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बचना चाहते हैं गूगल ट्रैकिंग से तो अपनाएं ये तरीका

इंटरनेट और डिजिटल दुनिया में आपके हर कदम की निगरानी रखी जाती है. गूगल आपकी सभी जानकारियों को न सिर्फ ट्रैक करता है बल्कि वो इसका डेटा भी अपने पास सेव करके रखता है.

इसकी खास वजह यह है कि गूगल यूजर्स की पसंद को ट्रैक कर उन्हें उनके मुताबिक चीजों का विज्ञापन दिखाती है. अगर आप चाहते हैं कि इससे बचे तो चलिये जानते हैं प्रक्रिया.

गूगल को पता है हर ‘राज’
गूगल आपको ट्रैक कर आपके सभी राज जान लेता है. यह मामला पूरी तरह से कमर्शियल होता है. यानी गूगल आपकी जानकारियों को ट्रैक कर पैसे बनाती है. आपको बता दे कि, सर्च इंजन गूगल के रेवेन्यू में विज्ञापन का एक बड़ा हिस्सा है. इसलिए गूगल आपकी सर्च, वौयस सर्च, लोकेशन चेंजेज को गूगल ट्रैक कर अपने पास स्टोर करता है.

आपकी आवाज होती है रिकौर्ड
अगर आप गूगल में वौयस सर्च का इस्तेमाल करते हैं तो आपको बता दे कि गूगल इसकी भी जानकारी रखता है. गूगल आपके वौयस रिकौर्ड कर अपने पास स्टोर करता है. एक यूजर के रूप में आप इन सभी रिकौर्ड्स को ब्राउजिंग कर सुन सकते हैं. इसके लिए गूगल का कहना है कि वह अपनी भाषा और रेकग्निशन टूल्स को पहले से बेहतर बनाने के लिए वायर रिकौर्ड करती है. जिससे आपके सर्च रिजल्ट को और भी बेहतर बनाया जा सके.

लोकेशन ट्रैक करने से बचें
टेक्नोलौजी के बढ़ते दौर ने हमारे लिए कई चीजों को आसान बना दिया है. इसका फायदा उठाने के लिए हम कभी-कभी अपनी प्राइवेसी से भी समझौता कर लेते हैं. गूगल आपके सफर को तो आसान बनाता है लेकिन साथ ही आपकी हर लोकेशन को आसानी से ट्रैक भी कर लेता है. अगर आप चाहते हैं कि गूगल आपकी लोकेशन के बारे में न जान पाए तो इसके लिए आपको लोकेशन ट्रैकिंग से बचना चाहिए. इसके लिए अपने फोन की सेटिंग एप्लिकेशन में जाकर प्राइवेसी एंड सेफ्टी औप्शन पर जाएं. यहां आपको लोकेशन का एक विकल्प दिख रहा होगा उसे टर्न औफ कर दें. ऐसा करने से गूगल आपकी लोकेशन को ट्रैक नहीं कर पाएगा.

अपने रिकौर्ड्स को गूगल से करें डिलीट
इसके लिए गूगल के माय एक्टिविटी हिस्ट्री पेज पर आपको जाना होगा. यहां आपको रिकौर्डिंग की लंबी लिस्ट दिखाई देगी. यहां से आप स्पेशियलिटी औडियो पेज पर जा सकते हैं, जहां आपको अभी तक के सभी वौयस कमांड की डिटेल्स मिल जाएंगी. ध्यान रहे कि, गूगल ने जून 2015 में औडियो रिकौर्ड्स एक्सेसिंग फीचर को लौन्च किया था. अपने वौयस और वेब रिकौर्डिंग को स्टौप करने का सबसे बेहतर तरीका है कि आप इन फाइल्स को डिलीट कर दें. आप किसी भी रिकौर्ड एंट्री पर मौजूद तीन डौट्स पर क्लिक करके उसे डिलीट कर सकते हैं.

अब यह घड़ी कराएगी आपको दिल्ली मेट्रो का सफर

दिल्ली मेट्रो में सफर करने के लिए आपको टोकन या फिर मेट्रो कार्ड की जरूरत होती है. लेकिन अगर मेट्रो में सफर के लिए आपको इनकी जरूरत ही न पड़े और आपका काम आपकी घड़ी कर दे तो कैसा रहेगा. आपने जेम्स बान्ड का नाम तो सुना ही होगा उनकी घड़ी तो कई काम करती है, पर हमारी घड़ी का क्या ?

