"संपूर्ण देश में नमो... नमो हो रहा है और तुम गायब हो... भला ऐसी होती है पत्रकारिता... तुम जैसे  जिम्मेदार कलमवीर से ये उम्मीद नहीं थी... " संपादक ने रोहरानंद को घूरते हुए कहा.

-" ओह, सर ! सौरी."

-"सौरी, कहने से काम नहीं चलेगा . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का सात दिवसीय जन्मदिवस मनाया जा रहा है और तुम आराम फरमा रहे हो, कुछ तो अपने पेशे की प्रति कर्तव्य निर्वहन करो. ऐसा समय 365 दिन में आता है... हमारे  प्रसार, विज्ञापन सब डैमेज हो रहे हैं ." संपादक ने व्हील चेयर पर बैठे बैठे तल्ख  स्वर में कहा.

Tags:
COMMENT