एक समय में गुलाब की खेती को कांटों की खेती कह कर खिलाफत करने वाले ही अब गुलाब के बगीचे लगा रहे हैं. गुलाब के फूलों की खेती से एक छोटे से गांव मालीखेड़ा के लोगों की जिंदगी में माली तरक्की की महक घुल गई है. भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिलों की सीमा पर स्थित इस गांव की पहचान अब गुलाब की खेती से बनती जा रही है.

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