Crime story in hindi : इस लेख में हम आपके लिए लेकर आएं हैं सरिता की top 10 Crime Story in HIndi 2021. इन क्राइम स्टोरी को आप पढ़कर जान पाएंगे कि समाज परिवार और रिश्तों की आड़ में लोग किस तरह अपराध करते हैं. घटना के तह तक जानें के बाद पता चलता है कि कोई अपना ही आपके साथ साजिश रच रहा था. इन Crime story को पढ़कर आप जीवन के कई पहलुओं से परिचित होंगे. तो अगर आप भी क्राइम स्टोरी पढ़ने के शौकिन हैं तो पढ़िए सरिता की Top 10 Crime Story in Hindi

1.Satyakatha : रजनी को भाया प्रेमी

शादी से पहले सुलतान छोटामोटा काम कर के गुजरबसर कर लेता था, लेकिन 3 बच्चों का बाप बन जाने से घर के खर्चे भी बढ़ गए थे. वहीं रजनी की बढ़ती ख्वाहिशों ने उस के खर्चों में काफी इजाफा कर दिया था.
आर्थिक परेशानी से उबरने के लिए वह एक शोरूम में रात के समय चौकीदारी भी करने लग गया था. इस दौरान उसे शराब पीने की भी लत लग गई, जिस की वजह से वह पैसे शराबखोरी में उड़ा देता था. इस के चलते घर की माली हालत डांवाडोल होने लगी थी. यहां तक कि उस ने कई लोगों से कर्ज ले लिया था.उधर जब से कोविड के कारण लौकडाउन लगा, तब से सुलतान की मजदूरी और चौकीदारी का काम भी छूट गया था. इस के बावजूद वह लोगों से पैसा उधार ले कर शराब पी लेता था और हद तो तब हो गई जब अपनी पत्नी रजनी उर्फ कुंजावती को शराब के नशे में जराजरा सी बात पर पीटना शुरू कर देता था.
पति की ये आदतें रजनी को काफी सालती थीं. सुलतान के पड़ोस में अजीत उर्फ छोटू कोरी रहता था. वह रजनी को भाभी कहता था, इसलिए दोनों में हंसीमजाक होता रहता था. रजनी को अजीत से मजाक करने में किसी तरह का संकोच नहीं होता था. एक दिन दोनों हंसीमजाक कर रहे थे तो रजनी ने कहा, ‘‘देवरजी, कब तक इस तरह हंसीमजाक कर के दिन काटोगे? कहीं से घरवाली ले आओ

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2. खून के छींटे : मालिनी किसे देखकर सन्न रह गई थी ?

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मालिनी का रास्ता रोकने वाले सड़क पर गिरे देवानंद की पीठ में 2 और गरदन पर एक गोली लगी थी. वहां से खून निकलना शुरू हो चुका था. अचानक उस के मुंह से खून का थक्का निकला और परनाले सा बह चला. वे दोनों नौजवान बाइक सहित भाग चुके थे. वह उसे सड़क पर छटपटाते देख रही थी, जिस से डर कर वह भागना चाहती थी, अभी वही उसे कातर शिकायती निगाहों से देख रहा था, जैसे वे उसी के आदमी हों, जिन्होंने यह करतूत की थी. समय और हालात कितनी जल्दी बदल जाते हैं. अब वह बिलकुल शांत था. बाजार की भीड़ देवानंद की ओर बढ़ते हुए घेरा बना कर खड़ी हो चुकी थी. सड़क पर अब गाडि़यां तेजी से भागने लगी थीं, ताकि वे किसी बंद वगैरह के चक्कर में न फंसें.

