भारत के छोटेबड़े सभी शहर वायु प्रदूषण की चपेट में हैं, किंतु राजधानी दिल्ली की दशा बहुत ज्यादा बदहाल है. हाल ही में दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर सब से अधिक आंका गया है. विशेषज्ञों का मत है कि कोई भी ऐसा कारक, जो कि अंग विकास में बाधक होता है, उस का सर्वाधिक दुष्प्रभाव गर्भस्थ शिशु व नवजात शिशुओं पर निश्चित रूप से होता है. पिछले दिनों ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ की बैठक के दौरान वायु प्रदूषण और नवजात शिशुओं की गड़बडि़यों के पारस्परिक संबंध के विषय पर गहन चर्चा की गई थी. ‘ग्लोबल बर्डेन औफ डिजीज’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण के चलते समय से पहले मरने वाले लोगों की संख्या भार में 6 लाख, 20 हजार प्रतिवर्ष तक पहुंच चुकी है.

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