भारत में लौंग की गिनती लोकप्रिय मसालों में होती है. इस की लोकप्रियता का ही प्रमाण इस के नाम पर बनने वाली लौंगलता है. लौंगलता की सब से बड़ी खासीयत उस में लौंग का इस्तेमाल है. लौंगलता को लौंग के जरिए बांधा जाता है, ताकि उस के अंदर भरे मेवे और मसाले बाहर न आ सकें.

बनाने की विधि

लौंगलता के कारीगर रमेशपाल कहते हैं कि 1 किलोग्राम मैदे से 100 के करीब लौंगलता बन जाती हैं.

इसे बनाने के लिए सब से पहले मैदे को ठीक तरह से गूंधा जाता है.

इस के बाद 1 किलोग्राम खोया, 200 ग्राम काजू, 1 ग्राम केसर और 50 ग्राम किशमिश को मिला कर अंदर भरने की सामग्री तैयार की जाती है.

फिर 1 किलोग्राम चीनी ले कर चाशनी तैयार की जाती है.

मैदे से गोल आकार की पूड़ी बना कर उस के अंदर मेवा भर दिया जाता है.

इस के बाद पूड़ी को मोड़ कर सही आकार देते हैं. मोड़ते समय परत दर परत हलका घी लगा देते हैं, जिस से परतें आपस में मिलती नहीं हैं.

परतें खुले नहीं, इस के लिए लौंग से उन्हें फंसा दिया जाता है. 

तैयार लौंगलताओं को घी में हलका भूरा होने तक तल लेते हैं. इस के बाद उन्हें चीनी की चाशनी में डाल कर निकाल लेते हैं.

ऊपर पिस्ता डाल कर लौंगलताओं को सजा देते हैं.

लौंगलता को तलते समय ध्यान रखना चाहिए कि आंच ज्यादा न हो. ज्यादा तेज आंच होने से यह सख्त हो सकती है, जो खाने में सही नहीं लगती है.

जानें इस मिठाई के बारे में...

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