वह तो सिर्फ हमें समय दिखाने और अलार्म बजाने का ही काम करती है. पर क्या आपको पता है कि अब बाजार में ऐसी घड़ी आने वाली है जो दिल्ली मेट्रो का सफर कराएगी. जी हां, हम मजाक नहीं कर रहें, यह सच है. वाच टू पे (Watch2Pay) की घड़ी बाजार में आई है, जो कम से कम दो काम जरूर करती है. पहला ये टाइम दिखाती है दूसरा मेट्रो में सफर कराती है.

वाच टू पे  एक कंपनी है जिसने भारत में दो रिस्ट वाच लौन्च किया है. इसकी खासियत ये है कि इसे मेट्रो कार्ड या टोकन की तरह यूज किया जा सकता हैं. इस घड़ी के दो वैरिएंट हैं एक मेटल है दूसरा नान मेटल. अब आप सोच रहे होंगे इसमें मेट्रो कार्ड कैसे लगाएंगे या इसमे मेट्रो टोकन कैसे लगेगा. तो इसके लिए इस घड़ी के साथ एक मेट्रो कार्ड भी दिया जाएगा. यह कार्ड सिम के साइज का है और इस घड़ी में एक स्लाट है. जिसमें इस कार्ड को लगाया जा सकता हैं. कार्ड पर मेट्रो कार्ड नंबj दर्ज है जिसके जरिए आप पेटीएम से मेट्रो कार्ड रिचार्ज करा सकते हैं. रिचार्ज कराने का तरीका वैसा ही है जैसे आम कार्ड को रिचार्ज कराते हैं.

इसे पहन कर आप मेट्रो स्टेशन पर जा सकते हैं. बस करना इतना ही की जहां कार्ड टच करते हैं अब आपको सिर्फ घड़ी टच कराना है और गेट खुल जाएगा.

पेटीएम माल से इसे खरीदा जा सकता है. जहां यह कीमत 2,999 रुपये से 9,545 रुपये तक की कीमत में मौजूद है और यह कुल मिला कर 14 डिजाइन्स में उपलब्ध है. इसके प्रीमियम वैरिएंट भी हैं जिनमें स्टेनलेस स्टील रोज और गोल्ड जैसे वैरिएंट्स शामिल हैं. नान मेटल घड़ियों में स्टील बकल के साथ सिलिकान के स्ट्रैप दिए गए हैं.

इस फिल्म में साथ नजर आएंगे अनिल और सोनम कपूर

अनिल कपूर और सोनम कपूर के फैन्स के लिए खुशखबरी है. फिल्मकार विधु विनोद चोपड़ा अनिल कपूर और सोनम कपूर की बाप-बेटी की जोड़ी को लेकर एक फिल्म बनाने जा रहे हैं. इस फिल्म का नाम अनिल कपूर की फिल्म ‘1942 लव स्टोरी’ के फेमस गाने की तर्ज पर ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ रखा गया है. सूत्रों के मुताबिक, इस फिल्म को विधु की बहन शेली चोपड़ा डायरेक्ट करेंगी.

इस बारे में बात करते हुए विधु विनोद चोपड़ा ने कहा, ‘यह एक बहुत बड़ी बात है. मैं इसे लेकर बहुत उत्साहित हूं. अनिल कपूर के साथ ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ में काम करके मजा आने वाला है. अनिल और सोनम दोनों इस फिल्म में काम कर रहे हैं. मैं इस पर जल्द ही काम करना शुरू करूंगा.’

आपको बता दें कि ‘1942 लव स्टोरी’ अनिल कपूर की बेहतरीन फिल्मों से एक है. वहीं इस फिल्म का गाना ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ काफी फेमस हुआ था. दिलचस्प बात ये हैं कि विधु विनोद चोपड़ा ने अनिल कपूर की फिल्म ‘परिंदा ‘और ‘1942 लव स्टोरी ‘ दोनों का निर्देशन किया है. हालांकि इस रोमांटिक गाने को रिलीज हुए 23 साल बीत चुके हैं लेकिन लोगों में इस गाने का क्रेज आज भी उतना ही है.

विधु विनोद चोपड़ा इस समय संजय दत्त की बायोपिक में काफी बिजी है. इस फिल्म में रणबीर कपूर मुख्य भूमिका में नजर आएंगे. ये फिल्म अगले साल मार्च में रिलीज होगी.

शाकिब बने इस कमेटी में शामिल होने वाले पहले बांग्लादेशी क्रिकेटर

बांग्‍लादेश के क्रिकेटर शाकिब अल हसन के नाम पर एक बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है.

