जो लोग फ्लैटों में पैसा लगा कर यह सोच रहे थे कि अच्छे दिन आते ही उन के फ्लैटों के दाम बढ़ जाएंगे और उन की मेहनत की कमाई दोगुनाचौगुना फल देगी  वे अब घरों को भूल ही जाएं. इस देश में मकानों की बहुतायत इतनी है कि अब उन के दाम औंधे मुंह गिर रहे हैं. यह विकास की नैगेटिव ग्रोथ यानी नीचे गिरने का संकेत है कि बिना खुद की छत वाले अब मकानों के लायक पैसा नहीं बचा पा रहे.

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