सत्तर के दशक के एक धाकड़ कांग्रेसी नेता थे असम के देवकान्त बरुआ, उनकी इकलौती योग्यता थी इंदिरा गांधी की चापलूसी करते रहना, जिसके एवज में इंदिरा गांधी ने उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष भी बनाया था और बिहार का राज्यपाल भी बना दिया था. एक और कांग्रेसी नेता विद्याचरण शुक्ला थे, जो इंदिरा गांधी की स्तुति यह कहते करते थे कि तेरी सुबह की जय तेरी शाम की जय तेरे काम की जय तेरे नाम की जय.

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