जी हां, बांग्लादेश के स्टार आलराउंडर शाकिब अब एमसीसी विश्‍व क्रिकेट कमेटी में शामिल होने वाले पहले बांग्लादेशी क्रिकेटर बन गए हैं. शाकिब के अलावा सूजी बेट्स, इयान बिशप और कुमार धर्मसेना को भी इस कमेटी में शामिल किया गया है.

अपनी इस उपलब्धि पर शाकिब ने कहा, ‘मैं वास्तव में एमसीसी विश्‍व क्रिकेट कमेटी का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे अपनी इस समिति के एक सदस्य के रूप चुना. मुझे यह सम्मान देने के लिए क्लब का बहुत बहुत शुक्रिया.’

एमसीसी की वेबसाइट पर कहा गया है, कि ‘मई में एमसीसी की वार्षिक आम बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार इंग्लैंड और मिडिलसेक्स के पूर्व कप्तान माइक गैटिंग कमेटी के नए अध्यक्ष होंगे.’ बता दें कि गैटिंग इससे पहले 2006 से 2012 तक वर्ल्ड क्रिकेट कमेटी के सदस्य रहे थे और अब वह इंग्लैंड के एक अन्य पूर्व कप्तान माइक ब्रेयरली की जगह लेंगे.

शाकिब को बांग्लादेश के बेहतरीन आलराउंडर खिलाड़ियों में से एक हैं. उन्होंने अब तक 51 टेस्ट और 177 वनडे खेले हैं. टेस्ट क्रिकेट में शाकिब 5 और वनडे में सात शतक जमा चुके हैं. टेस्ट मैचों में 188 विकेट लेने के अलावा 3594 रन बनाने का खिताब भी उन्हीं के नाम हैं. उन्होंने 59 टी-20 मैचों में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व भी किया है.

दीवाली के मौके पर खरीद रहे हैं सोने के सिक्के तो ध्यान में रखें ये बातें

त्योहारी सीजन आ गया है और बाजार खरीदारी के लिए सज चुके हैं. आप में से कई लोग दीवाली के मौके पर सोने चांदी की खरीदारी करते होंगे. देश में सोना निवेश का एक सुरक्षित तरीका माना जाता है. लेकिन चांदी के बजाए लोग सोने के सिक्कों को खरीदने में ज्यादा अहमियत देते हैं, वो इसलिए क्योंकि आगे चलकर इनको अगर कोई बेचता है तो रिटर्न अच्छा मिलता है. हालांकि, इस चक्कर में आप कई गलतियां भी कर देते हैं. हम आज आपको बताने जा रहे हैं कि सोने के सिक्कों को खरीदने से पहले किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए.

सोने की शुद्धता

सोने की शुद्धता जानने के लिए दो मापदंड है कैरेट और फाइननेस. कैरेट का चलन सबसे ज्यादा है. 24 कैरेट शुद्ध सोने का मतलब है कि सोने के 24 में 24 पार्ट्स खरा सोना ही होंगे. 22 कैरेट सोने का अर्थ है कि 24 में 22 पार्ट्स ही सोना होंगे, जबकि बाकी 2 चांदी या जिंक हो सकते हैं.  फाइननेस ज्यादातर 24 कैरेट सोने की जांच के लिए इस्तेमाल की जाती है.

हौलमार्क

भारत सरकार ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की स्थापना की ताकि लोगों को अच्छी क्वालिटी का सामान मिले. सोने की खरीदारी में भी बीआईएस की भूमिका काफी अहम होती है क्योंकि सिक्कों या गहनों की शुद्धता के लिए इसकी मुहर अनिवार्य है.

सोने की खरीद के दौरान पांच निशान अहम होते हैं. इसमें बीआईएस की मुहर, शुद्धता का नंबर (22 कैरेट के लिए यह 916 है), परख और हौलमार्क सेंटर का चिह्न, बनावट का साल और ज्वेलर का पहचान चिह्न जरूरी है.

पैकेजिंग

सोने के सिक्के टेम्पर प्रूफ पैकेजिंग में आते हैं. कई ज्वेलर्स खरीदारों को सुझाव देते हैं कि इस पैकेजिंग के साथ छेड़छाड़ न की जाए या इसे न फाड़ा जाए, ताकि इसे आसानी से बेचा जा सके. इस पैकेजिंग को भी सोने की शुद्धता ता सबूत माना जाता है.

