समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के ताजा बयान से यह साफ हो चुका है कि मुलायम परिवार का विवाद खत्म नहीं हुआ था. साधना गुप्ता के बयान से यह भी साफ हो गया है कि उनकी अपनी महत्वाकांक्षा है. अब वह खुद राजनीति में न आना चाहती हों, पर अब वह पर्दे के पीछे नहीं रहना चाहती. साधना चाहती हैं कि उनका बेटा प्रतीक राजनीति में आये. साधना गुप्ता का मर्म कुछ ऐसा ही है जैसा साल 2000 के करीब था. साल 2000 में जब साधना गुप्ता की कोई पहचान नहीं नही थी. साल 2003 में जब मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो पहली बार साधना गुप्ता उनके साथ मुख्यमंत्री आवास में रहने गई. पहली बार मुलायम के सर्मथकों को यह पता चला था कि मुलायम की दूसरी पत्नी है.

COMMENT