व्यक्ति के भीतर जब नकारात्मकता होती है तब तनाव, अवसाद, निराशा जैसी कई समस्याएं जन्म लेनी शुरू हो जाती हैं. ऐसे में जानें कैसे इन से बचें और जीवन को सकारात्मक बनाएं. मानव ने आज नकारात्मक विचार तथा भावनाओं को सहज सामान्य मान लिया है जैसे अब तक तनाव, चिंता, अवसाद, निराशा को सामान्य मानते आए हैं. चूंकि संसार में हर व्यक्ति के मन में कुछ न कुछ नकारात्मक चलता ही रहता है, इसलिए इसे सामान्य मान लिया जाता है. मजे की बात तो यह है कि इस के बावजूद कोई यह मानने को तैयार नहीं कि उस के विचार, भावनाएं नकारात्मक हैं.

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