मार्केट चार्ज

सोने के सिक्के की खरीदारी गहनों से आसान है. इसमें घढ़ाई की कीमत काफी कम होती है. सोने के सिक्कों पर 4 से 11 फीसदी तक का चार्ज लिया जाता है. वहीं गहनों पर यह चार्ज 8 से 10 फीसदी शुरू होता है और कारीगरी के हिसाब से बढ़ता जाता है.

मूल्यवर्ग

बाजार में सोने के सिक्के 0.5 ग्राम से लेकर 50 ग्राम तक के वजन में उपलब्ध होते हैं. आप अपने बजट के हिसाब से खरीददारी कर सकते हैं.

कहां करें खरीदारी

लोकल ज्वैलर के अलावा सोने के सिक्के बैंक, स्टौक होल्डिंग कैर्पोरेशन औफ इंडिया, एमएमटीसी और नौन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों से भी खरीदे जा सकते हैं.

अनुष्का को प्यार से इस नाम से बुलाते हैं विराट

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का प्यार फिलहाल क्रिकेट जगत का सबसे चर्चित अफेयर बना हुआ है. यह जोड़ी हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है, फिर चाहे बात किसी विज्ञापन में शूटिंग की हो या फिर विदेश में दोनों का एकसाथ घूमना.

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा का रिश्ता अब किसी से छिपा नहीं है. अनुष्का की तारीफ करने का कोई भी मौका विराट नहीं छोड़ते. हाल ही में विराट ने एक स्पेशल शो की शूटिंग की थी, जिसका प्रसारण दीवाली के मौके पर टीवी के एक एंटरटेनमेंट चैनल पर किया जाएगा.

विराट दीवाली पर आमिर खान के चैट शो पर नजर आएंगे. यह पहली बार होगा जब बौलीवुड और क्रिकेट के सुपरस्टार आमिर खान और विराट कोहली एकसाथ मंच साझा करेंगे. यह शो 15 अक्टूबर को प्रसारित होगा. शो में विराट ने अपनी निजी जिंदगी और अनुष्का शर्मा के बारे में कई खुलासे किए हैं.

बताया जा रहा है कि इस बातचीत में विराट ने अनुष्का के बारे में भी काफी सारी बातें कहीं और उसी दौरान अनुष्का की तारीफ करते हुए बातों ही बातों में उनके मुंह से अनुष्का का वह निकनेम भी जगजाहिर हो गया, जिस नाम से वह अनुष्का को बुलाते हैं. अनुष्का के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में विराट ने अनुष्का की तारीफ करते हुए कहा, ‘नुष्की बहुत ईमानदार है.’

विराट के इस बयान ने अचानक सभी का ध्यान खींचा. विराट के इस बयान से यह साफ जाहिर हो जाता है कि अनुष्का उनके लिए कितनी खास है और वह प्यार से उन्हें क्या कहकर बुलाते होंगे, वरना अचानक उनके मुंह से अनुष्का के बजाय यह नाम कैसे निकलता!

बरहाल, यह ‘नुष्की’ कौन है, इसका पूरा खुलासा तो शो के प्रसारण के बाद ही होगा. इस शो में विराट की बातचीत का एक छोटा सा वीडियो भी पिछले दिनों जारी किया गया है. दीवाली का हर्षोल्लास और बढ़ाने के लिए ये दोनों अपनी निजी जिंदगी के कई राज भी एक-दूसरे के साथ शेयर करेंगे. इस शो में विराट भांगड़ा करेंगे, मगर दर्शकों में सबसे ज्यादा उत्सुकता अब यही जानने की है कि अनुष्का के बारे में विराट ने क्या-क्या कहा.

अगले साल रिलीज होगी सआदत हसन मंटो के जीवन पर आधारित फिल्म ‘मंटो’

बौलीवुड एक्ट्रेस नंदिता दास अपनी आगामी फिल्म ‘मंटो’ की शूटिंग पूरी कर चुकी हैं. यह फिल्म मशहूर लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन पर आधारित है. बताया जा रहा है कि यह फिल्म अगले साल 2018 के मध्य तक रिलीज हो जाएगी. इस फिल्म में आपको नवाजुद्दीन सिद्दीकी और रजनीश दुग्गल की शानदार एक्टिंग भी देखने को मिलेगी.

