लैक्मे फैशन वीक विंटर फेस्टिव 2016 के चौथे दिन डिज़ाइनर्स कनिका गोयल, कृति तुला और सोनल वर्मा के रैम्प पर लाये गए डिजाईन अदभुत रहे. इस बार के विंटर फैशन में पुराने फैशन को अधिकतर दोहराया गया. चाहे फैब्रिक हो या स्टाइल दोनों ही ‘मिक्स एंड मैच’ के आधार पर थे.

इस अवसर पर कनिका गोयल कहती है कि इसबार का फैशन ‘कम्फर्ट’ पर आधारित है. यही वजह है कि अधिकतर पोशाक ब्लैक शूज या फ्लैट शूज के साथ रैम्प पर उतारे गए, क्योंकि आज की महिला बहुत ‘ट्रेवल’ करती है. ऐसे में बार-बार फुटवेयर को बदलने का समय उनके पास नहीं होता. इस तरह के फुटवेयर किसी भी पोशाक के साथ आप किसी भी अवसर पर पहन सकते है. इस बार के फैब्रिक अधिकतर सिल्क, वेलवेट, ऊन, चमड़े आदि ट्रेंड में है. वेलवेट जो पुराने ज़माने में भी प्रयोग किये जाते थे.आज भी अपनी एक शाही पहचान रखते है.

कृति तुला के फैशन ‘डूडलएज’ पुराने कपड़े को नए रूप में पेश करना था. वह बताती हैं कि आज की महिला घर बाहर सब संभालती है, ऐसे में उनके पुराने कपड़ों को भी नए रूप में पहनना चाहती है. मैंने उन्ही ‘वेस्ट’ कपड़ो से नया फैब्रिक बनाकर पेश किया है. डिज़ाइनर कविता गोयल कहती है कि मैंने अपने  कपड़ो में फुलकारी और कढ़ाई पर खास तवज्जो दी है.

भारतीय महिला श्रमिक संघ के सहायता से मैंने इस कलेक्शन को रैम्प पर उतारा है. इस काम में मेरे साथ करीब 400 महिलाएं कार्यरत है. मेरा उद्देश्य फुलकारी को आगे बढ़ाना है ताकि इन महिलाओं को रोजी -रोटी मिले. इस कला को मैंने थोड़ा ट्विस्ट देकर नए रूप में पेश किया है.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
USD48USD10
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
 

डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD150USD120
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
  • 24 प्रिंट मैगजीन
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...