उपराष्ट्रपति के संवैधानिक पद को पाने के बाद भी वेंकैया नायडू भारतीय जनता पार्टी का अपना भगवा चोला नहीं उतार पा रहे हैं. वे अब भी उस की कट्टर नीतियों को सही ठहराने का भरसक प्रयास कर रहे हैं. हाल में उन्होंने कहा कि संवैधानिक अभिव्यक्ति के अधिकार पर अंकुश भी लगे हैं और किसी के पास भी असीमित अधिकार नहीं हैं.

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