : नई सोच’ का निर्माण कर रही कंपनी ‘फर्मेंटल मीडिया इंडिया’ ने भी इस टीवी शो को लेकर चुप्पी साध रखी है.

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