गांव से शहर 350 किलोमीटर दूर था. बस मात्र एक स्थान पर रुकी. वहां पति लघुशंका के लिए अन्य पुरुष यात्रियों की तरह होटल के पीछे कचरे के ढेर के पास जा कर निवृत्त हुआ.
पत्नी ने कहा, ‘‘मुझे भी जाना है.’’
पति ने दुकानदार से पूछा, ‘‘यहां स्त्रियों के लिए कोई अलग से शौचालय नहीं है?’’
होटल वाले ने कहा, ‘‘जो है वह यही है कचरे और गंदगी का ढेर. पुरुष फुरसत हो जाएं तो भेज देना. अलग से सुविधा का सवाल ही नहीं उठता. छोटी सी जगह है. कोई शहर तो है नहीं.’’
पति ने जा कर पत्नी से कहा. पत्नी ने इनकार कर दिया शर्म के कारण और कहा, ‘‘आगे देख लेंगे.’’

Digital Plans
Print + Digital Plans
Tags:
COMMENT