नंदिता जब जियो मामी 29वें मुंबई फिल्म महोत्सव के उद्घाटन समारोह में पहुंची, तो वहां उनसे पूछा गया कि ‘मंटो’ में फिल्माये गये अपने किरदार से वह कितना खुश हैं? तो इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “अगर आप किसी निर्देशक से पूछेंगे कि फिल्म की शूटिंग करने के बाद वह कितना खुश है तो उनके लिए इस सवाल का जवाब देना काफी मुश्किल है, लेकिन मैं बस इतना ही कहूंगी, यह बेहद खराब नहीं हो सकता. जब आप पोस्ट-प्रोडक्शन में होते हैं, तो उस समय यह सिर्फ बेहतर ही हो सकता है.

नवाजुद्दीन और रजनीश दुग्गल के साथ अपने काम करने का अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों बेहतरीन कलाकार और बेहद अच्छे इंसान हैं. मुझे लगता है, मैं सौभाग्यशाली हूं जो मुझे इन उम्दा कलाकारों और क्रू मेम्बरों के साथ काम करने और सीखने का मौका मिला.

नंदिता ने कहा, “यह मेरे लिए एक बेहद ही शानदार अविश्वसनीय सफर रहा है, जिसका कई विश्वसनीय लोग हिस्सा रहे हैं. मैं उम्मीद करती हूं कि अगले साल सआदत हसन मंटो के जीवन पर बनी फिल्म ‘मंटो’ सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो जाएगी.

मैं 25 वर्षीय अविवाहित स्त्री हूं. मुझे पेशाब करते समय योनिमुख में जलन महसूस होती है. बताएं क्या करूं.

सवाल
मैं 25 वर्षीय अविवाहित स्त्री हूं. वजन 45 किलोग्राम है. मुझे पेशाब करते समय योनिमुख में जलन महसूस होती है. खुजलाहट नहीं होती है, लेकिन योनि से सफेद चिपचिपा डिस्चार्ज निकलता है, जिस से दुर्गंध आती है. मैं ने पेशन की पूरी माइक्रोस्कोपी करवाई है. रिपोर्ट में मेरा पीएच का स्तर 5, विशिष्ट घनत्व 1.05 था और नाइट्राइटिस तथा बिलिरुबिन नैगेटिव था.  मैं ने बैक्टीरिया का पता लगाने के लिए यूरिन कल्चर भी करवाया. डाक्टर ने कैंडिड क्रीम और वी वौश लिखा, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है. बताएं क्या करूं?

जवाब
डाक्टर ने आप को कैंडिडिआसिस (फंगल इन्फैक्शन) मान कर दवा लिखी है. मेरे विचार से आप की मूत्रनली में इन्फैक्शन (यूटीआई) हो सकता है. आप 5 दिनों तक भोजन करने के बाद सिप्रोफ्लोक्सासिन की गोली रोजाना 2 बार लें. इस से आप ठीक हो जाएंगी.

वीडियो : देखिए आपके मोबाइल में कैसे काम करता है इंटरनेट

हम अकसर यह बात करते हैं की आज तकनीक इतनी ज्यादा विकसित हो चुकी है कि कहीं भी कभी भी कुछ भी संभव है. बस एक क्लिक और आपका संदेश दूर बैठे आपके दोस्त, रिश्तेदार तक पहुंच जाता है, आप घर बैठे देश दुनिया की खबरों से रूबरू हो जाते हैं. लेकिन क्या कभी सोचा है कि यह सब कैसे संभव होता है. जरूर सोचा होगा, और जवाब भी मिला होगा. यह सब इंटरनेट के कारण ही तो हो पाता है. बेशक यह सब इंटरनेट के कारण ही हो पाता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये इंटरनेट है क्या चीज, कैसे काम करता है, कहां से आता है, कहां जाता है, कौन है इसका मालिक, आदि. यदि आपने कभी इन सब बातों पर गौर नहीं फरमाया है तो चलिए आज हम आपको देते हैं इस इंटरनेट से जुड़ी हर जानकारी.

इंटरनेट है क्या

इंटरनेट (Internet : internationa. network of computer ) एक ऐसा माध्यम है जो दुनियाभर के सर्वर को लगभग सभी देशों से जोड़ता है. आप इसे इस उदाहरण से समझ सकते है. जैसे हाईवे विभिन्न राज्यों को एक दूसरे से जोड़ती है ठीक वैसे ही इंटरनेट एक ग्लोबल प्रणाली है जो बहुत से कंप्यूटर नेटवर्क को मिलाकर बनती है. इंटरनेट समुंदर और तारों द्वारा फैलाया गया एक जाल है जो दुनिया भर क लोगों को जोड़े रखता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में सबसे पहले 15 अगस्त 1995 को सरकारी कंपनी BSN. ने इंटरनेट का शुरुआत किया.

