उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के गांव किशुनपुर ग्रिंट के आदित्य प्रसाद कुआनो नदी से सटे सुंदरघाट जंगल के जंगली पशुओं से होने वाले नुकसान की वजह से खेती छोड़ कर दूसरे काम करने लगे थे. इसी वजह से उन के परिवार का खर्चा मुश्किल से चल पाता था. उन की पत्नी उन्हें गेहूंगन्ना जैसी फसलों के अलावा दूसरी फसलें लेने पर जोर देती, लेकिन गांव के अन्य किसानों के साथ वे ताश के खेल में उलझे रहते थे. 2 साल पहले आदित्य की पत्नी ने गांव में स्पेस संस्था द्वारा सब्जी की खेती पर दी गई ट्रेनिंग में भाग लिया, जिस में वैज्ञानिक तरीके से कम लागत में अधिक उत्पादन के तरीके बताए गए व मचान विधि पर जानकारी दी गई. ट्रेनिंग में यह भी बताया गया कि अगर किसान खुद अपनी सब्जी बेचे तो उस की मालीहालत तेजी से सुधर सकती है.

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