‘पता नहीं वो मेरे साथ एडजेस्ट कर पाएगी या नहीं? कहीं वह बेटे को हमसे अलग न कर दे. राजन के पापा कहते हैं कि मैं बहुत ज्यादा डामिनेटिंग हूं, मेरी किसी से नहीं बन सकती. बहू से भी नहीं बनेगी. क्या करूं वकील हूं. अपनी बात मनवाने की आदत हो गयी है. सही बात पर अड़ जाती हूं तो अब इसमें डामिनेटिंग होने वाली बात कैसे आ गयी?’

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