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3.Satyakatha : जीजा के प्यार में खूनी बनी साली

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बरामद लाश को देख कर इतना तो साफ हो गया था कि उस की हत्या कर तालाब में फेंकी गई थी. उस का घर नजदीक के माता चौक पर मल्टी में बताया गया. इस की सूचना मिलते ही मृतक का भाई और परिवार के अन्य सदस्य भी वहां पहुंच गए. उन्होंने ही बताया कि शबाना संजय की ब्याहता पत्नी नहीं है, बल्कि वह उस के साथ पिछले 2 सालों से लिव इन में रह रही थी. उन्होंने हत्या का सीधा आरोप शबाना पर ही मढ़ दिया. घर वालों से शुरुआती पूछताछ के बाद पुलिस ने लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दी.

एसपी (खंडवा) ललित गठरे ने इस केस का खुलासा करने के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया. टीम में टीआई बी.एल. मंडलोई, एसआई राजेंद्र सोलंकी, चौकी इंचार्ज (रामनगर) सुभाष नावड़े, परिणीता बेलेकर, एएसआई रमेश मोरे, हिफाजत अली, हैड कांस्टेबल ललित कैथवास, पंकज सोलंकी, कांस्टेबल ब्रजपाल चंदेल, आकाश जादौन, लक्ष्मी चौहान, निकता तिवारी आदि को शामिल किया.

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4.Crime Story: ममता, मजहब और माशूक

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इस साल भी जनवरी के दूसरे सप्ताह से ही चित्रकूट में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जिन का इंतजार पंडेपुजारियों के अलावा स्थानीय व्यापारी भी करते हैं. कहा जाता है कि मकर संक्रांति की डुबकी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक लाभ पहुंचाती है और यदि डुबकी सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के समय लगाई जाए तो हजार गुना ज्यादा पुण्य मिलता है.

14 जनवरी, 2018 को मकर संक्रांति की डुबकी लगाने के लिए लाखों लोग चित्रकूट पहुंच चुके थे. श्रद्धालु अपनी हैसियत के मुताबिक लौज, धर्मशाला व मंदिर प्रांगणों में ठहरे हुए थे. वजह कुछ भी हो पर यह बात दिलचस्प है कि चित्रकूट आने वालों में बहुत बड़ी तादाद मामूली खातेपीते लोगों यानी गरीबों की रहती है. उन्हें जहां जगह मिल जाती है, ठहर जाते हैं और डुबकी लगा कर अपने घरों को वापस लौट जाते हैं.

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5. Crime Story: बेवफाई की सजा

प्रियंका ने अशोक की कमजोरी का फायदा उठा कर उसे अपनी अंगुलियों पर नचाना शुरू कर दिया. वह सुबह 8 बजे घर से निकलता और फिर रात 8 बजे ही घर लौटता था. वह पूरी पगार प्रियंका के हाथ पर रख देता था.अशोक मूलरूप से सरसौल का रहने वाला था. उस के 2 भाई सर्वेश व कमलेश थे. मातापिता की मृत्यु के बाद तीनोें भाइयों में घर, खेत का बंटवारा हो गया था. कमलेश खेती करता था, जबकि सर्वेश प्राइवेट नौकरी कर रहा था. अशोक की अपने भाई कमलेश से नहीं पटती थी, इसलिए अशोक ने अपने हिस्से की जमीन बंटाई पर दे रखी थी.

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6. Satyakatha : दिल्ली रेप केस – श्मशान में हवस के भेड़िए

पहली अगस्त की शाम के करीब साढ़े 5 बजे लक्ष्मी ने अपने बाबा से जिद की कि उसे खेलने के लिए बाहर जाना है. उस समय घर पर सिर्फ मोहन और उस की बेटी लक्ष्मी ही थे. सुनीता घर पर मौजूद नहीं थी, वह पीर बाबा दरगाह पर थी.मोहन ने अपनी बेटी को उस के खेलने जाने से पहले उसे श्मशान घाट से ठंडा पानी ले कर आने की शर्त रखी. जिस के लिए लक्ष्मी तुरंत मान गई, क्योंकि ये काम गरमियों के समय उन के घर पर हर दिन के रुटीन की तरह ही बन गया था.

