एक अप्रैल से देसी शराब पर रोक लगाई गई और 5 अप्रैल से विदेशी शराब और ताड़ी पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगाने के बाद बिहार ‘ड्राइ स्टेट’ बन गया है. राज्य में किसी भी तरह की शराब बेचने, खरीदने और पीने पर रोक लग गई है. होटलों, क्लबों, बार और रेस्टोरेंट में भी शराब का लुत्फ नहीं लिया जा सकेगा. इससे जहां सरकार को सालाना 4 हजार करोड़ रूपए का नुकसान उठाना पड़ेगा वहीं शराब की कुल 4771 दुकानों पर ताला लटक जाने से करीब 25 हजार परिवारों की रोजी-रोटी फिलहाल बंद हो गई है.

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