अंधभक्ति या यूं कहिए कैसी भी भक्ति किसी भी व्यक्ति के लिए सुख और स्मृद्धि की राह नहीं है. यह एक विडंबना ही है कि भक्ति के बावजूद पिछले लगभग 10-12 हजार सालों में मानव ने भरपूर विकास कियया है और ज्यादा सुख से जिया है. यह तय करना आज के प्रोगतिहासिक विशेषज्ञों के लिए भी असंभव है कि बिना भक्ति के मानव विकास ज्यादा होता या कम. पर यह तय है कि जितना विकास भक्ति के कारण हुआ है. उतना और किसी कारण से नहीं. आज जिस कोविड से दुनिया त्राहित्राहि कर रही है, भक्ति इस से ज्यादा कई गुना दुखों का कारण रही है.

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