मोहन को सब्जी लेने जाना था, इसलिए उस ने तकिए के पास पड़ा थैला उठाया और बोला, ‘‘बेटा, तू जल्दी से पानी ले आ. और हां, ज्यादा देर मत करना आने में. मुझे भी मंडी से सब्जी लेने के लिए जाना है. तेरी मां आएगी तो खाना बनाएगी.’’ उस 9 साल की प्यारी बच्ची ने अपने दोनों हाथों में 2 पानी की छोटी खाली बोतलें उठाईं और अपने पिता से कहा, ‘‘ठीक है बाबा, मैं अभी आती हूं.’’ कह कर वह निकल गई. मोहन को नहीं पता था कि वह अपनी प्यारी सी बच्ची को आखिरी बार देख रहा है.

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7. Satyakatha : ऊंचे ओहदे वाला रिश्ता

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दिल्ली के तिलकनगर इलाके के रहने वाले अशोक कुमार को बेटी के आर्मी में सेलेक्शन के वक्त बधाइयां देने वालों का तांता लग गया था. तब वह खुशी से फूले नहीं समाए. जाहिर है यह बड़े गर्व की बात थी.
साक्षी की शादी नवनीत शर्मा के साथ हुई थी. नवनीत वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर थे. दोनों ही हरियाणा की अंबाला छावनी में तैनात थे. उन का 2 साल का एक बेटा भी था. लोग अशोक कुमार को खुशनसीब इंसान मानते थे. कामयाब बेटी के पिता होने के नाते लोगों का सोचना भी ठीक था, लेकिन किसी इंसान की असल जिंदगी में क्या कुछ चल रहा होता है, इस बात को कोई नहीं जान पाता.

अशोक कुमार के साथ भी कुछ ऐसा ही था. बेटी को ले कर वह परेशान रहते थे. इस की बड़ी वजह यह थी कि बेटी का वैवाहिक जीवन उम्मीदों के विपरीत था. 20 जून, 2021 की रात का वक्त था, जब अशोक कुमार के मोबाइल पर साक्षी का फोन आया. उन्होंने बेटी से बात शुरू की. ‘‘हैलो! साक्षी बेटा कैसी हो?’’
‘‘पापा, यहां कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा, मैं बहुत परेशान हो चुकी हूं.’’ साक्षी के लहजे में परेशानी छिपी हुई थी, जिसे अशोक कुमार ने भांप लिया था. उन्होंने धड़कते दिल से पूछा, ‘‘क्या हुआ बेटा?’’
‘‘पापा, नवनीत मुझे लगातार परेशान करते हैं, हद इतनी हो गई है कि मेरे साथ मारपीट भी की जाती है. पता नहीं कब तक ऐसा चलेगा.’’ वह बोली.

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8. Satyakatha: दूसरे पति की चाहत में

dusre pati ki chahat

घटनास्थल की जांच कर वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराई गई. मृतक की पत्नी मंजू ओझा से भी पूछताछ की गई. मंजू ने बताया कि रात में राकेश ने किसी समय साड़ी का फंदा गले में डाल कर फांसी लगा ली. आज सुबह जब मैं उठ कर कमरे में आई तो इन्हें फांसी पर लटका देख कर नीचे उतारा कि शायद जिंदा हों. मगर यह तो चल बसे थे. इतना कह कर वह फिर रोने लगी.

