नेपाल की संसद ने 3 अगस्त को माओवादी सुप्रीमो पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ को दूसरी बार नेपाल का प्रधानमंत्री चुन लिया. नेपाल के 39वें प्रधानमंत्री बने कम्युनिस्ट पार्टी औफ नेपाल माओवादी के अध्यक्ष ‘प्रचंड’ के सामने बड़ी चुनौतियां भारत से रिश्ते को सुधारना, पिछले साल के विनाशकारी भूकंप के झटके से देश को उबारना, चीन के साथ संतुलित रिश्ता बनाना और मधेशियों को उन का हक दिलाना हैं. इन सारी चुनौतियों के बीच सब से बड़ी चुनौती नया संविधान लागू होने के बाद नेपाल में राजनीतिक स्थिरता कायम करने के साथ अपनी तानाशाह वाली इमेज को तोड़ना भी है. वे चाहें तो ऐसा कर सकते हैं क्योंकि उन्हें नेपाल के सब से बड़े सियासी दल नेपाली कांगे्रस के साथ मधेशी दलों का भी समर्थन हासिल है. मधेशी दल सरकार में शामिल नहीं हैं. 595 सदस्यीय नेपाली संविधान सभा में ‘प्रचंड’ के पक्ष में 363 वोट पड़े, जबकि विरोध में 210. 22 सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया.

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