कैसे काम करता है इंटरनेट

यह जानने के बाद कि इंटरनेट क्या है आप यह सोच रहे होंगे कि यह काम कैसे करता है. आपकी उत्सुकता को कम करते हुए आपको बता दें कि इंटरनेट औप्टिक फाइबर केबल (Optic Fiber Cable) से चलता है. 99% इंटरनेट औप्टिक फाइबर से चलता है. आप सोचेंगे आपके मोबाइल में कहां से केबल आ गया तो आपको बता दें कि जिस टावर से आपका नेटवर्क आता है वहां से एक केबल बिछी हुई है. यह औप्टिकल फाइबर समुद्र में बिछा होता है.

इंटरनेट तीन चरण में काम करता है, जिसके बारे में हम आपको आगे बताएंगे. जो भी कोई इनफार्मेशन आप इंटरनेट पर सर्च करते हैं तो आपका कंप्यूटर आपको इंटरनेट देने वाली कंपनी के सर्वर से कनेक्ट हो जाता है जिसको हम ISP (Internet service provider) कहते हैं और एक ISP को हर किसी के ब्राउजर से जो भी रिक्वेस्ट मिलती है वह सर्वर आपको भेज देता है और राउटर की मदद से आप तक आपकी इनफार्मेशन पहुचां दी जाती है.

यदि आपको इंटरनेट देने वाली कंपनी के ISP  के पास वह सुचना नहीं होती है तो वह सर्वर आस पास के बाकी सर्वरों से कनेक्ट हो जाता है और फिर वहां से जानकारी हासिल कर आप तक पंहुचाता है.

इसी नेटवर्क और केबल के कारण आप में से कुछ लोगों का इंटरनेट फास्ट होता है और कुछ का स्लो. यह केबल समुद्र में बिछाया जाता है जिसमें बड़े बड़े जहाज भी चलते है और कभी कभी जहाज से केबल को नुकसान हो जाता है और कनेक्शन टूट जाता है.

ऐसे समय में कई टीम इस केबल की निगरानी करता है और कनेक्शन टूट जाने पर इसे ठीक भी करते है. इस केबल में कई तार होते हैं. अगर कोई एक तार काम करना बंद हो जाता है तो दूसरे तार से नेटवर्क कनेक्ट किया जाता है.

कौन है इंटरनेट का मालिक

आपको जानकर हैरानी होगी कि इतने बड़े नेटवर्क का कोई एक मालिक नहीं है. ना ही कोई भी व्यक्ति पूरी तरह से इंटरनेट का एकाधिकार मालिक नहीं बन सकता.

दरअसल इंटरनेट तीन टियर में काम करता है.

पहला टियर – ग्लोबल

दूसरा टियर – नेशनल

तीसरा टियर – लोकल

इन तीनों टियर से जुड़ी हुई कंपनियां वो कंपनी होती है जो हमें इंटरनेट प्रदान करती है. मान लिजिए आप किसा वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहे हैं और उसका सर्वर अमेरिका में है जिसमें ग्लोबल टियर की कंपनी काम करती है तो वह कंपनी समुद्र में अपनी तार बिछा रखी है, जिसके माध्यम से इंटरनेट भारत तक पहुंचता है.

इस केबल से बहुत सारा इंटरनेट आता है और कई कंपनियां (दूसरा टियर, नेशनल) यहां से इंटरनेट खरीदती है. नेशनल टियर की कंपनियां जैसे एयरटेल, आइडिया, वोडाफोन, रिलायंस हमें टुकड़ों में इंटरनेट देती है और साथ ह हमारी स्पीड पर भी कंट्रोल रखती है.

तीसरे टियर की कंपनियां वो कंपनियां होती है जो लोकल एरिया में ही इंटरनेट पहुंचाती है. इन लोकल कंपनियों को दूसरे टियर वाले कंपनी को पैसा देन होता है.

मेरी बीवी को महीने में 2-3 बार माहवारी होती है और वह संबंध बनाने से इनकार करती है. मैं क्या करूं.

सवाल
मेरी बीवी को महीने में 2-3 बार माहवारी होती है और वह संबंध बनाने से इनकार करती है. मैं क्या करूं?

जवाब
हारमोनों की गड़बड़ी से माहवारी सही तरीके से नहीं हो पाती. इस के लिए आप माहिर महिला डाक्टर से अपनी बीवी की जांच कराएं. जहां तक संबंध बनाने की बात है, तो इस के लिए बीवी को प्यार से तैयार किया जा सकता है.

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