लेखक-डा. अरविंद कुमार
लाख एक कुदरती राल है, जो केरिया लेका नाम के कीट द्वारा पैदा की जाती है. यह मादा कीट के शरीर से लिक्विड  के रूप में निकलती है और हवा के संपर्क में आने पर सख्त हो जाती है.लाह यानी लाख के उत्पादन में झारखंड एक अग्रणी राज्य है, जिस का उत्पादन खासकर जंगलों या जंगल के किनारे रहने वाले जनजाति समुदाय द्वारा किया जाता है. इन जनजातियों के लिए लाह उत्पादन जीविका का एक खास जरीया है.
अब तक लाख कीट पालन कुसुम पलास व बेर के पेड़ों पर ही किया जाता रहा है, जिस में कई परेशानियों  का सामना करने के बाद भी पैदावार में कमी आ रही है. हमें लाख कीट पालन के लिए ऐसे पौधे का चुनाव करना होगा, जिस का मैनेजमैंट आसान तरीके से किया जा सके और उस पर लाख का उत्पादन जल्द लिया जा सके.
फ्लेमेंजिया सेमियालता ऐसा ही एक उपयुक्त पौधा है, जो कई सालों तक रहता है. इस में लाह के पोषक तत्त्व इफरात से मौजूद रहते हैं. इस की ऊंचाई तकरीबन 2 मीटर से ले कर 3 मीटर तक होती है.
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इस पौधे में फूल अक्तूबरनवंबर महीने में आते हैं और इस का फल जनवरीफरवरी महीने तक पक जाता है. फ्लेमेंजिया सेमियालता जाड़े के मौसम में कुसुमी लाख उत्पादन के लिए बहुत ही सही पाया गया है.
पौध की तैयारी और रोपाई
फ्लेमेंजिया सेमियालता पौधे के लिए मिट्टी में थोड़ी अम्लीयता के साथ पीएच मान साढ़े 5 के आसपास होना अच्छा माना गया है.
इस की नर्सरी थोड़ी ढलाऊ जगह पर होनी चाहिए, जिस से फालतू पानी आसानी से निकाला जा सके. फ्लेमेंजिया सेमियालता की पौध बीज के अलावा डालियों द्वारा भी नर्सरी में आसानी से तैयार की जा सकती है.
बीज बोआई से पहले नर्सरी में 9×1.2 मीटर के लंबेचौड़े और 4 इंच ऊंचे बैड तैयार कर लें और बीज को सीधे बैड में या प्लास्टिक की थैलियों में, जिस में 2:1:1 के अनुपात में मिट्टी, सड़ी गोबर की खाद व बालू का मिश्रण भर कर अप्रैलमई महीने में बीज की बोआई की जा सकती है.
बीज बोआई के बाद समयसमय पर हलकी पलटाई करते रहना चाहिए. नर्सरी में पौध से पौध की दूरी 8-10 सैंटीमीटर कर देने से पौधे की बढ़वार अच्छी होती है.
पौध रोपण के एक महीने पहले ही मईजून महीने में 45×45×45 सैंटीमीटर आकार के गड्ढे सिंचित व 30×30×30 सैंटीमीटर असिंचित इलाकों के लिए खोद लेने चाहिए. गड्ढों की खुदाई पौधे से पौधे की दूरी 1 मीटर व लाइन से लाइन की दूरी  2 मीटर के आधार पर करनी चाहिए.
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पौध रोपण के पहले हर गड्ढे में  5-10 किलोग्राम सड़ी हुई गोबर की खाद डालनी चाहिए. फ्लेमेंजिया पौधे की लंबाई कम होने के चलते इस पर लाख कीट पालन दूसरे पोषक पौधों के मुकाबले में ज्यादा आसान है और पौध रोपण के एक से डेढ़ साल बाद लाख कीट को पौधों पर छोड़ा जाता है.
फ्लेमेंजिया की खेती करते समय लाइनों के बीच में फल व सब्जियों की खेती कर ज्यादा फायदा कमा सकते हैं. फ्लेमेंजिया का पौधा छोटा होने के चलते इस का मैनेजमैंट भी ठीक तरह से किया जा सकता है.
फ्लेमेंजिया पौधे पर लाख कीट की कुसुमी प्रजाति बहुत ही सही पाई गई है. फायदे के नजरिए से जाड़े वाली फसल ज्यादा उपयुक्त है. कुसुमी लाख कीट को जुलाई महीने में 20 ग्राम प्रति पौधे की दर से छोड़ना चाहिए.
लाख कीट को नुकसानदायक कीटों के हमले से बचाने के लिए बीहान लाख को
60 मेस की प्लास्टिक की जाली में भर कर ही इस्तेमाल करना चाहिए.
लाख लगाने के 21 दिन बाद पेड़ों में बंधी हुई बीहन लाख, जिसे फूंकी भी कहा जाता है, को उतार लेना चाहिए व फूंकी लाख को खत्म न कर के उसे छील कर बेच देना चाहिए.
लाख कीट की हिफाजत
पौधे पर लाख कीट छोड़ने के एक महीने बाद या फूंकी उतारने के एक हफ्ते बाद नुकसानदायक कीटों का इंफेक्शन शुरू हो जाता है. हमें इसी अवस्था पर ही कीटनाशक दवा का पहला छिड़काव 60 दिन बाद जरूरत के मुताबिक करना चाहिए. इन कीटनाशकों का छिड़काव लाख कीट के दुश्मन कीट जैसे काली तितली, सफेद तितली व क्रोइसोपा वगैरह से बचाव के लिए किया जाता है.
किसी भी अवस्था में नर लाख कीट निकलने के समय कीटनाशक या फफूंदनाशक दवा का छिड़काव नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से नर कीट मर सकते हैं, जिस से निषेचन क्रिया नहीं हो पाएगी और अगली फसल के लिए बीहन की पैदावार नहीं मिलेगी. फफूंद से बचाव के लिए बाविस्टीन दवा की 3 ग्राम मात्रा का 14 लिटर पानी में घोल बना कर छिड़काव किया जाना चाहिए.

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