फिल्मी गानों को लंबे समय से सैंसर की कैंची, कानूनी पचड़ों, महिला संगठनों, धर्म के ठेकेदारों समेत राजनीतिक दलों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. फिल्में तो बाद में रिलीज होती हैं, गानों के विवाद पहले रिलीज हो जाते हैं. कई बार ये विवाद फिल्मों की फ्री पब्लिसिटी तो कभी निर्मातानिर्देशकों को चूना लगा देते हैं. पर जिस मंशा से हंगामा मचता है वह पूरा ही नहीं होता. कैसे, बता रहे हैं राजेश कुमार.

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