फौरीतौर पर देखें तो लगता है कि लालबत्ती उतर जाने से वीआईपी कल्चर खत्म हो जायेगा. थोड़ा गहराई में जाये तो दिखता है कि लालबत्ती वीआईपी कल्चर को हाशिये पर ले जाने की पहली सीढ़ी है. हवाई जहाज के सफर से लेकर ट्रेन के सफर तक इसकी छाया का प्रभाव दिखता है. बड़े अफसर और नेता ही नहीं सत्ता पक्ष के पार्टी कार्यकर्ता तक प्रभावी होते हैं. वह भी वीआईपी कल्चर का एक हिस्सा होते हैं. बुंदेलखंड में पार्टी को संबोधित करते खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘विकास कामों में हड़बड़ी होने से बीजेपी कार्यकर्ता कानून हाथ में न ले. वे गलत काम की शिकायत अपने जनप्रतिनिधि और पदाधिकारियों से करें. विपक्ष में थे तो धरना प्रदर्शन सब चलता था. अब धरना प्रदर्शन पार्टी कार्यकर्ताओं का काम नहीं है.’

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