Businessman Murder Mystery: कानपुर शहर के करोड़पति दवा व्यापारी विनीत मिनोचा की उन के ही फ्लैट में 5 सितम्बर की रात किसी ने बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी. उस रात उन का बेटा और बहू किटी पार्टी में गये थे. वे दोनो रात 3 बजे के बाद वापस फ्लैट पर आये तब फ्लैट का दरवाजा खुला था और पिता का शव उन के कमरे में पड़ा था. विनीत मिनोचा दवा के बड़े कारोबारी थे. बिरहाना रोड स्थित थोक दवा मार्केट में उन की फार्मा ट्रेडर्स’ के नाम से फर्म थी. वह कल्याणपुर क्षेत्र के इंदिरा नगर स्थित रतन आर्बिट अपार्टमेन्ट के सी 104 फ्लैट में बेटे सुब्रत व बहू शालू के साथ रहते थे उन की पत्नी पुनीता मैरिज काउंसलर थी. वह गाजियाबाद में रहती थी.

सुब्रत ने कल्याणपुर पुलिस को हत्या की सूचना दी तो थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी, पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल व डी०सी०पी (पश्चिम) एस०एम० कासिम आबिदी व ए०सी०पी दिलीप सिंह घटनास्थल पहुंचे और जांच शुरू की प्रथम तल पर स्थित सी 104 फ्लैट के अन्दर बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे थे. पुलिस अधिकारियों ने फुटेज खंगाले, तो दो युवक फ्लैट के अन्दर-बाहर आते जाते दिखाई दिये. पुलिस ने मृतक के बेटे सुब्रत को फुटेज दिखा कर पहचानने को कहा, तो सुब्रत ने एक युवक को पहचान लिया और उस का नाम विशाल गौतम बताया दूसरे को पहचानने से मना कर दिया.

पुलिस सुब्रत से विशाल के सम्बन्ध में पूछा तो उसने बताया कि विशाल उस की कंपनी में काम करता था. लेकिन पिताजी ने उसे निकाल दिया था. उस का आनाजाना फ्लैट पर था. पुलिस ने विशाल व उस के साथी को उसी रोज रात 9 बजे मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया उस ने साथी का नाम राजकिशोर बताया.

पुलिस अधिकारियों ने विशाल से पूछताछ की तो उस ने चौकाने वाला खुलासा किया. उस ने बताया कि विनीत मिनोचा की हत्या उस की बहू शालू ने करायी है. उन से मिलने जब वह घर गया था, तब उन्होंने कहा था कि मेरे ससुर की हत्या कर दो. चाहे एक्सीडेन्ट में मारो या फिर घर में ही सोते समय तकिया से मार डालो वह मुझे बहुत टार्चर करते है. बात-बात पर कमेन्टस करते हैं. उन्होंने मेरी निगरानी के लिये कैमरे भी लगवा दिए हैं. उचित खर्च भी नहीं देते रूपएपैसे के लिए हर समय हाथ फैलाना पड़ता  है. मैं उन से तंग आ चुकी हूं.

इस के बाद शालू भाभी ने पूरा प्लान बनाया. गुमटी मार्केट की शौप में उन्हीं के कहने पर मैं ने फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी. उन्होंने ससुर की मौत का सौदा 6 लाख में किया था. मौत की तारीख भी उन्होंने ही तय की थी. उन्हीं के प्लान के तहत मैं ने अपने साथी राजकिशोर के साथ 5 सितंबर की रात हत्या कर दी थी.

कुछ अहम सबूत जुटाने के लिये पुलिस ने विशाल, शालू व सुबत के मोबाइल फोन की कौल डिटेल निकलवाई. तब पता चला कि पिछले 3 माह से विशाल, शालू व उस के पति सुब्रत के संपर्क में था. दोनों के बीच फोन पर हर रोज बातें होती थीं. वीडियो कौल मैसेज भी भेजे जाते थे. विशाल और शालू के बीच चैटिंग भी होती थी. चैटिंग से पुलिस को लगा कि इन्ही चैटिंग से शालू ने विशाल को फंसाया और हत्या के लिए राजी किया. हालांकि ज्यादातर चैट शालू ने डिलीट कर दिए थे हत्या वाले दिन विशाल और शालू देर रात तक संपर्क में रहे. सुब्रत भी विशाल के संपर्क में था.

पुलिस को सबूत मिले तो उन्होंने शालू को गिरफ्तार कर लिया. शालू से पुलिस ने पूछताछ की तो उस में ससुर की हत्या से साफ इंकार कर दिया. उस ने कहा कि विशाल झूठ बोल रहा है. उस ने उसे न तो फ्लैट की ओरिजनल चाबी दी थी और न ही मौत की सुपारी दी थी. लेकिन पुलिस के पास तो अहम सबूत थे. इसलिए शालू को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस को मृतक के बेटे सुब्रत पर भी शक है कि वह भी दोषी है. इसलिए उसे क्लीन चिट नहीं दी. जांच और सबूत जुटाए जा रहे हैं. ठोस सबूत मिलते ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा.

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