झारखंड में राजनीतिक अस्थिरता, लचर विस्थापन और ढुलमुल पुनर्वास नीतियों के चलते आदिवासियों का जीवन दूभर हो गया है. दानेदाने को मुहताज इन आदिवासियों को जीवनयापन की आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराने में नाकाम प्रशासन से सिवा परेशानियों के कुछ भी हासिल नहीं हुआ. क्या है पूरा मामला, बता रहे हैं बीरेंद्र बरियार.

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