Emotional Control: बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए इमोशंस पर कंट्रोल होना आवश्यक है. कई बार इमोशंस हमारे ऊपर इस कदर हावी हो जाते हैं कि हम न तो सही निर्णय ले पाते हैं, न ही कुछ ठीक से सोचसमझ पाते हैं. जल्दबाजी में हम कुछ गलत कर बैठते है और बाद में फिर मानसिक तनाव से गुज़रते है. यह तनाव हमें शारीरिक व मानसिक रूप से बीमार बना सकता है. इस से बचने के लिए यदि हम इमोशंस पर कंट्रोल रख पाए तो इस दौड़भाग वाली लाइफस्टाइल में एक बेहतर मानसिक स्वास्थ्य पा सकते हैं.
आप पूरा दिन कैसा महसूस करते हैं? खुश रहते हैं या दुखी या सुस्त या ऐक्टिव रहते हैं, यह आप की भावनाओं पर ही निर्भर करता है. इस का असर हमारी सोच और भावनाओं के साथ मूड़ पर भी पड़ता है. हमारी भावनाएं ही हमें समान परिस्थितियों में खुश रख सकती है या दुखी. यही किसी काम को बना सकती हैं और बिगाड़ भी.
आजकल की दौड़भाग और तनावभरी लाइफस्टाइल के बीच डिप्रैशन, भय, गुस्सा, एंग्जायटी, टैंशन, बेचैनी समयसमय पर सभी लोगों को परेशान करती हैं. हमारी कई सारी परेशानियां इमोशंस के कारण शरीर में सामंजस्य की कमी, असंतुलन और अनसुलझे मुद्दों के कारण होती हैं, चाहे वे आप के वर्तमान के हों या अतीत के.
लाइफ में इमोशन यानी भावना का बड़ा रोल या महत्त्व है क्योंकि यह हमारी रोजमर्रा की लाइफ के साथसाथ हमारे शरीर के ऊपर भी प्रभाव डालती है. यदि हम इस पर कंट्रोल कर लेते हैं तो कई प्रौब्लम्स खुदबखुद हल हो जाती हैं. यदि इमोशंस पर आप का कंट्रोल नहीं है तो आप मानसिक रूप से बीमार हो सकते हैं. इस के चलते कई चीजें आप को काफी परेशान भी कर सकती हैं. ऐसे में कुछ आसान टिप्स से आप अपने इमोशन को काबू में रख सकते हैं और अपने तनाव, एंग्जायटी या चिंता को काफी हद तक कम कर सकते हैं .
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