Climate Change In India : अभी हाल में आई एक रिपोर्ट के अनुसार बेहद गर्मी और उमस के कारण अगले 83 सालों में जीने लायक नहीं रहेंगे भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान. इस रिपोर्ट के अनुसार क्लाइमेट चेंज के कारण अगले कुछ दशकों में दक्षिण एशिया का इलाका लोगों और जीवों के रहने लायक नहीं रहेगा. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जलवायु परिवर्तन के कारण भारत और पाकिस्तान सहित दक्षिण एशियाई देशों में इतनी गर्म हवाएं चलेंगी कि यहां जी पाना नामुमकिन हो जाएगा.

जब वेट-बल्ब टेंपरेचर 35 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच जाता है, तो इंसानी शरीर गर्मी के मुताबिक खुद को अनुकूलित नहीं कर पाता. जीवों के शरीर में स्वाभाविक तौर पर अनुकूलन की क्षमता होती है. 35 डिग्री सेल्सियस वेट-बल्ब तापमान होने पर इंसानों का शरीर इतनी गर्मी से खुद को बचाने के लिए ठंडा नहीं हो पाता. इस स्थिति में कुछ ही घंटों में इंसान दम तोड़ सकता है. शोधकर्ताओं का कहना है कि अगले पचास वर्षों मे भारत की 70 फीसद से ज्यादा की आबादी 32 डिग्री सेल्सियस वेट-बल्ब तापमान को झेलने पर मजबूर हो जाएगी.

अभी के जलवायु की बात करें, तो धरती का वेट-बल्ब तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है. 2015 में ईरान की खाड़ी के इलाके में यह करीब-करीब 35 डिग्री सेल्सियस की सीमा तक पहुंच गया था. इसके कारण पाकिस्तान और भारत में लगभग 3,5000 लोगों की मौत हुई थी. नए शोध के नतीजों से पता चलता है कि अगर कार्बन उत्सर्जन के साथ साथ जनसंख्या वृद्धि पर जल्द कंट्रोल नहीं किया गया तो जिंदा रहने की हमारी क्षमता एकदम आखिरी कगार पर पहुंच जाएगी. कृषि उत्पादन में भारी कमी के कारण हमारी स्थितियां और गंभीर हो जाएंगी. ऐसा नहीं कि केवल गर्मी के कारण ही लोग मरेंगे. फसल कम होने के कारण लगभग हर एक इंसान को इन भयावह और असहनीय स्थितियों का सामना करना पड़ेगा.

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