गन्ने का रस आमतौर पर गन्ने के सीजन में ही मिलता था. सड़कों पर ठेला गाडि़यों पर इस को बेचने का काम होता है. गन्ने का रस निकालने वाली मशीनें कई तरह की होती हैं. इन में कुछ को बिजली की मोटर से चलाया जाता है, तो कुछ को हाथ से भी चलाया जाता है. गन्ने को ठीक तरह से धोने के बाद मशीन में डाला जाता है, जिस से उस का रस निकलता है. गन्ने के रस को और स्वादिष्ठ बनाने के लिए उस में नीबू, पुदीना और काला नमक मिलाया जाता है. अब सड़कों की जगह पर जूस की बड़ीबड़ी दुकानों पर भी गन्ने का रस मिलने लगा है. जूस की बड़ी दुकानों में गन्ने को छील कर उस का जूस निकाला जाता है. अब यह साल भर मिलने लगा है. सड़कों पर जो गन्ने का रस 5 से 10 रुपए प्रति गिलास मिलता है, बड़ी जूस की दुकानों पर वह 40 रुपए प्रति गिलास बिकता है.

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