उदार लोकतंत्र का बुनियादी फर्ज है कि वह किसी भी मनुष्य को बिना कोई भेदभाव किए मूलभूत सुविधाओं को आसानी से मुहैया कराए, अपने देश के नागरिकों की ही नहीं, दुनिया के किसी भी निवासी की मौलिक स्वतंत्रता पर किसी तरह का अंकुश न लगाए और अधिकतम जन समुदाय का अधिकतम कल्याण किए जाने का उस का लक्ष्य हो. निर्वासित जिंदगी बिता रही बंगलादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन के वीजा मामले में भारत की देरी और रवैए से विश्व में अच्छा संदेश नहीं गया. लोकतंत्र समर्थकों और प्रगतिशील नागरिकों ने इस मामले में हैरानी जताई है.

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