Gwalior Crime: मध्य प्रदेश के डबरा के कारोबारी अनिल शिवहरे के इकलौते बेटे चिराग शिवहरे की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते हुए विवाद में हुई थी. चिराग शिवहरे और दृष्टि ग्रोवर का काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों ही डबरा के रहने वाले थे और विवाह कर के साथ रहना चाहते थे. खास बात यह कि दोनों एक ही कालेज में बीबीए की पढ़ाई कर रहे थे, इसलिए दोनों में खूब पटती थी. दोनों के घर में किसी चीज की कमी नहीं थी.
5 माह पहले चिराग और दृष्टि के बीच ग्वालियर की दर्पण कालोनी में रहने वाले अंश जादौन की एंट्री हुई है. दृष्टि का झुकाव अंश जादौन की तरफ हो गया. जब मामला बिगड़ गया तो चिराग शिवहरे को अंश ने मिलने के बहाने ग्वालियर बुलाया. चिराग जैसे ही बस में सवार हो कर डबरा से अंश के पास ग्वालियर पहुंचा तो दोनों के बीच कार में दृष्टि को ले कर तकरार हो गई.
इस के बाद अंश ने अपनी कार में बैठे चिराग की गोली मार कर हत्या कर दी. हत्या को छिपाने के लिए अंश ने उस के शव पर पेट्रोल और कंडे (उपले) डाल कर उसे कलेक्टर कार्यालय के करीब बहने वाले नाले के निकट जला दिया और अवशेष व सबूतों को नाले में फेंक कर ठिकाने लगा दिया था.
उधर जब चिराग शिवहरे रात गहराने पर अपने घर लौट कर नहीं आया और उस का मोबाइल फोन स्विच्ड औफ आने लगा तो फेमिली वाले अनहोनी की आशंका से चिंता करने लगे. सुबह होते ही चिराग के पापा अनिल शिवहरे ने डबरा थाने पहुंच कर अपने बेटे की गुमशुदगी की सूचना लिखवा दी. साथ ही अपने स्तर पर भी बेटे की तलाश में लगे रहे, लेकिन बेटे के बारे में कुछ भी पता नहीं चला.
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