गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ और उमा भारती के बीच भाजपा नेतृत्व ने परिवर्तन यात्राओं के समय उमा को तवज्जों देते हुये योगी को नकार दिया है. जिससे योगी के मुख्यमंत्री पद की दौड़ पर ब्रेक लग गया है. इससे योगी के समर्थकों को भारी निराशा हुई है. योगी समर्थक दबी जुबान से कह रहे हैं कि योगी की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा के कुछ बड़े नेता घबराते हैं. जिस वजह से योगी की जगह पर उमा भारती को तवज्जों दी जा रही है. जबकि उमा भारती उत्तर प्रदेश की नेता नहीं हैं. प्रदेश में उनका कोई जनाधार नहीं है. उमा बड़ी मुश्किल से अपनी लोकसभा सीट जीत पाई थी. योगी आदित्यनाथ का लोकसभा चुनाव में व्यापक असर था. पूर्वी उत्तर प्रदेश के 5 से 6 जिलों में योगी को अपना व्यापक जनाधार है.

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