मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिले बैतूल में आर एस एस द्वारा आयोजित हिन्दू सम्मेलन पर देश भर की निगाहें थीं. इस आयोजन की तैयारियां संघ के कार्यकर्ता पिछले छह महीनो से करते गांव गांव घूम घूम कर आदिवासियों को इसमें शामिल होने पीले चावल बांटते उन्हें हिन्दू सम्मेलन की मंशा बता रहे थे कि यह उनके भले के लिए है. यह और बात है कि बैतूल ही नहीं बल्कि देश के अधिकतर आदिवासी नहीं जानते कि मोहन भागवत कौन हैं और आर एस एस के लोग क्यों उन्हें हिन्दू बनाने जताने और साबित करने पर तुले हुये हैं. यह बात भी किसी सबूत की मोहताज नहीं कि देश के दूर दराज के दुर्गम इलाकों में रहने वाले आदिवासियों ने कभी खुद को हिन्दू नहीं माना, न आज मानने तैयार हो रहे.

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