भगवान के दरबार यानी मंदिर में सब एक हैं, यह बात भी भगवान के अस्तित्व की तरह एक अवधारणा भर है. सच यह है कि मंदिर और भगवान सिर्फ पैसों वालों के लिए हैं और एक वर्ग विशेष की खुराफात की देन हैं. इस फलसफे से दूर हुआ यों कि शिवरात्रि के मौके पर साध्वी उमा भारती उज्जैन के महाकाल मंदिर में पूजाअर्चना करने पहुंचीं तो सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने उन्हें गर्भगृह में जाने से रोक दिया.

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