Generation Alpha: नौर्थ और साउथ में यह अंतर सब से ज्यादा देखने को मिलता है. कुछ दिनों पहले की बात है मीनाक्षी और विक्की एक डेट के लिए मिलने वाले थे. मीनाक्षी साउथ से थी और विक्की पंजाब से. दोनों डेटिंग साइट पर मिले थे और सोचा था कि बात बनी तो शादी की भी सोच सकते हैं लेकिन बात पहली डेट में ही बिगड़ गई जब विक्की ने मीनाक्षी के साउथ इंडियन खाने का मजाक बना दिया. सुनते ही मीनाक्षी कौफी आने से पहले ही टेबल से उठ कर चली गई.
ऐसा अकसर देखा जाता है कि साउथ हो या नौर्थ, लोग वहां के कल्चर, खानपान और पहनावे को स्टीरियोटाइप बना देते हैं. आज भी भारत में अलगअलग राज्यों के लोगों के बीच रिश्ते को ले कर कई तरह की परेशानियां सामने आती हैं. उत्तर भारत का कोई व्यक्ति अगर दक्षिण भारत के किसी व्यक्ति के साथ रिलेशनशिप में आता है तो अकसर ये सवाल उठते हैं कि क्या दोनों परिवार एकदूसरे को समझ पाएंगे? क्या भाषा की समस्या नहीं आएगी? क्या खानपान को ले कर दिक्कत आ सकती?
बदलते समय में जेनजी और जेन अल्फा की पीढ़ी इन सीमाओं को तोड़ रही है. स्कूल, कालेज, नौकरी और सोशल मीडिया ने लोगों को एकदूसरे के करीब ला दिया है. अब लोग अपने राज्य या शहर तक सीमित नहीं रहना चाहते. वे देश के अलगअलग हिस्सों के लोगों से मिलते हैं, दोस्ती करते हैं और कई बार जीवनसाथी भी चुनते हैं. लेकिन इस के बावजूद इंटरस्टेट यानी अलगअलग राज्यों के बीच होने वाली शादियां आज भी कई जगहों पर आसानी से नहीं हो पातीं, कौम्लीकेशंस आने लगते हैं. इस का सब से बड़ा कारण यह है कि हम कभी ऐसे माहौल में रहते ही नहीं जिस से हम बाकी कल्चर को समझ पाएं. हम बचपन से ही ऐसी दुनिया में बड़े होते हैं जहां हमें सिर्फ अपनेजैसे लोगों से मिलने का मौका मिलता है.
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
- 24 प्रिंट मैगजीन