पुलिस ने वहां मौजूद मृतक के भाइयों और अन्य परिजनों से भी पूछताछ की. पूछताछ के बाद पुलिस को मामला संदिग्ध लग रहा था. आसपास के लोगों ने थानाप्रभारी को बताया कि राकेश आत्महत्या नहीं कर सकता. उसी समय मंजू रोने का नाटक करते हुए पुलिस की बातों को गौर से सुन रही थी. पुलिस वाले जब चुप होते तो वह रोने लग जाती. पुलिस वाले आपस में बोलते तो मृतक की पत्नी चुप हो कर सुनने लगती.
थानाप्रभारी गुरुदत्त सैनी ने संदिग्ध घटना की खबर उच्चाधिकारियों को दे कर दिशानिर्देश मांगे. जयपुर (पश्चिम) डीसीपी प्रदीप मोहन शर्मा के निर्देश पर एडिशनल डीसीपी राम सिंह शेखावत, एसीपी (झोटवाड़ा) हरिशंकर शर्मा ने कालवाड़ थानाप्रभारी से राकेश ओझा की संदिग्ध मौत मामले की पूरी जानकारी ले कर उन्हें कुछ दिशानिर्देश दिए.

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9.Satyakatha : ये कैसी दुश्मनी

ye kaisi dusmani

राजकुमार पांडेय ने पत्नी की बातों को गंभीरता से न लेते हुए कहा, ‘‘इस में इतना परेशान होने की क्या बात है, अपने किसी दोस्त के यहां चला गया होगा. हो सकता है वहां फोन का नेटवर्क न हो.’’
पति की इन बातों से गीता देवी को थोड़ी राहत तो मिली लेकिन मन अशांत ही रहा.
राजकुमार पांडेय ने पत्नी गीता देवी को तो धीरज दे दिया लेकिन अपने काम में उन का भी मन नहीं लग रहा था. उन्होंने अपने चचेरे भाई मनोज कुमार पांडेय को फोन पर सारी बातें बताई और वह घर जल्दी आ गए थे. फिर वह मनोज के साथ मिल कर राज की तलाश में लग गए थे.

अपने आसपास और जानपहचान वालों से पूछताछ करने के बाद जब उन्होंने राज के उन दोस्तों से संपर्क किया, जिन के साथ वह अकसर क्रिकेट खेलने जाया करता था तो उन की बेचैनी और बढ़ गई.उस के साथ क्रिकेट खेलने वाले दोस्तों ने उन्हें बताया, ‘‘अंकल, राज हमारे साथ क्रिकेट खेलने आया तो जरूर था लेकिन वह 2 बजे मैदान से यह कह कर निकल गया था कि 15-20 मिनट में वापस आएगा. मैदान में एक मोटरसाइकिल आई थी. उस पर बैठे लड़के ने जब राज को पुकारा तो वह उस की ओर देख कर मुसकराया था और वह उस की मोटरसाइकिल पर बैठ कर निकल गया तो फिर वापस नहीं आया.’’

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10. Satyakatha : ललिता की खतरनाक लीला

lalita ki kharatnaak

ललिता भी अपनी पसंद के लड़के से नैन लड़ाने लगी. इस के बाद तो दिन प्रतिदिन उस की आकांक्षाएं बढ़ने लगीं तो अनेक लड़कों के साथ उस के नजदीकी संबंध हो गए.दुल्ली के कुछ शुभचिंतक उसे आईना दिखाने लगे, ‘‘तुम्हारी बेटी ने तो यारबाजी की हद कर दी. वह खुद तो खराब है, गांव के लड़कों को भी खराब कर रही है. लड़की जब दरदर भटकने की शौकीन हो जाए तो उसे किसी मजबूत खूंटे से बांध देना चाहिए. जितनी जल्दी हो सके, ललिता का विवाह कर दो, वरना तुम बहुत पछताओगे.’’

अपमान का घूंट पीने के बाद दुल्ली ने एक दिन ललिता को समझाया. उसी दौरान मां राजवती ने ललिता की पिटाई करते हुए चेतावनी दी, ‘‘आज के बाद तेरी कोई ऐसीवैसी बात सुनने को मिली तो मैं तुझे जिंदा जमीन में दफना दूंगी.’’उस समय ललिता ने कसम खा कर किसी तरह अपनी मां को यकीन दिला दिया कि वह किसी लड़के से बात नहीं करेगी.

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