लॉक डाउन के इस समय में हमारे साथ-साथ बच्चे भी घर के अंदर कैद हो चुके हैं. और बच्चों की फितरत होती है खेलना-कूदना क्योंकि उनमें हमसे कहीं अधिक एनर्जी होती है. किन्तु इस वातावरण में बच्चों के पास न तो स्कूली शिक्षा है, और न ही खेलने की अलग जगह. सामान्य हालातों में जब हम घर के अंदर बच्चों की धमा-चौकड़ी से तंग आ जाते हैं तो उन्हें खेलने के लिए घर से बाहर पार्क या मैदान में भेज देते हैं, परंतु इस समय ऐसा करना मुमकिन नहीं है. और इसीलिए अधिकतर माता-पिता बच्चों के कारण काफी परेशान हो रहे हैं. बच्चों के हर समय घर में रहने और मम्मी-पापा को परेशान करने के कारण कई चुटकुले भी बन रहे हैं, जैसे अगर लॉक डाउन यूँ ही चलता रहा तो कोई माँ ही कोरोना का इलाज ढूंढ निकालेगी!

Tags:
COMMENT