दो साल पहले मैंने एक इंटरव्यू में शबाना आजमी से यह सवाल पूछा था कि क्या उन्होंने कभी अपने कॅरियर में इस हकीकत का सामना किया है कि वो अपनी टैलेंट को लेकर गलतफहमी का शिकार थीं? इस सवाल पर हंसते हुए उन्होंने एक ऐसा किस्सा सुनाया, जिसमें हर किसी के लिए सीख है. शबाना आजमी के मुताबिक श्याम बेनेगल ने उन्हें साल 1975 मंे फिल्म निशांत के लिए कास्ट किया था, जिसमें मुझे एक ग्रामीण महिला का रोल निभाना था. हमारी शूटिंग हैदराबाद के पास ग्रामीण इलाके में होनी थी, श्याम बेनेगल मुझसे कहते थे, मैं आसपास के किसी गांव वाली महिला से मिलूं, उसको चलते फिरते देखूं और समझूं कि ग्रामीण महिलाओं की भाव भंगिमाएं कैसी होती हैं? लेकिन मुझे लगता था कि मैं एफटीआईआई की मोस्ट टैलेंटेड छात्र रही हूं और पढ़ाई के दौरान ही कई देसी विदेशी फिल्मों में काम करके खूब नाम कमाया है, इसलिए मुझे एक आम ग्रामीण औरत का अभिनय करने में क्या मुश्किल होगी? इसलिए मैंने श्याम की बातों पर ध्यान नहीं दिया.

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