जी,हाँ बड़े अपराधियों को तो छोड़िये, छोटा से छोटा अपराधी भी आराम से पुलिस को अपने फिंगरप्रिंट नहीं लेने देता. जबकि पुलिस हमेशा अपराधियों के फिंगरप्रिंट पाने के फिराक में रहती है. यही वजह है कि जब भी पुलिस किसी अपराध के मौका-ए-वारदात में पहुंचती है, तो सबसे पहले फोरेंसिक एक्सपर्ट वहां अपराधियों के फिंगरप्रिंट तलाशते हैं. यह कवायद इसलिए होती है; क्योंकि अगर अपराधी के फिंगरप्रिंट मिल गये तो उसकी पहचान अकाट्य रूपसे आसान हो जाती है. फिंगरप्रिंट का मिलान हो जाने पर कोई अपराधी पुलिस को चकमा नहीं दे सकता.

Tags:
COMMENT