केज कल्चर में पिंजरे की तरह दिखने वाले जाल का इस्तेमाल मछलीपालन में किया जाता है. कई देशों में काफी समय पहले से ही जलाशयों, नदियों और समुद्र में केज लगा कर मछलीपालन किया जाता है. आमतौर पर जीआई पाइप से केज के फ्रेम को बनाया जाता  है. इस के जरीए कम क्षेत्र में ज्यादा से  ज्यादा मछली की पैदावार की जा सकती है. मछलियां केज के  भीतर ही पलती और बढ़ती हैं और उस में उन्हें आसानी से भरपूर भोजन दिया जा सकता  है. कम बारिश वाले इलाकों के लिए तो केज कल्चर काफी मुफीद माना जा रहा  है. जलाशयों में जिस जगह केज को लगाया जाता  है, वहां कम से कम 5 मीटर गहरा पानी होना जरूरी  है.

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