इस सवाल का जवाब इतिहासकार व सामाजिक वैज्ञानिक कभी भी नहीं खोज पाएंगे कि मानव सभ्यता को धर्म ने बनाया या धर्म ने समाज के सभ्य होते ही उसे काबू कर लिया. यह जरूर है कि सदियों से धर्म ने मानव के हर काम को नियंत्रित किया है, उसे मरनेमारने को भी तैयार किया. भारत में 40-50 वर्षों से धर्म के नाम पर राजनीति का दौर, 1947 के विभाजन पर हुई हिंसा से सबक सीखने के बाद भी, बखूबी चल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उन की भारतीय जनता पार्टी सत्ता पाने व सत्ता में बने रहने के लिए धर्म को खुल्लमखुल्ला इस्तेमाल कर रही है.

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