लेखक-डा. योगेश कुमार सोनी

अकसर आप ने यह देखा होगा कि हीट या गरमी में आई हुई गायभैंसों में कृत्रिम गर्भाधान या एआई करने वाला पशुमित्र अपने साथ एक कंटेनर या पात्र ले कर चलता है, जिस में सीमन की स्ट्रा या वीर्य की नलियां एक गैस (तरल नाइट्रोजन) में संरक्षित होती है. वह उस में से एक नली निकालता है और उसे कुनकुने पानी में पिघला कर एक पाइप में डालता है और एआई गन के जरीए गाय या भैंस की बच्चेदानी में छोड़ देता है. उस के बाद उस पाइप में खाली स्ट्रा रह जाती है, जिसे वह फेंक देता है.

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